
बारिश और मन—दोनों का स्वभाव एक जैसा है। कभी वे खुलकर बरसते हैं, कभी चुपचाप सिसकते हैं। यह कविता संवेदनाओं, स्मृतियों और आत्ममंथन के माध्यम से बताती है कि हर वर्षा केवल धरती को नहीं, आत्मा को भी सींचती है।
बारिश भी कुछ-कुछ मेरी जैसी है
कभी झमाझम बरस पड़ती है,
कभी गुमसुम-सी सिसकती है।
यह बारिश भी
कुछ-कुछ मेरी जैसी है।
बादलों की भीड़ में
वह भी अक्सर मुस्कुराती है,
पर कौन जानता है
कि उसकी हर बूँद
किस दर्द की कहानी सुनाती है।
कभी इठलाती, बलखाती हुई
धरती और आकाश को भिगो देती है,
और कभी
घंटों बादलों में छिपकर
अपने ही आँसू पीती रहती है।
मैं भी तो ऐसा ही हूँ…
कभी हँसी का उत्सव बन जाता हूँ,
कभी अपने भीतर
एक पूरा सावन छिपाए
चुपचाप चलता रहता हूँ।
लोग कहते हैं—
“देखो, मौसम कितना सुहाना है!”
कौन समझाए उन्हें
कि हर बारिश
सिर्फ़ मौसम नहीं बदलती,
कई बार
वह इंसान के भीतर
पूरा जीवन बदल जाती है।
कुछ बरसातें
खेतों को हरियाली देती हैं,
और कुछ
स्मृतियों की सूखी मिट्टी में
पुराने पदचिह्न उगा देती हैं।
जब भी भीगता हूँ,
लगता है
जैसे समय ने
अपने पुराने पत्र खोल दिए हों।
उन पत्रों में
कुछ अधूरे सपने हैं,
कुछ बिछड़े हुए चेहरे,
कुछ अनकहे शब्द,
और कुछ ऐसे रिश्ते
जो आज भी
भीगने पर
मिट्टी की सोंधी खुशबू की तरह
महक उठते हैं।
फिर सोचता हूँ…
यदि बारिश
सिर्फ़ बरसना जानती,
तो इंद्रधनुष कभी जन्म ही न लेता।
यदि मन
सिर्फ़ मुस्कुराना जानता,
तो संवेदनाएँ
इतनी गहरी न होतीं।
शायद इसलिए
प्रकृति ने आँसू बनाए—
ताकि मन का आकाश
धूल से नहीं,
दर्द से धुलकर
और अधिक निर्मल हो सके।
अब जब भी बारिश होती है,
मैं खिड़की बंद नहीं करता।
मैं उसे
अपने भीतर उतरने देता हूँ।
क्योंकि अब जान गया हूँ—
कुछ वर्षाएँ
धरती को सींचती हैं,
और कुछ
आत्मा को।
कभी झमाझम बरस पड़ती है,
कभी गुमसुम-सी सिसकती है….
यह बारिश नहीं,
मेरे मन की आवाज़ है—
जो हर मौसम में
मेरे होने का एहसास कराती है।
(विजय वर्मा)
www.retiredkalam.com

Categories: kavita
कितनी सुंदर बात कही है वर्मा जी आपने… 🤍
यह कविता सिर्फ़ बारिश पर नहीं, मन के उन मौसमों पर है जिनसे हम सब कभी न कभी गुज़रते हैं। “कुछ वर्षाएँ धरती को सींचती हैं, और कुछ आत्मा को” — यह पंक्ति बहुत देर तक मन में रहेगी। पढ़कर लगा जैसे खिड़की के बाहर नहीं, भीतर बारिश हो रही हो। 🌧️✨
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आपके इतने सुंदर, संवेदनशील और हृदयस्पर्शी शब्दों के लिए हृदय से धन्यवाद। 🙏🤍
मुझे अत्यंत प्रसन्नता है कि कविता ने आपके मन को इस गहराई से स्पर्श किया। आपने जिस तरह लिखा—“खिड़की के बाहर नहीं, भीतर बारिश हो रही हो”—वह अपने आप में एक अत्यंत सुंदर काव्य-पंक्ति है। यही तो कविता का सबसे बड़ा पुरस्कार है, जब पाठक उसे केवल पढ़ता नहीं, बल्कि उसे अपने भीतर घटित होते हुए महसूस करता है।
आपके स्नेह, संवेदना और आत्मीय प्रोत्साहन के लिए हार्दिक आभार। ईश्वर करे आपके जीवन में ऐसी वर्षाएँ हमेशा बरसती रहें, जो आत्मा को भी सींचती रहें। 🌧️🌿🙏
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Bulutların kalabalığında
O da sık sık gülümsüyor
Ama kim bilir
Her damlasının
Hangi acının hikayesini anlatıyor.
