स्वस्थ रहना ज़रूरी है ….2

स्वस्थ रहना ज़रूरी है ….2

अच्छी सेहत का अर्थ है कि हम शारीरिक और मानसिक रूप से सेहतमंद है | हर कोई चाहता है स्वस्थ रहना क्योकि अच्छी सेहत किसी भी व्यक्ति के जीवन को व्यवस्थित रखती है |

आप  स्वयं  स्वस्थ रहेंगे तभी भौतिक वस्तुओं का उपभोग कर सकेंगे और ज़िन्दगी को आनंद के साथ जी सकेंगे |

जितना ज़रूरी अच्छी सेहत की आवश्यकता को जानना है उससे ज्यादा ज़रूरी है कि हम अपने को “स्वस्थ कैसे रख सकते है” | आइये कुछ बातों पर गौर करें जिसे अपना कर हम अपने जीवन को स्वस्थ और खुशहाल रख सकते है |

  • १. अच्छे स्वास्थ  के लिए सबसे आवश्यक है… रोज़ सुबह आप कम से कम ३० मिनट का नियमित व्यायाम करें, साथ साथ टहलना और थोड़ी योगा पर भी समय दे..

ऐसा करने से हम अपने को बहुत से शारीरिक समस्या से  दूर रह सकते है |

2. वैसे तो हर उम्र की अपनी समस्याएं होती है | लेकिन ४० वर्ष पश्चात् नियमित जांच साल में एक बार अवश्य कराएँ ताकि कोई भी बीमारी का प्रारंभिक अवस्था में ही पता लगाया जा सके  और उसका उचित इलाज किया जा सके |

 3. शुद्ध और पौष्टिक भोजन बहुत ज़रूरी है | इसके अलावा फल, सब्जी, दूध और  दही, का सेवन करे |

4. सुबह के कामो की आपाधापी में सुबह के नाश्ता को इगनोरे नहीं करे,  समय पर और संतुलित नाश्ता लें |

5. कोई बीमारी पता लगने पर तनाव लेने की बजाये नियमित दवाई ले, डॉक्टर के निर्देश का पालन करे  | मन को मजबूत बनायें व बीमारी को अपने पर हावी होने ना  दें |

6. तनाव लेना छोड़े | छोटी छोटी बातों पर तनाव लेने से बचें…चाहे नौकरी की समस्या हो या आर्थिक या फिर शारीरिक  …सबका कोई ना कोई हल है | समस्या सामने आने पर तनाव लेने के बजाए  समाधान ढूंढ कर उससे निपटने में अपनी उर्जा लगायें |

7. किसी भी तरह के दर्द या परेशानी को झेलते हुए सहनशीलता की मिसाल बनने की बजाए उसका डॉक्टर से निदान करवाएं |

8. अपनी भावनाओं को अपनों के साथ शेयर  करें | अगर कोई नहीं मिलता तो अपनी पर्सनल डायरी में लिख कर अभिव्यक्त करे | आप अपने को हल्का और प्रसन्न महसूस करेंगे |

9. दिमाग को शांत व चित को प्रसन्न रखने का प्रयास करें | इसके लिए मैडिटेशन और योगा को अपनाएँ |

10. मन को हमेशा सकारात्मक सोच व प्रसन्नता से भरा रखे तभी शारीर पूर्ण स्वस्थ रहेगा और दिमाग में व्यर्थ के नकारात्मक विचारों को न आने दें |

11. हर पल अपने आप को एक सन्देश देते रहें…. “मैं बिलकुल ठीक हूँ , मैं सब कुछ कर सकता हूँ, सब अच्छा होगा | आप सुबह सुबह affirmation और visualization का प्रैक्टिस करें |

12. नशीले पदार्थ का सेवन बिलकुल ना करें | और ऐसी कोई ऐसी आदत है तो धीरे धीरे कम करने का प्रयास करें |

12. सब कुछ ठीक होने पर भी कभी कभी स्वास्थ में विकार आ जाये तो परेशान, निराश, उदास नहीं होना चाहिए और ना ही हमेशा उसी के बारे में सोचना चाहिए बल्कि उसे जीवन का एक पड़ाव व हिस्सा मान  सहजता से स्वीकार करना चाहिए |

इसके आलावा भी आयुर्वेद के अनुसार बहुत सी खाने की चीज़ हमारे आस पास मौजूद है जिसको अपनी दिनचर्या में उपयोग कर हम अपने शारीर को निरोगी रख सकते है ..

