Sanjeev Lal

You are making a very productive use of your retired life and doing all creative things, be it writing serial stories, memoirs, motivational blogs, poetry, sketching and drawing.

May you continue to progress in your creative pursuits and attract more readers to your blog posts.

Best wishes.

Md. Kamran

Mohd Kamran

I liked your blog and read it to the last .I don’t find words to Express my joy and happiness,

but the way u have reinvented yourself is amazing. You are really an inspiration for every retired person. I too wonder why we the retirees think that our time is over.

Age is just a number. What others can do we too can. At last I am too request u to please guide me to reinvent me as u have done.             

With warm Regards

Mohd kamran

कृष्णा कुमार

कृष्णा कुमार

“वाह विजय ,क्या खुब लिखते हो | पढने में बड़ा मज़ा आता है |

सरल भाषा ,सुंदर विषय वस्तु और नाटकीय घटनाक्रम रचना

को पठनीय बनाते है | जब हम पढना शुरू करते है तो बिना अंत के

उसे छोड़ नहीं पाते है और एक उत्सुकता अंत तक बनी रहती है

आगे की घटना को जानने के लिए / रचनाएँ आम जीवन के काफी

करीब महसूस होती है | उत्सुकता और इंतज़ार यही तो मज़ा है ज़िन्दगी में ,

जो रचनाएँ सहज ही उपलब्ध कराती है ….

आगे भी इसी तरह प्रयास ज़ारी रहे |

शुभकामनाओ सहित “

कृष्णा कुमार

Sumit Sinha

Sumit sinha

“While many may find it difficult, you have embraced this for long.

It is a pleasure to go through the thoughts;

the myriad experience flows through…”

Kishori Raman

Kishori Raman

Kishori Raman
Banker (Canara Bank)

” कहते हैं की जब लेखन केवल अपने लिए हो या फिर केवल लिखने के लिए हो तो वह सार्थक नहीं होता | सार्थक तब होता है जब यह पढ़ने वाले को अपने से जोड़ सके , उन्हें मज़ा दे सके |

विजय जब लिखता है तो उसका उद्देश्य होता है अपने भोगे हुए यथार्थ को , जीवन की कड़वी सच्चाइयों को सरल एवं सपाट भाषा में पन्नों पर उतारना |यह अच्छे भी लगते हैं और गुदगुदाते भी हैं | नाटकियता इसकी जान होती हैं , जो आगे की घटनाओं को जानने की जिज्ञासा को अंत तक बरक़रार रखती हे | हर पढ़ने वाले को ये उसकी अपनी कहानी लगती है, और यही इसकी विशेषता भी है |

हालाँकि, संस्लेमरण लेखन में लेखक के पास लीक से ज्यादा हटने की गुंजाईश नहीं होती है क्योंकि तब निरसता उत्पन्न होने का खतरा रहता है | विजय की रचनायें इनसे बच कर निकलती हैं और तेज़ रफ़्तार से चलती हैं |
विजय की रचनायें इन कसौटियों पर खरी उतरती हैं | मेरी शुभ कामनाएँ |आप इसी तरह लिखते रहे और सबको गुदगुदाते रहे |”

B K Verma

B K VERMA

B K Verma

” ये तो हमारे और दोस्तों के लिए संजीवनी का काम कर रही है |
रोज इतना अच्छा ब्लॉग पढ़कर दिन की अच्छी शुरुआत होती है | जब भी मन उदास होया है, आपके ब्लॉग की भींगी भींगी खुशबू मेरे दिलों दिमाग को ताज़ा कर देती है और फिर से रिफ्रेश हो जाता हूँ | बहुत ही काम लोग खुशनसीब होते हैं, जिन्हें सच्चा निःस्वार्थ प्रेम की अनुभूति होती है | ये तो प्रेम ही है जिसपर सारा संसार टिका हुआ है |
अगर आपस में प्रेम न हो तो जीवन नीरस हो जाता है | इसी प्रेम की डोर से परिवार, समाज, देश जुड़ा हुआ है|
रियली अच्छा लग रहा है. धीरे धीरे चलते रहो….💐💐💐 “