
यह कविता जीवन की उस भावपूर्ण यात्रा का प्रतिबिंब है, जो जन्म और बचपन से शुरू होकर प्रेम, रिश्तों, सुख-दुःख, पीड़ा, स्वीकार और आशा से गुजरती है। यह हमें याद दिलाती है कि खुशियाँ और दुःख, दोनों ही जीवन की कहानी के अनमोल अध्याय हैं। सार्थक जीवन वही है, जो अपने पीछे प्रेम, करुणा, सद्भाव और कुछ खूबसूरत यादें छोड़ जाए।
जीवन की कहानी
जन्म के साथ ही शुरू होती है,
एक अनकही कहानी,
माँ की कोख से निकलकर,
जब आँखें खोलता है जीवन,
धरती पर लिखी जाती है,
एक नई प्रेम कहानी।
कभी हँसी के फूल खिलते हैं,
कभी आँखों में नमी उतरती है,
सुख-दुःख की पगडंडियों पर,
ज़िंदगी धीरे-धीरे सरकती है।
हर मोड़ पर एक नया सबक,
हर ठोकर कुछ सिखाती है,
वक़्त की बहती धारा में,
इंसानियत आकार पाती है।
प्यार, दोस्ती और रिश्तों से,
जीवन का आँगन सजता है,
अपनों की मीठी बातों से,
मन का हर कोना महकता है।
कभी अपने भी दूर हो जाते हैं,
कभी सपने बिखर जाते हैं,
कुछ दर्द लफ़्ज़ों में ढलते हैं,
कुछ आँसू बनकर बह जाते हैं।
मगर दुःख से कभी हारना नहीं,
अँधेरों से घबराना नहीं,
हर रात के सीने में छिपा,
एक नया सवेरा होता है।
जो दर्द हमें भीतर से तोड़ता है,
वही जीना भी सिखाता है,
हर गिरते हुए इंसान को,
फिर उठने का हौसला देता है।
न कुछ हमेशा अपना है,
न कुछ सदा पराया है,
जो पल हमारे हिस्से आया,
वही जीवन की पूँजी है।
स्वीकार करो हर रंग को,
हर मौसम की अपनी कहानी है,
कभी धूप, कभी छाँव मिले,
यही ज़िंदगी की रवानी है।
जीवन कोई ठहरी राह नहीं,
न ही कोई मुकम्मल अफ़साना है,
हर साँस में एक उम्मीद लिए,
हमें आगे बढ़ते जाना है।
कुछ ख़्वाब अधूरे रह जाएँगे,
कुछ नए ख़्वाब सजाने हैं,
जो मिला, उसके शुक्रगुज़ार रहें,
जो छूटा, उसे भी भुलाना है।
जीवन एक खूबसूरत कहानी है,
हर पन्ने पर एक नई निशानी है,
जब तक साँसों में लय बाकी है,
तब तक कुछ कर गुज़रना है।
अपने अच्छे कर्मों की सुगंध से,
इस दुनिया को महकाना है,
और जाते-जाते भी जीवन में,
प्रेम का एक दीप जलाना है।
कहानी का अंत भले हो जाए,
पर भाव कभी नहीं मरते हैं,
जो दिलों में प्रेम जगाते हैं,
वे यादों में सदा रहते हैं।
जीवन की इस छोटी-सी यात्रा को,
इतना सुंदर बना जाना है,
कि हमारे जाने के बाद भी,
कोई मुस्कुराकर याद करे—
यही जीवन की सच्ची कहानी है।
( विजय वर्मा )
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