*आंवला*

किसी भी रूप में थोड़ा सा

आंवला हर रोज़ खाते रहे,

जीवन भर उच्च रक्तचाप

और हार्ट फेल नहीं होगा।

*मेथी *

मेथीदाना पीसकर रख ले।

एक चम्मच एक गिलास

पानी में उबाल कर नित्य पिए।

मीठा, नमक कुछ भी नहीं डाले।

इस से आंव नहीं बनेगी,

शुगर कंट्रोल रहेगी और

जोड़ो के दर्द नहीं होंगे

और पेट ठीक रहेगा।

 *नेत्र स्नान*

मुंह में पानी का कुल्ला भर कर

नेत्र धोये।

ऐसा दिन में तीन बार करे।

जब भी पानी के पास जाए

मुंह में पानी का कुल्ला भर ले

और नेत्रों पर पानी के छींटे मारे, धोये।

मुंह का पानी एक मिनट बाद

निकाल कर पुन: कुल्ला भर ले।

मुंह का पानी गर्म ना हो इसलिए

बार बार कुल्ला नया भरते रहे।

भोजन करने के बाद गीले हाथ

तौलिये से नहीं पोंछे।

आपस में दोनों हाथो को रगड़ कर

चेहरा व कानो तक मले।

इससे आरोग्य शक्ति बढ़ती हैं।

नेत्र ज्योति ठीक रहती हैं।

 *शौच*

ऐसी आदत डाले के नित्य

शौच जाते समय दाँतो को

आपस में भींच कर रखे।

इस से दांत मज़बूत रहेंगे,

तथा लकवा नहीं होगा।

 *छाछ*

तेज और ओज बढ़ने के लिए

छाछ का निरंतर सेवन

बहुत हितकर हैं।

सुबह और दोपहर के भोजन में

नित्य छाछ का सेवन करे।

भोजन में पानी के स्थान पर

छाछ का उपयोग बहुत हितकर हैं।

*सरसों तेल*

सर्दियों में हल्का गर्म सरसों तेल

और गर्मियों में ठंडा सरसों तेल

तीन बूँद दोनों कान में

कभी कभी डालते रहे।

इस से कान स्वस्थ रहेंगे।

 *निद्रा*

दिन में जब भी विश्राम करे तो

दाहिनी करवट ले कर सोएं। और

रात में बायीं करवट ले कर सोये।

दाहिनी करवट लेने से बायां स्वर

अर्थात चन्द्र नाड़ी चलेगी, और

बायीं करवट लेने से दाहिना स्वर

अर्थात सूर्य स्वर चलेगा।

*ताम्बे का पानी*

रात को ताम्बे के बर्तन में

रखा पानी सुबह उठते बिना

कुल्ला किये ही पिए,

निरंतर ऐसा करने से आप

कई रोगो से बचे रहेंगे।

ताम्बे के बर्तन में रखा जल

गंगा जल से भी अधिक

शक्तिशाली माना गया हैं।

*सौंठ*

सामान्य बुखार, फ्लू, जुकाम

और कफ से बचने के लिए

पीसी हुयी आधा चम्मच सौंठ

और ज़रा सा गुड एक गिलास पानी में

इतना उबाले के आधा पानी रह जाए।

रात को सोने से पहले यह पिए।

बदलते मौसम, सर्दी व वर्षा के

आरम्भ में यह पीना रोगो से बचाता हैं।

सौंठ नहीं हो तो अदरक का

इस्तेमाल कीजिये

*टाइफाइड*

चुटकी भर दालचीनी की फंकी

चाहे अकेले ही चाहे शहद के साथ

दिन में दो बार लेने से

टाइफाईड नहीं होता।

*ध्यान*

हर रोज़ कम से कम 15 से 20

मिनट मैडिटेशन ज़रूर करे।

 *नाक*

रात को सोते समय नित्य

सरसों का तेल नाक में लगाये।

हर तीसरे दिन दो कली लहसुन

रात को भोजन के साथ ले।

प्रात: दस तुलसी के पत्ते और

पांच काली मिर्च नित्य चबाये।

सर्दी, बुखार, श्वांस रोग नहीं होगा।

नाक स्वस्थ रहेगी।

*मालिश*

स्नान करने से आधा घंटा पहले

सर के ऊपरी हिस्से में

सरसों के तेल से मालिश करे।

इस से सर हल्का रहेगा,

मस्तिष्क ताज़ा रहेगा।

रात को सोने से पहले

पैर के तलवो, नाभि,

कान के पीछे और

गर्दन पर सरसों के तेल की

मालिश कर के सोएं।

निद्रा अच्छी आएगी,

मानसिक तनाव दूर होगा।

त्वचा मुलायम रहेगी।

सप्ताह में एक दिन पूरे शरीर में

मालिश ज़रूर करे।

 *योग और प्राणायाम*

नित्य कम से कम आधा घंटा

योग और प्राणायाम का

अभ्यास ज़रूर करे।

*हरड़*

हर रोज़ एक छोटी हरड़

भोजन के बाद दाँतो तले रखे

और इसका रस धीरे धीरे

पेट में जाने दे।

जब काफी देर बाद ये हरड़

बिलकुल नरम पड़ जाए

तो चबा चबा कर निगल ले।

इस से आपके बाल कभी

सफ़ेद नहीं होंगे,

दांत 100 वर्ष तक निरोगी रहेंगे

और पेट के रोग नहीं होंगे।

 *सुबह की सैर*

सुबह सूर्य निकलने से पहले

पार्क या हरियाली वाली जगह पर

सैर करना सम्पूर्ण स्वस्थ्य के लिए

बहुत लाभदायक हैं।

इस समय हवा में प्राणवायु का

बहुत संचार रहता हैं।

जिसके सेवन से हमारा पूरा शरीर

रोग मुक्त रहता हैं और हमारी

रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती हैं।

 घी खाये मांस बढ़े,

अलसी खाये खोपड़ी,

दूध पिये शक्ति बढ़े,

भुला दे सबकी हेकड़ी।

तेल तड़का छोड़ कर

नित घूमन को जाय,

मधुमेह का नाश हो

जो जन अलसी खा |

इन सब बताये गए नियमों का पालन कर हम अपने शारीर और मन दोनों को स्वस्थ रख सकते है |

आप स्वस्थ रहे , प्रसन्नचित रहे , ऐसी कामना करता हूँ |

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Our Mental and Emotional health

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Now a days it is being seen that the corona is beginning to take frightful form every day, due to which everyone is living in fear and we all are going through terrible stress.

More and more people are not dying of disease itself, but due to unmanageable stress of the pertaining situations. We are suffering from the stress and anxiety due to abnormal situation of lock down.

In such situation, mental and emotional health has paramount importance for our overall health and immunity.

Nowadays most of us take part in some kind of activity to be physically healthy – like going to gym, walking, swimming or playing in the field etc. Similarly, to maintain mental and emotional health of all of us, some activities should also be included ………….

There is usually a misconception that having no mental health disorder means that the person is mentally and emotionally healthy. Experts say that not only depression, anxiety, or other disorder, does not necessarily mean that the person is mentally or emotionally healthy. Come find out what are the signs of being mentally healthy of a person..

Why invest in our emotional health?

Managing emotions and maintaining emotional balance is an important skill. Lack of emotion regulation skills can lead to poor health, relationship difficulties, and mental health problems. Staying mentally and emotionally healthy helps us to face challenges, stresses and failures and also boost our immunity.


It prepares us to do more tasks in daily life. A person who is mentally and emotionally healthy is able to make eye contact with himself and with others, is also more equipped to face the challenges that life brings.

Bengaluru-based counsellor Maulika Sharma says that “we have to face challenges, and we have to deal with people and things we don’t like. We try to control our situations when we only do things around us. We can control our interpretation. The more we are able to accept the challenges, the more mentally and emotionally healthy we can become “.

Take care of your mental well-being. The idea of ​​taking care of your mental well-being can seem vague, complex or challenging. However, experts say that you can take care of your mental well-being by incorporating some simple daily activities into your routine, or making some minor changes in your lifestyle. Here are some ways you can start:

1. Take care of your physical health :

Physical health plays an important role in ensuring that you are mentally healthy. By eating well, getting enough rest and exercise, and actively taking care of physical health, you can stay healthy.

Fresh nutrient rich food helps the body to cope with daily stress. Foods rich in vitamin B-12 and omega 3 fatty acids keep the levels of mood regulating chemicals high in the brain.


It is also important to get adequate rest; The body fixes its daily wear and tear while we are sleeping. Lack of sleep can make you feel tired, stressed and sick. Adequate exercise also improves appetite, and helps you get enough sleep which is important for your mental well-being.


2. Exercise and get some fresh air :

In the morning, we should enjoy a morning walk in the nearby parks and get fresh air and exercise . We know that the Sunlight increases serotonin production in the brain – a chemical that regulates mood. Staying in sunlight daily helps in avoiding depression..

Physical activity is also beneficial for the brain. Exercise increases energy, reduces stress and mental fatigue. Find an activity that you enjoy so that this process can be exciting for you.

3. Take care of yourself :

Taking care of yourself is an essential part of mental and emotional well-being. Expressing your feelings in a constructive way makes it easier to face stress and conflict. Set aside time for yourself; Look at your emotional needs, read good book, satisfy yourself, or just relax and be free without worrying about your daily tasks.

Separate your gadgets and pay attention to what is happening around you while becoming more conscious. “Being more conscious means being in the present without thinking too much about the past or the future; choose who you want to respond to, rather than drifting away with whatever appears to be in your mind or experience. ;

Focusing one place at a time, while remaining unconcerned, have an attitude of impermanence towards things and situations. It helps to be open to experiences and not to be overly influenced. ” Says Dr. M. Manjula, Additional Professor of Clinical Psychology, NIMHANS.

4. Stay close to people with whom you enjoy :

Spending time with people you love and whom you get along with, brings a feeling of being valued and appreciated. Having healthy relationships with your friends, family, colleagues and neighbours will help you in emotional health

Plan to have lunch with a colleague or spend some time with an unseen friend. It is true that,  no technology can replace a smile or a hug to a beloved.

