# Me and my Art #

Graphite pencil has always been my favorite medium for art and sketches.. It was my first love when I started learning basic drawing technique. This is because one of the my friend had suggested me to start with pencil drawing….. Read More ›

Recent Posts

  • # यादों के झरोखें से #

    Originally posted on Retiredकलम:
    दोस्तों , कभी कभी हम अकेले में होते है तो? अपने अतीत में खो जाते है और फिर बीती कुछ घटनाएँ याद आने लगती है, जिसे याद कर ?चेहरे पर एक मुस्कान बिखर जाती है |…

  • …तो बेहतर होता

    Originally posted on Retiredकलम:
    दुनिया में कई लोग ऐसे भी हैं, जो काफी प्रयास करने के बाद भी वो चीज़ हासिल नहीं कर पाते है जिसकी तमन्ना वे दिल से करते है | और ?इस तरह वे ?हिम्मत हार जाते…

  • #Budding Photographer#

    Dear friends. Welcome to Budding  Photographer show, yes you may call it Photoblog. Everyone loves photography, I too. As you all know that I am continuously writing blogs but words don’t make a photograph. The picture is truly a worth… Read More ›

  • # क्षणभंगुर अपना जीवन #

    Originally posted on Retiredकलम:
    ऐसा कहा जाता है कि हमारा जीवन प्रभु का एक उत्तम उपहार है | लेकिन ?जिंदगी का सफर तो बिलकुल क्षणभंगुर है, ?एक पल में ?हंसी-खुशी और अगले ही पल में ग़मों का पहाड़, यही तो…

  • # एक कहानी सुनो # ..7

    Originally posted on Retiredकलम:
    शिक्षक की गुरु दक्षिणा क्या दूँ गुरु – दक्षिणा , मन ही मन मैं सोचूं चूका न पाऊँ ऋण तेरा अगर जीवन भी अपना दे दूँ .. दोस्तों, आज मैं ?एक ऐसी घटना का ज़िक्र करने…

  • मैं रोज़ लिखता क्यों हूँ ?

    एक दिन मैंने खुद से ही प्रश्न कर डाला कि मैं लिखता क्यों हूँ ? सचमुच मेरे लिए इसका उत्तर आसान नहीं था | तभी मेरे मन के किसी कोने से आवाज़ आई – जब मैं अपने अन्दर की भावनाओ को… Read More ›

  • # लालपरी  का क्या कसूर #

    Originally posted on Retiredकलम:
    बात उन दिनों की है ,जब मेरी कोलकाता में नयी नयी पोस्टिंग हुई थी ?और ?मैं ?हाथी बगान शाखा का ब्रांच मेनेजर था | ?यहाँ मुझे नए नए तरह के अनुभव ?मिल रहे थे | ?चूँकि…

  • # ऐ  बीते हुए लम्हे #

    Originally posted on Retiredकलम:
    यह सच है कि जो लम्हे बीत गए है, अब वह वापस कभी नहीं आएँगे। चाहे उन्हें कितनी भी शिद्द्त से पाना चाहते हो | इसलिए जो भी करना चाहते हो, इसी पल में करो और…

  • #बचपन का ज़माना था#

    बचपन का भी क्या ज़माना था | बचपन के अनुभव हमें आज भी याद आते है और दिल बरबस ही सोचता है कि क्यों हम बड़े हो गए ? लेकिन ज़िन्दगी तो है एक समय की धारा | हम सब… Read More ›

  • # हाथी को फ़ासी #

    Originally posted on Retiredकलम:
    दोस्तों, जानवरों में मुझे हांथी बचपन से ही पसंद है | इसका मुख्य कारण है कि जब मैं छोटा था तो हमारे पडोस में देशी घी की दूकान थी जिसके सेठ के पास अपनी हाथी थी…