Recent Posts - page 607

  • रिक्शावाला की अजीब कहानी …7

    मैं आश्चर्य चकित हो बस अंजिला को ही देखे जा रहा था | वो किसी भी तरह से विदेशी नहीं लग रही थी | उसके हाव- भाव, सोच -विचार और एक दुसरे के साथ मिलकर रहने और आपस में सहयोग… Read More ›

  • # रिक्शावाला की अजीब कहानी #….6

    आज अंजिला बहुत खुश थी, और खुश क्यों ना हो भला | आज उसके शोध के कुछ पेपर पब्लिश हुए थे और उसे काफी सराहना मिल रही थी | सचमुच उसने अपनी शोध पर बहुत मेहनत  की थी और उसकी… Read More ›

  • रिक्शावाला की अजीब कहानी …5

    आज जब सुबह उठा तो मेरे दिल और दिमाग में एक द्वंद चल रहा था ..क्योकि रघु काका की बात याद आ रही थी … हमें अपने औकात में रहना चाहिए | जब उनसे आशीर्वाद लेने गया था तो उनका… Read More ›

  • रिक्शावाला की अजीब कहानी …..4

    मेरा दिल भी तुझपे क़ुर्बान है क्या तुझमें  बसती  मेरी जान है क्या आँसू से ख़ून होने तक रुलाती है दिल्लगी इतनी भी आसान है क्या.. अंजिला नयी रिक्शा पर बैठते ही पूछा … राजू, तुम “ई- रिक्शा” चला तो… Read More ›

  • रिक्शावाला की अजीब कहानी ….3

    हूँ गरीब,  गरीबी से, अब  तक लड़ता आया हूँ। कुदरत के हर मार को, अब तक सहता आया हूँ।। जो भी बन सका मुझसे, सवाभिमानि बन सब किया, ईमानदारी और मेहनत से, पेट  पालता आया हूँ।। जो किस्मत करता है,… Read More ›

  • # रिक्शावाला की अजब कहानी # ….2

    अंजिला ने पता नहीं क्या जादू कर रखा था कि हमेशा मैं सिर्फ उसके बारे में ही सोचता रहता था | वह मुझे राजेंदर नहीं बल्कि “राजू”  कह कर बुलाती थी, जिसे सुनकर मुझे अपनापन का एहसास होता था |… Read More ›

  • # रिक्शावाला की अजब कहानी #…1

    दोपहर का समय था और मैं ( राजेंदर) खाना खा कर अपने रिक्शा पर बैठा आराम कर रहा था | थोड़ी  ही देर में ही मुझे गुज़रे समय की बातें याद आ रही थी | मैं अपने अतीत में खो… Read More ›

  • # दिल और दिमाग ..किसकी सुनूँ ? #

    आज जब मैं ब्लॉग लिखने बैठा ही था कि मेरे “बिग ब्रदर”  का फ़ोन आ गया | कुछ पारिवारिक बातें  होने लगी |  इसी दौरान मैंने कहा …कुछ फैसले मैं दिल से लेता हूँ और कुछ फैसले दिमाग से |… Read More ›

  • # अनमोल ज़िन्दगी #…

    मौत सही कहती है कि ज़िन्दगी साथ नहीं देती, लेकिन ज़िन्दगी भी तो सही कहती है कि मौत सभी समस्याओं का हल नहीं होती | समस्या और  दुःख तकलीफ से आज हर इंसान दुखी है, परेशान है | कुछ तो… Read More ›

  • # सफलता का रहस्य #

    और वह समय भी आ गया जब तालियों की गड़गड़ाहट के बीच मेरा नाम पुकारा गया…स्टेज पर आकर पुरस्कार स्वरूप ट्राफी ग्रहण करने के लिए | अवसार था, दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में आयोजित बैंक के पुरस्कार वितरण… Read More ›