5. Engage in a hobby, or a new activity :

Participating in activities that make you happy, helps you stay busy and happy. It keeps your mind busy and can help express your feelings, especially the one you find difficult to share with others. Hobbies can help relieve your stress and increase self-esteem.

Trying out new activities, helps keep the perspective fresh, and keeps you busy taking steps outside your comfort zone. The learning process helps to change patterns of thinking as you focus on new skills. Picking a new skill is a challenge for you, your concentration level increases, and you love learning something new. It also boosts your confidence in you being able to face new situations, new challenges and new people.

6. Handle stress :

We all have certain people or events that cause stress. Identify these reasons, retry the evaluation of those situations to reinterpret them. In some situations you can try to stay away from stress-causing situations, but this is not always effective or possible.

Sometimes, stress can also be caused by a lack of strategies to handle certain situations or life events. This is why it is a necessity to learn skills to address your stress.

“If you know that exams increase stress, then you should learn how to keep the exam in perspective so that it does not become an event that defines your life, because the exam is something that will be faced.

In some cases, Stress-causing situations can be avoided, but you need to be able to differentiate which situations can and cannot be avoided. Make strategies to manage your stress so that you can take better care of yourself including trusting, reinterpretations of your situation, meditation, walking, listening to music, exercising, etc.,

7. Accept Yourself and Have Faith :

It is the fact that, We are all different, and we all have our strengths and weaknesses. Identifying and acknowledging your strengths and acknowledging your weaknesses gives you the courage to believe in yourself and the strength to move forward.

Each one has weaknesses, and you also have;

You can choose to change the weaknesses that you do not like or to accept the weaknesses you can live with. But accepting that you have some weaknesses like everyone else does .

That it is okay that you are less than perfect is an important component of your mental and emotional well-being. Set realistic goals. Try to know your abilities and create boundaries accordingly.

Prioritize and learn to say ‘no’ when overwhelmed. Know that you are fine and you able to do that …

8. Count your blessings :

This may sound like a cliché, it is true that when you are grateful for what you have, your attention shifts from what you do not have. Studies show that when you are grateful for what you have, it helps you stay optimistic about the future and boosts your mental health. Keep a thank you journal.


Before going to sleep every night, write what you are thankful for that day. If you allow yourself to be grateful and count blessings, you will realize that there is no day when you have not been thankful to someone, no matter what the circumstances.

9. Express Yourself :

Many times, we are shy in expressing negative feelings , about what we are feeling, and expressing what we like or don’t like reduces the congestion of our mind. Suppressing our emotions is a coping strategy for many of us, yet it can be harmful.

Research suggests that suppressing emotions can actually make emotions stronger. This can cause more stress. Displacement of emotion can occur on something trivial or unrelated. Emotion suppression can cause depression or anxiety disorders.

Even emotions like anger and sadness are worthy of expression. All we need to know is how to express so that it does not wreak havoc on us, our relationships and the environment. No emotion is good or bad by itself.

Every emotion is important and necessary. The intensity of the experience, and how it was expressed (too much or too little), the justification of the expression, and the frequency of the emotion, make it healthy or unhealthy”says Dr. Manjula.

10 Call for help when you feel underwhelmed :

There is no one on the whole earth whose life is independent of stress, anxiety or bad mood. When you feel sad, challenged, frustrated, confused, angry, or just nervous and unable to cope, talk to someone you can trust – spouse, friend, parent, sibling, or relative if It is possible.

If you feel that more support is needed, go to a physician or counselor. The sooner you arrive, the better.

Remember that there is no shame in asking for help – it is a sign of great strength, not weakness, as it often is. You do not have to face the challenges of life alone. Flexible people use the available support systems to take care of themselves…

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Talking to Yourself Is a Good Thing

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What is positive self-talk?

Self-talk is your internal dialogue. It’s influenced by your subconscious mind, and it reveals your thoughts, beliefs, questions, and ideas.

Self-talk can be both negative and positive. It can be encouraging, and it can be distressing. Much of your self-talk depends on your personality. If you’re an optimist, your self-talk may be more hopeful and positive. The opposite is generally true if you tend to be a pessimist.

Positive thinking and optimism can be effective stress management tools. Indeed, having a more positive outlook on life can provide you with some health benefits. For example, one 2010 study shows optimists have a better quality of life.

If you believe your self-talk is too negative, or if you want to emphasize positive self-talk, you can learn to shift that inner dialogue. It can help you be a more positive person, and it may improve your health.

Why is it good for you?

Self-talk can enhance your performance and general well-being. For example, research shows self-talk can help athletes with performance. It may help them with endurance or to power through a set of heavyweight.

Furthermore, positive self-talk and a more optimistic outlook can have other health benefits, including:

•        Increased vitality

•        Greater life satisfaction

•        Improved immune function

•        Reduced pain

•        Better cardiovascular health

•        Better physical well-being

•        Reduced risk for death

•        Less stress and distress

It’s not clear why optimists and individuals with more positive self-talk experience these benefits. However, research suggests people with positive self-talk may have mental skills that allow them to solve problems, think differently, and be more efficient at coping with hardships or challenges. This can reduce the harmful effects of stress and anxiety.

How does it work?

Before you can learn to practice more self-talk, you must first identify negative thinking. This type of thinking and self-talk generally falls into four categories:

•        Personalizing. You blame yourself for everything.

•        Magnifying. You focus on the negative aspects of a situation, ignoring any and all of the positive.

•        Catastrophizing. You expect the worst, and you rarely let logic or reason persuade you otherwise.

•        Polarizing. You see the world in black and white, or good and bad. There’s nothing in between and no middle ground for processing and categorizing life events.

When you begin to recognize your types of negative thinking, you can work to turn them into positive thinking. This task requires practice and time and doesn’t develop overnight. The good news is that is to be done. 2012 study shows even small children can learn to correct negative self-talk.

What are some examples?

These scenarios are examples of when and how you can turn negative self-talk into positive self-talk. Again, it takes practice. Recognizing some of your own negative self-talk in these scenarios may help you develop skills to flip the thought when it occurs.

Negative: I’ll disappoint everyone if I change my mind.

Positive: I have the power to change my mind. Others will understand.

Negative: I failed and embarrassed myself.

Positive: I’m proud of myself for even trying. That took courage.

Negative: I’m overweight and out of shape. I might as well not bother.

Positive: I am capable and strong, and I want to get healthier for me.

Negative: I let everyone on my team down when I didn’t score.

Positive: Sports are a team event. We win and lose together.

Negative: I’ve never done this before and I’ll be mad at it.

Positive: This is a wonderful opportunity for me to learn from others and grow.

Negative: There’s just no way this will be work.

Positive: I can and will give it my all to make it work.

How do I use this on a daily basis?

Positive self-talk takes practice if it’s not your natural instinct. If you’re generally more pessimistic, you can learn to shift your inner dialogue to be more encouraging and uplifting.

However, forming a new habit takes time and effort. Over time, your thoughts can shift. Positive self-talk can become your normal. These tips can help:

•        Identify negative self-talk traps. Certain scenarios may increase your self-doubt and lead to more negative self-talk. Work events, for example, may be particularly hard. Pinpointing when you experience the most negative self-talk can help you anticipate and prepare.

•        Check in with your feelings. Stop during events or bad days and evaluate your self-talk. Is it becoming negative? How can you turn it around?

•        Find the humor. Laughter can help relieve stress and tension. When you need a boost for positive self-talk, find ways to laugh, such as watching funny animal videos or a comedian.

•        Surround yourself with positive people. Whether or not you notice it, you can absorb the outlook and emotions of people around you. This includes negative and positive. So chooses positive people when you can.

•        Give yourself positive affirmations. Sometimes, seeing positive words or inspiring images can be enough to redirect your thoughts. Post small reminders in your office, in your home, and anywhere you spend a significant amount of time.

When should I seek support?

Positive self-talk can help you improve your outlook on life. It can also have lasting positive health benefits, including improved well-being and a better quality of life. However, self-talk is a habit made over a lifetime.

If you tend to have negative self-talk and err on the side of pessimism, you can learn to change it. It takes time and practice, but you can develop uplifting positive self-talk.

If you find you’re not successful on your own, talk with a therapist. Mental health experts can help you pinpoint sources of negative self-talk and learn to flip the switch. Ask your health care provider for a referral to a therapist, or ask a friend or family member for a suggestion.

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STAY AT HOME

Our Prime Minister has announced a 21 day complete lockdown across India to control the spread of coronavirus, which has killed over 17,000 across the globe. And eleven in India till date.

Now, All out efforts are being made to win the war against this epidemic.

We have been advised to stop our movement  and to stay indoors so as to break the chain of epidemic spread.

There is going to have impact on many areas including mental and physical health problem.

In a move that would have been unthinkable just months ago, quarantine and social distancing have now become commonplace globally as governments make concerted efforts to fight the spiraling coronavirus outbreak.

Symptoms may include:

— Fear and worry about your own health

— Changes in sleep or eating patterns

— Difficulty sleeping or concentrating

— Worsening of chronic health problems

— Increased use of alcohol, tobacco, or other drugs

Recognizing the problem, the World Health Organization this week released guidance on how people can protect their mental health during the outbreak.

“Humans are social animals,” professor Ian Hickie at the University of Sydney’s Brain and Mind Centre told CNBC Make It. “Prolonged quarantine or social isolation (without compensatory methods in place) will exacerbate anxiety, depression and a sense of helplessness.  

However, as more and more people face the prospects of several weeks of quarantine or social distancing, individuals will also have to establish their own ways of preserving their mental health at home.

CNBC Make It compiled the advice of psychology experts, as well as several health bodies, to find out their top tips:

· Create a daily routine — Change out of your pajamas, shower and make a to-do list of all the things you want to achieve each day to create a sense of normality and productivity.

· Break up your day — Find tasks to break up your day and, where possible, change your environment for different activities.

· Take care of your body — Eat healthily, get plenty of sleep and exercise daily. That could include conducting indoor workout classes, stretching and practicing meditation.

· Help others — If you’re not under strict isolation rules yourself, and you’re in a position to do so, find ways to support those in need by offering to run errands and collect supplies for them.

· Stay connected — Make the most of technology and stay in touch with colleagues, friends and family via phone calls, texts, social media and video conferencing.

· Limit media intake — Stay informed about the situation via reliable sources, but limit your news and social media intake to avoid feeling overwhelmed.

· Prepare medical supplies — The National Alliance on Mental Illness advises, where necessary, asking your doctor for extended prescription supplies to tide you over for quarantine periods.

·  Fight boredom — Make the most of catching up TV series, reading and exploring projects you have been putting off  to beat boredom and stay mentally active.

· Avoid burnout — Set strict limits to your work to avoid becoming overwhelmed and make time to unwind.

Dibrugarh: A medic official uses thermal screeing device on a passenger in the wake of deadly coronavirus, at an airport in Dibrugarh, Saturday, March 7, 2020. (PTI Photo) (PTI07-03-2020_000076B)

·  Focus on the positives — Amplify good news stories and honor caregivers working tirelessly to resolve the situation. Also think  All news about coronavirus is not bad news.. update yourself with some good news …….

  1. China has closed its last coronavirus hospital not enough new cases to support them
  2. Doctors  in India have been successful in treating coronavirus. Combination of drug used..Lopinavir, retonovir , oseltamivir along with chloroquine..They are going to suggest same medicine globally.
  3. Researchers of the Erasmus medical center claim to have found an antibody against coronavirus.
  4. A 103 year old Chinese grandmother has made a full recovery from covid-19 after being treated for 6 days in Wuhan china.
  5. Apple reopens all 42 stores..
  6. Cleveland clinic developed a covid-19 test that gives results in hours, not days..
  7. Good news from south Korea  where the number of new cases is declining
  8.  Italy is hit hard, experts say, only because they have the oldest population in Europe and also has a strong textile  garment industry trade  relation with china specially with wuhan province in china
  9. Scientist in Israel likely to announce the development of a coronavirus vaccine.
  10. In Kenya ,no one has died of coronavirus infection
  11. Three Maryland coronavirus patient fully recovered, able to return to everyday life.
  12. A network of Canadian scientist is making excellent progress in covid-19 research.
  13. A San Diego biotech company is developing a covid-19 vaccine in collaboration with Duke University. Of Singapore.
  14. Tulsa county’s first positive covid-19 case has recovered. This individual has had two negative tests .which is the indicator of recovery.
  15. All 17 patients who were getting treated for coronavirus at safdargung hospital in new Delhi has recovered
  16. Plasma from newly recovered patients from covid-19 can treat others infected by covid -19 .
  17. In Gurugram 11 Italian tourist recovered from covid-19 and discharged.
  18.  During last 24 hrs. there is no fresh case of coronavirus detected

And finally No more rumors please. India got its corona dashboard…updating every 4 hours..

http://www.covid19india.org

 “Stay in contact with people — virtually — engage in activities that give you pleasure and a sense of meaning, and do what you can to help others, which is a remarkable antidote to depression.”

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जनता कर्फ्यू

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जब मैं 60 साल  की उम्र पार किया और जॉब से रिटायर हुआ था तो मुझे  लगने लगा था कि अब ज़िन्दगी खत्म सी हो गयी है / ज़िंदा तो है पर ज़िन्दगी नही है,/  ऐसा महसूस होता था जैसे  हमारी अहमियत कम हो गई है /

आज थोडा अलग तरह का प्रतीत होता लग रहा है, क्यों कि आज ही सबह सुबह एक शुभ चिन्तक का  फ़ोन आया और वो दस हिदायतें देने लगा कि COVID-19 से बच के रहें, बहुत ही deadly है और सबसे बड़ी बात है कि 60 साल  के ऊपर वाले ही ज्यादा रिस्क पर है / फिर क्या, आज मुझे अचानक ज़िन्दगी से प्यार हो गया और जितने भी इससे जुडी जानकारी है उसे पढने में लगा हूँ .. मैंने आज पढ़ा ..

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हम सब एक भयानक दौड से गुजर रहे है / इस COVID -19 से हमारे जीवन में भूचाल आ गया है…  हर दिन इसके चपेट में आने वालों की संख्या बढती जा रही हैं / सभी लोग घबराये नज़र आ रहे है, समझ में नहीं आ रहा कि क्या करें और क्या नहीं / ..क्योंको कोई मरना नहीं चाहता है / सभी के चेहरे पर एक डर का भाव नज़र आ रहा है ,.और वो एक कहावत कि …

जो डर गया समझो मर गया, आज यह कहावत बेमानी लगती है और सच तो यह है कि जो डर गया, वही  समझो बच गया / अगर हमें COVID -19 के खिलाफ युद्ध लड़ना है तो हमें इससे डरना होगा और जो लोग डर के कारण दिशा- निर्देशों का पालन करेंगे वह सचमुच सुरक्षित रहेंगे और साथ साथ दूसरों को भी सुरक्षित रख सकेंगे /

हालाँकि अभी भी समाज के कुछ सिरफिरे लोग ऐसे है जिन्हें इससे डर नहीं लगता और पार्टी कर रहे थे और अभी पता चला है कि वो लोग खतरे में आ गए है, जी हाँ,  मैं बात कर रहा हूँ कनिका कपूर की … .”kanika Kapoor tests positive for COVID-19 in Lucknow…All those present at these parties are likely to be screened, her apartment complex in lucknow is under  lockdown and all the residents and domestic help are being tasted… ..

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अब हमें सरकार और डॉक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना है और आज रविवार को मैं “जनता कर्फ्यू” का पालन कर रहा हूँ  और आप सभी से अनुरोध है कि आप सभी घर पर रहे, स्वस्थ रहे, खुश रहे और सुरक्षित रहे / कही नहीं जाए, फ़ोन पर एक दुसरे के कांटेक्ट में रहे / कोरोना को हराना है, सुरक्षित रह कर भारत को बचाना है /

Social Distancing

जब से कोरोना वायरस का प्रकोप फैला है, सभी ओर  से यही सुनने में आ रहा है कि बाजार बंद कर दिए हैं, मंदिर में पट बंद हैं, शादी पार्टी पर रोक लगा दी गई है, लोगों से कहा जा रहा है कि जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें, दफ्तर बंद कर दिए गए हैं और कर्मचारियों को घर से ही काम करने के लिए कहा जा रहा है, स्कूल-कॉलेज तो बंद ही हैं। कोरोना वायरस पीड़ित तमाम देशों के बाद अब भारत में भी यही हो रहा है। इसे सोशल डिस्टेंसिंग नाम दिया गया है, जिसकी दुनियाभर में चर्चा है।

एम्स के डॉ. अजय मोहन के अनुसार, कोरोना वायरस के सम्पर्क में आने से खुद को बचाना ही इस संक्रमण की रोकथाम का सबसे अच्छा तरीका है। सोशल डिस्टेंसिंग इसका सबसे अच्छा तरीका है। आसान शब्दों में कहें तो खुद को समाज से दूर कर लेना। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनके प्रशासन ने इसके लिए 15 दिन का समय तय किया है। यानी लोगों से कहा जा रहा है कि वे 15 दिन के लिए खुद को घरों में कैद कर लें। हालांकि, वहां के सर्जन जर्नल जेरोम एडम्स का कहना है कि यह बीमारी जिस हद तक फैल चुकी है, 15 दिन की सोशल डिस्टेंसिंग पर्याप्त नहीं होगी। एनबीसी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि 15 दिन इस बीमारी से पीछा छुड़ाने के लिए काफी नहीं होंगे, लेकिन अभी हमें इस दिशा में ही आगे बढ़ना होगा। बता दें, अमेरिकी के सभी 50 राज्यों में कोरोना वायरस फैल चुका है और अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

कई महीने तक करना पड़ सकता है ऐसा…

वहीं इम्पीरियल कॉलेज लंदन के ताजा अध्ययन के अनुसार, हो सकता है कि आने वाले दिनों में पूरी दुनिया को कुछ महीनों तक सोशल डिस्टेंसिंग अपनाना पड़े। हावर्ड यूनिवर्सिटी में इन्फेक्शियस डिजिज मॉडलिंग की एक्सपर्ट मार्क लिपिस्टेक के अनुसार, अभी तो यही सबसे अच्छा उपाय है। चीन ने वुहान में इसी तर्ज पर सब बंद करके हालात काबू पाए हैं। इटली की सड़कें इसी कारण सूनी पड़ी हैं। फ्रांस में हजारों पुलिसकर्मी सड़कों पर उतारे हैं, ताकि लोगों को बाहर निकालने से रोका जा सके।

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ऐसे अपना सकते हैं सोशल डिस्टेंसिंग…

सोशल डिस्टेंसिंग के दौरान घर में रहें। बच्चों को स्कूल-कॉलेज न भेजें। भीड़ भरे स्थानों पर जाने से बचें। शादी और पार्टी का आयोजन न करें, ना ही इनका हिस्सा बनें। पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने से बचें। उन देशों की यात्रा बिल्कुल न करें, जहां कोरोना वायरस फैल चुका है। भारत के लगभग सभी राज्य प्रशासन द्वारा इस तरह के आदेश जारी किए जा चुके हैं। लोगों को एक स्थान पर जुटने से रोकने के लिए धारा 144 लागू कर दी गई हैं।

सोशल डिस्टेंसिंग के दौरान क्या करें…

सोशल डिस्टेंसिंग के दौरान अपने ऑफिस या घर का जरूरी काम तो करें, लेकिन अपनी सेहत पर पूरा ध्यान रखें। कोरोना वायरस से बचने के जरूरी नियमों का पालन करें जैसे अपनी और घर की साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखें, समय-समय पर हाथ धोते रहें, सेनिटाइजर का इस्तेमाल करें, बाहर का खाना न खाएं, योग और प्राणायाम करते रहें, पर्याप्त मात्रा में आराम करें।

और अब अंत में यही कहना चाहता हूँ कि…

हम भारतीयों को अपने परिवार, अपने रिश्तेदार, अपने बच्चे, अपने करीबी दोस्तों, अपने समाज को बचाने के लिए अपना कर्त्तव्य, अपना फ़र्ज़ निभाना होगा और आज हमें उन लोगो का धन्यवाद् यापन करना है जो बिना अपनी जान की परवाह किए, लोगो की जान बचाने में महीनो से जुटे है, तालियाँ बजा कर , शंख बजा कर घंटियाँ बजा कर ….इस तरह उनका मनोबल बढ़ा सकते है /

आज हमें एक भारतीय जवान की तरह अपनी लड़ाई कोरोना virus से करने का मौका मिला है.. आइये साथ मिल कर इस पर जीत की  गारंटी सुनिश्चित करें …

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Ikigai : Secret to Happy Life

Today,  I woke up at  5.00 am in the morning and was thrilled to know that my blogs  has achieved  4000 views in just two months and am going to publish my 90th blog Post today. This is enough to keep me inspiring as a beginner.  In fact, every morning I used to see the comments and views on my blog,  thrilled and  feel excited throughout the day about my new hobbies . I want  to compare  this happiness  with the terms…  IKIGAI, a Japanese philosophy that translate to the reason you get up in the morning and could add several good years of your life. According  to longevity expert dan buettner, he add that….science has linked  having a purposeful  life  with longer life expectancy,  better sleep and lower rates of chronic illness. Ikigai is broadly speaking the balance found at the intersection between your passion, mission, vocation and profession i.e. what you love, what the world needs, what you are good at and what you get paid for. It is all about finding your passion and then finding through which to pursue it ..

IKIGAI describing  THE JAPANESE secret to live long and happy life. There is an island in japan called okinawa .there are more people above age of 100 than the global average. The inhabitant of this island, in south of japan live longer than the people anywhere else in the world .But how ? They are doing the work differently.

According to Dan Buettner, author of Blue Zones: Lessons on Living Longer from the People Who’ve Lived the Longest, as he suggests making three lists:

(1) your values,   (2) things you like to do, and (3) things you are good at. The cross section of the three lists is your Ikigai.

Discovering your own Ikigai is said to bring fulfilment, happiness and make you live longer.

Do you want to find your Ikigai? Ask yourself the following four questions:

1. What do I love?

2. What am I good at?

3. What can I be paid for now — or something that could transform into my future hustle?

4. What does the world need?

Find your answer and send through comments to discuss further..

However, In their book Ikigai The Japanese Secret to a Long and Happy Life, HectorGarcia and Francesc Miralles break down the ten rules that can help anyone find their own ikigai. We should consider and follow that rules to make our life happy.

1. Stay active and don’t retire :  They cultivate their own vegetables . They walk a lot and do the physical activity every day. They are very active throughout their life, they don’t retire. Our human body is design to move, movement is the fundamental aspect of life. Our body Movement affects everything. From circulation to digestion and metabolism to immunity.

2. Leave urgency behind and adopt a slower pace of life : They follow the rules of life and do the work with passion ..

3. Only eat until you are 80 per cent full : They follow the disciplined life and so follow the rules  of their meals.

4. Surround yourself with good friends : They spend evenings with their friends and their neibour and spend time in community gathering and events . Before the era of Internet and social media, we also use to spend more time physically connecting with friends and used to have great conversations and laughter and have chaupal and common pace for gathering called clubs.

5. Get in shape through daily, gentle exercise : Daily exercise and morning walk is necessary to keep us fit.

6. Smile and acknowledge people around you : . We need real conversation, real engagement. People who are emotionally connected to family, friends and the community, they are happier, healthier and leave longer than the people are less connected. Treat everyone like a friend even if you have never met them before.

7. Reconnect with nature : The nature is a better healer, they do agriculture and connected with the nature. We should have leisure period in life to reconnect with the nature

8. Give thanks to anything that brightens our day and makes us feel alive.: Yes, create habit of it .

9. Live in the moment : Create your passion and reason to jump out of bed each morning . Do the thing  what you love, what can you good at, what can be paid for and what make you excited and happy.

10. Follow your Ikigai : first find your IKAGAI and follow in true spirit.

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We are born curious. Our insatiable drive to learn, invent, explore, and study deserves to have the same status as every other drive in our lives. Fulfillment is fast becoming the main priority for most of us. Millions of people still struggle to find what they are meant to do. What excites them? What makes them lose the sense of time? What brings out the best in them? Yes, find the answer yourself and make life happier..

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Corona virus (Covid-19)

Source: google.com

Corona virus (Covid-19) जीतना तेजी से फैल रहा है उससे ज्यादा तेज़ी से इसके बारे में अफवाह फैल रहा है / करोना के बारे में सुन सुन कर हमारे कान पक  गए है, जो भी मिलता है एक dialogue  चिपका कर चला जाता है .. Corona virus (Covid-19) से बचे और दस हिदायतें देता है ,media में भी तरह तरह की  अफवाहों का बाज़ार गर्म है / .मेडिकल स्टोर्स में  hand sanitiser और मास्क भी नहीं मिल रहे है इसके कारण मानसिक तौर पर लोगों का परेशान होना लाज़मी है / इसी लिए आज इस विषय पर चर्चा करना चाहता हूँ / यह तो सभी लोग जानते है कि Corona virus (Covid-19) चीन देश के wuhan शहर से फैला है / यह क्यों और कैसे फैला है वो उनता महत्वपूर्ण नहीं है जीतना इससे बचाव के बारे में जानना ..

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  • The World Health Organization on Wednesday declared the rapidly spreading coronavirus outbreak a pandemic, acknowledging what has seemed clear for some time — the virus will likely spread to all countries on the globe.
  • It is believed to have started infecting people in Wuhan, China, in late November or early December. Since then the virus has raced around the globe.
  • While China appears on the verge of stopping its outbreak — it reported only 24 cases on Tuesday — outbreaks are occurring and growing in a number of locations around the world including Italy, Iran, and the United States.
  • As of Wednesday (11 th  मार्च), 114 countries have reported that 118,000 have contracted Covid-19, the disease caused by the virus, known as SARS-CoV2. Nearly 4,300 people have died.
  • In the largest study to date, conducted in China, the greatest risk of death from Covid-19, the disease caused by the new coronavirus, was found among patients in their 80s or older, 15 percent of whom died. But while just 1.3 percent of patients in their 50s died, the death rate rose with each additional decade of life, increasing to 3.6 percent for patients in their 60s and to 8 percent for patients in their 70s.
  • Covid-19 is a respiratory ailment. Longtime smokers with damaged lungs will be more vulnerable and should quit now, said Marc Lipsitch, an epidemiologist at Harvard University.
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At least 1,400 Americans are known to have the coronavirus, though the real prevalence in the United States is unknown, as testing has been scarce. At least 38 have died of the infection.

The government on Friday declared that masks, including N95, and hand sanitizers as ‘essential commodities’ in the wake of the coronavirus scare leading to shortages and black marketing of these items.

These items will remain under essential commodities segment till June-end, a move aimed at ensuring availability at reasonable prices and cracking down on hoarders/black marketers.

भारत में अब तक 75 मरीज पाए गए है जिसमे one death , 4 recovered, and 70 active  मरीज है / यह कैरोना भारत में भी दस्तक दे चूका है ,वैसे तो इसका proven medicine नहीं और ये सर्दी खांसी जैसे लक्षण के साथ संक्रमण करता है / जरूरत इस बात का  है कि इससे बचने के उपाय करने चाहिए / यह ज्यादातर बच्चो और old age group को  attack करता है / इसलिए delhi में तो स्कूल भी बंद कर दिए गए है / विदेशो की  यात्रा भी avoid करनी चाहिए /

Corona virus (Covid-19)  भी दुसरे  virus की  तरह है और यह सर्दी और खाँसी के माध्यम से attack करता है,  ,इससे बचने के उपाय भी  जो सर्दी खासी की  है और symptom  भी फ्लू वाली है इसलिए जल्दी पकड़ में नहीं आती कि यह कोरोना ही है /

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इसकी अभी तक proven medicine नहीं है हालाँकि symptom base  treatment चलता है / इसका vaccine आने में अभी एक साल लगेगा, इसलिए .इससे बचाओ ही एक उपाय है /

यह वायरल disease है यह हमारे शारीर में आता है और हमारा इम्युनिटी सिस्टम इसे ख़तम कर देता है  वैसे  यह 5 से ७ दिन में इसके लक्षण ख़तम हो जाते है /

आयुर्वेद के अनुसार “गिलोय” का काढ़ा पियें इससे इम्युनिटी बढती है और इसके इन्फेक्शन से बच सकते है / इसके अलावा हल्दी ,मुलेठी आदि का भी प्रयोग करना चाहिए /

बाबा राम देव के अनुसार आप सांस से सम्बंधित प्राणायाम जैसे अनुलोम विलोम, भ्रस्तिका  वगैरह करें जिससे फेफड़े स्वस्थ रहेंगे  और इसके संक्रमण से बचा जा सके /

आप खाने से पहले और जब भी इधर उधर किसी चीज़ को छुएं तो आप हाथ को अच्छी तरह धोएं / हाथ को अच्छी तरह soap से कम से कम 20 सेकंड तक धोवें,, या alcohol based sanitiser उपयोग करना चाहिए / इसका incubation  period  14 days है , इसलिए infection की  आशंका में १४ दिनों तक विशेष सावधानी बरतनी चाहिए /

Homeopathy के अनुसार ..Arsenicum album 30  .दिन में तीन बार १० बूंद करके लेते रहें /

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भीड़ भाड़ इलाके में जाने से बचे, और foreign trip को avoid करें / और mask का उपयोग करना चाहिए /

Senior citizen और .chronic  disease वालों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए /

अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए और खुद की  सावधानी बरतनी चाहिए / जैसे लहसुन खाने की  सलाह दी जा रही है, कुल्फी या आइसक्रीम ना खाने की  सलाह  ,,इन सब बातों पर ध्यान ना देकर डॉक्टर की  सलाह लेनी चाहिए /

यह भी कहा जा रहा है कि साधारण antibiotic दवाओं से इसका ईलाज संभव है ,परन्तु यह दवाएं bacterial  रोगों का ईलाज करती है ,virus का नहीं /

कोरोना मामले में death rate  सिर्फ 3.4 %  है / अगर आप को ऐसा लक्षण लगता है तो सबसे पहले अपने को isolate कर ले और mask का प्रयोग करें और साथ साथ अगर डॉक्टर सलाह देते है तो  टेस्ट भी कराएँ /

अफवाहों पर ध्यान ना दे ,बताये गए उपायों पर ध्यान दे और सही जानकारी लोगों तक पहुचाएं …

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Meditation: Transform Your Life

As we are experiencing stress and other mental issues in day to day life due to various reasons, Meditation offers as a means of relaxation and heightened awareness in a stressful world where our senses are often dulled. Research suggests that meditation is the best tool for stress relief and other mental problems.

Meditation is a simple way of freeing your mind, forgetting about daily anxieties and focusing on mental relaxation. Meditation is the process of continuous focus on one   object for a prolonged period of time. It is a gentle, subtle method which does not require any force or pressure on the mind. This  result in increased concentration and focus.

Just like developing any other skill, meditation requires regularity of practice. There are common misconceptions that meditation is something difficult, which requires years of practice to achieve any kind of result. This is simply untrue. People often report feeling the benefits of meditation immediately after their first session. You can begin today and experience it yourself with just a few steps.

Here are five tips for beginners to learn how to meditate:

1)  Find a quiet, peaceful place.

2)  Sit comfortably, with eyes closed and focus on the heart

3)  Just Feel that the source of light is within my heart and it is attracting me inwards.

4)  Meditate for 10 minutes, or until you feel ready to come out of the meditation.

5)  Repeat it every day, in the morning and the evening.

 There are two types of Meditation

Active meditation:  What we observe in reality through open eyes in surrounding and feelings  is active meditation.

Passive meditation: When we close our eyes and observe about our thought…coming and going is passive meditation.

 However. Spiritual Gurus and Mental Health experts have developed dozens of forms of meditation. But I think people should explore the different types until they find one that works for them. Meditating around the same time each day can make meditation a habit that is easy to incorporate into daily life.

It is the fact that so many times you have  felt those 24 hours are not enough in a day.  Whether you’re a student or a professional, you are trapped in this fast-changing world, where it is increasingly more difficult to find time for oneself.

Usually, when we take a break from our busy schedules, we spend time on our mobile phones or laptops. It is harmful not only for the eyes but also for the mind. The mind is like a pendulum. It keeps swinging from one extremity to another. What we require is centeredness. To regulate the mind and give it some rest, the best medicine you can give it is meditation. It is true, Meditation acts like a battery-recharger. Just 10 minutes of meditation will leave you feeling calm and refreshed and feel able to tackle the rest of your workload.

It also helps in…..

  • Reduces stress and bring peace: Regular practice of meditation reduces stress and promotes peace of mind. It also helps in other health problems like high blood pressure, irregular or high heartbeat, high pulse rate, abnormal breathing patterns, and anxiety also are regulated.
  • Helps in concentration:  The mind’s tendency is to think a lot and fickle, easily pulled in different directions depending on our personal likes and dislikes. Meditation is a great aid in regulating your mind.
  • Helps you sleep better: Sometimes we struggle for hours to sleep due to restless mind. We are often stuck in limbo, worrying about the past and the future which interferes with our sleep at night. If you practice meditation on a regular basis, you will gradually begin to cherish the present moment and enjoy the comfortable sleep.
  • Makes you emotionally stronger:  During the meditation process, where we are constantly focusing our attention on one thing, we learn to let go of unnecessary thoughts. Meditation is a process of spending time with yourself and is a journey of self-discovery. By understanding ourselves, we are able to build our emotional resilience and emotionally stronger.
  • Keeps you active throughout the day: One who is committed to balancing their mental energies is also a lot more energized. The positivity that you develop in your mind will give you the zest and enthusiasm to maximize your productivity throughout the day.

Hence, Meditation is considered a type of mind-body complementary medicine. Meditation can produce a deep state of relaxation and a tranquil mind. During meditation, you focus your attention and eliminate the stream of jumbled thoughts that may be crowding your mind and causing stress. Be ready for the practice to keep you cheerful all the day .

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Manage your anxiety with Ayurveda

No one likes feeling anxious. Though a tinge of anxiety can spark productivity in some people, too much of it can be hazardous for one’s health.

According to Ayurveda experts, anxiety is primarily due to an aggravation of vata dosha. So, to heal anxiety, first, we need to balance our doshas. There are three types of doshas.  Vata Dosha: Slender with prominent features, moody, impulsive, and enthusiastic. This dosha is associated with the large intestine, pelvis bones, ears, thighs, and skin.

Pitta Dosha: Medium builds, well-proportioned, stable weight. This dosha is associated with the small intestine, stomach, sweat glands, eyes, skin, and blood.

Kapha Dosha:  Solid, heavy, strong, with a tendency to be overweight. This dosha is associated with the lungs, chest, and spinal fluid.

Causes of dosha imbalance: Certain lifestyle factors can aggravate vata dosha. For example, late hours sleep, erratic schedules, cold environment, too much work and an unhealthy diet can all lead to an imbalance of vata dosha. Here are a few simple Ayurveda remedies that can help calm your anxiety by balancing your doshas.

Take a relaxing bath: A warm bath can always soothe your muscles and relax your mind. To take an anxiety reduction bath, pour one-third cup of ginger and one-third cup of baking soda in a warm tub of water. Soak in for 10 -15 minutes.

Almond milk: Soak 10 almonds in water overnight. In the morning, peel off the skin and blend them with a cup of warm milk, a pinch of ginger, pinch of nutmeg and saffron. Enjoy the milk sip by sip.

Eat a calming diet: As per Ayurveda, the foods that you eat can balance your doshas or cause havoc among them. To pacify your vata dosha, which is responsible for anxiety, choose warm, moist, less oily foods. You can have soups, hot cereals, dairy products, bread and pasta.

Avoid caffeine, alcohol, sugar, chocolate and nicotine as they can be over stimulating. Have fruits as your snack instead.

Some other vata pacifying ingredients include cinnamon, cumin, ginger, nutmeg, rock salt, sesame seeds, and natural sugar.

Aromatherapy: Certain fragrances have a calming effect on the vata dosha. You can try basil, orange, clove and lavender oil in your diffuser or take a hot bath by mixing a few drops in water and relax.

Alternate nose breathing: Alternate nose breathing, also called pranayama soothes the nervous system, relieves anxiety and calms and balances energy on both physical and subtle levels. If you haven’t tried it yet, try it now.

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स्वस्थ रहना ज़रूरी है

 स्वस्थ रहना कौन नहीं चाहता है , लेकिन शरीर पर ध्यान जीतना देना चाहिए और ज़रूरी उपाय करना चाहिए वो हम नहीं करते और कई रोगों के शिकार हो जाते है / अगर हम थोड़ी सावधानियां बरते और कुछ उपाय करें तो बीमारी से बच सकते है और स्वस्थ रह सकते है वैसे स्वास्थ्य सिर्फ बीमारियों की अनुपस्थिति का नाम नहीं है।

हमें सर्वांगीण रूप से स्वास्थ्य के बारे में जानकारी होना बहुत  आवश्यक है। स्वास्थ्य का अर्थ विभिन्न लोगों के लिए अलग-अलग होता है। लेकिन अगर हम एक सार्वभौमिक दृष्टिकोण की बात करें तो अपने आपको स्वस्थ कहने का यह अर्थ होता है कि हम अपने जीवन में आनेवाली सभी सामाजिक, शारीरिक और भावनात्मक चुनौतियों का प्रबंधन करने में सफलतापूर्वक सक्षम हों।

वैसे तो आज के समय मे अपने आपको स्वस्थ रखने के ढेर सारी आधुनिक तकनीक मौजूद है ,फिर भी ,कुछ ज़रूरी उपायों की चर्चा करना चाहते है …

 * अगर सुख की नींद सोना हो तो सोते समय ‘चिंता’ न करें, प्रभुनाम का ‘चिंतन’ करें।चिंता करने से proper नींद नहीं होती है, और इस तरह कुछ दिनों के पश्चात हम विभिन्न रोगों का शिकार हो जाते है /

* पाचन शक्ति ठीक रखनी हो तो ठीक वक्त पर भोजन करें और प्रत्येक कौर को 32 बार चबाएँ। हमारी बहुत से बीमारियाँ पेट गड़बड़ के कारण ही शुरू होती है इसलिए पाचन तंत्र को दुरुस्त रखना आवश्यक है, पाचन शक्ति सामान्य एवं सक्षम हो /

* यह गलतफहमी है कि अण्डा, माँस खाने से बल बढ़ता है और शराब पीने से आनंद आता है। अण्डा, माँस खाने से शरीर मोटा-तगड़ा जरूर हो सकता है पर कुछ बीमारियाँ भी इसी से पैदा होती हैं। शराब पीने से आनंद नहीं आता, बेहोशी आती है और बीमारियाँ होती हैं।

* अपनी आर्थिक शक्ति से अधिक धन खर्च करने वाला कर्जदार हो जाता है। अपनी शारीरिक शक्ति से अधिक श्रम करने वाला कमजोर हो जाता है। अपनी क्षमता से अधिक विषय भोग करने वाला जल्दी बूढ़ा और नपुंसक हो जाता है और अपने से अधिक बलवान से शत्रुता करने वाला नष्ट हो जाता है।

* भोजन करते समय और सोते समय किसी भी प्रकार की चिंता, क्रोध या शोक नहीं करना चाहिए। भोजन से पहले हाथ और सोने से पहले पैर धोना तथा दोनों वक्त मुँह साफ करना हितकारी होता है।

* यदि आप मुफ्त में स्वस्थ और चुस्त बने रहना चाहते हैं तो आपको तीन काम करना चाहिए। पहला तो प्रातः जल्दी उठकर वायु सेवन के लिए लम्बी सैर के लिए जाना और दूसरा ठीक वक्त पर खूब अच्छी तरह चबा-चबाकर खाना तथा तीसरा दोनों वक्त शौच अवश्य जाना।।

इसके अलावा मानसिक स्वास्थ पर भी ध्यान दिया जाना ज़रूरी है / मानसिक स्वास्थ्य का अर्थ हमारे भावनात्मक और आध्यात्मिक लचीलेपन से है जो हमें अपने जीवन में दर्द, निराशा और उदासी की स्थितियों में जीवित रहने के लिए सक्षम बनाती है। मानसिक स्वास्थ्य हमारी भावनाओं को व्यक्त करने और जीवन की ढ़ेर सारी इच्छाओं के लिए अनुकूल बनती है / इसे अच्छा बनाए रखने के निम्नलिखित कुछ तरीके हैं-

  • हमेशा मन में प्रसन्नता, शांति व व्यवहार कुशल होने का प्रयास करना चाहिए /
  • आत्म-संतुष्टि की भावना रखना चाहिए /
  • भीतर ही भीतर कोई भावात्मक संघर्ष पैदा ना होने दें /
  • डर, क्रोध, इर्ष्या, पर नियंत्रण होना आवश्यक है /
  • मनसिक तनाव एवं अवसाद से अपने को दूर रखें /
  • वाणी में संयम और मधुरता होनी चाहिए ,ताकि संघर्ष की स्थिति उत्पन्न ना हो /
  • स्वार्थी ना बनें और संतोषी जीवन अपनाएं ।
  • सेवा की भावना और विकट परिस्थितियों में संतुलन बनाए रखना चाहिए /

इसके अलावा आध्यात्मिक रूप से भी स्वस्थ होना ज़रूरी है / जीवन के अर्थ और उद्देश्य की तलाश करना हमें आध्यात्मिक बनाता है। आध्यात्मिक स्वास्थ्य हमारे निजी मान्यताओं और मूल्यों को दर्शाता है।

  • परेपकार एवं लोकल्याण की भावना होना आवश्यक है /
  • योग एवं प्राणायाम का नियमित अभ्यास करना चाहिए /
  • चरित्रवान व्यक्तित्त्व ,और इन्द्रियों को संयम रखना ज़रूरी है /
  • अपने शरीर सहित इस भौतिक जगत की किसी भी वस्तु से ज्यादा मोह नहीं रखना चाहिए /
  • भोजन करने की इच्छा, अर्थात भूख समय पर लगती हो, भोजन ठीक से पचता हो, मलमूत्र और वायु के निष्कासन उचित रूप से होते हों, शरीर में हलकापन एवं स्फूर्ति रहती हो, इन्द्रियाँ प्रसन्न रहतीं हों, मन भी सदा प्रसन्न रहती हो, सुखपूर्वक रात्रि में शयन (sound Sleep) होता है और , सुखपूर्वक ब्रह्ममुहूर्त में नींद खुलता हो ,तो समझिये आप स्वस्थ एवं निरोगी है अन्यथा  आप रोगी है , जिसे समय रहते उपाए करना चाहिए

यदि आप सुख चाहते हैं तो दुःख देने वाला काम न करें, यदि आप आनंद चाहते हैं तो स्वास्थ्य की रक्षा करें। यदि आप स्वास्थ्य चाहते हैं तो व्यायाम और शुद्ध भोजन करें। संसार के सब सुख स्वस्थ व्यक्ति ही अपने प्राप्त संसाधन का भोग कर सकता है। कहा भी गया है- पहला सुख निरोगी काया।

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