Çok güzel.
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बहुत-बहुत धन्यवाद! 🙏🌹
आपको ये पंक्तियाँ सुंदर लगीं, यह जानकर मुझे बहुत खुशी हुई। सचमुच, हर बारिश की बूँद अपने साथ कोई न कोई अनकही कहानी, दर्द और उम्मीद लेकर आती है।
आपकी सराहना मेरे लिए बहुत मायने रखती है।
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Vermavkvさん、おはようございます。いつも有難うございます🙇♂️
雨が降るときは窓を閉めません。何気なく受け止められる語りですが、ここに感動的なものが染み込んでいます。ある雨は大地を潤し、ある雨は魂に水を注ぎ、時にはすすり泣きます😔
梅雨もような雨であったり、日照りに突然降ってきた雨、たよな雨の姿です。心の声で、まるで季節に入っているかのように感じさせてくれます😊
雨と心の本質は同じだと言えます。時には降り注ぎ、時には静かにすすり泣く。それが雨の姿です。そんな雨、。感覚、記憶、内省、雨が大地だけでなく魂にも灌漑をもたらしてくれるのです🤗
雨は雲の群れの中でよく微笑みますが、痛みの一滴一滴がどんな物語を語っているかは誰にもわかりません😊
時には大地と空を焼けつくような光で染め、時には雲の中に隠れ何時間も自分の涙を飲む、女性と同じなのかもしれません😉
激しい雨が降ったり、時には静かにすすり泣くこともあります。。雨が天気を変えるわけでありませんが、時には人生全体を変えることもあります。降る雨により、畑に緑が広がり、また、雨は思い出の乾いた土に古い足跡を残すこともあります🤗濡れるたび、古い手紙を開いたかのように感じることもあります。手紙には叶わなかった夢、離れた顔、言葉にできない思いが書き綴られているのです😊
雨の季節にふさわしい思いが語られたものです。共有して頂き有難うございます😉
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Good morning! Thank you very much for your beautiful and heartfelt comment.
I was deeply touched by your poetic reflections on the rain. I especially loved your thought that rain not only nourishes the earth but also waters the soul. Your words remind us that rain carries memories, emotions, and hope, just as it brings new life to nature.
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सुंदर सुशोभित मधुर मनोहर रचना है आप की 🌅🙏🏻 शुभ प्रभात सर जी
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सुप्रभात सर जी! 🙏🌧️
आपके स्नेहपूर्ण और उत्साहवर्धक शब्दों के लिए हृदय से धन्यवाद। यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि वर्षा पर लिखी रचना आपको मधुर और मनोहर लगी।
प्रकृति की सुंदरता हम सबके जीवन में आनंद, शांति और नई ऊर्जा भरती रहे। आपकी सराहना मेरे लिए अमूल्य प्रेरणा है।
ईश्वर से प्रार्थना है कि आपका जीवन भी वर्षा की शीतल फुहारों की तरह सदैव सुख, स्वास्थ्य और मुस्कान से भरा रहे।
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🙏🏻🙏🏻
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👏👏
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बहुत सुंदर, सुप्रभात
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सुप्रभात! 🙏🌧️
बहुत-बहुत धन्यवाद आपके स्नेहिल शब्दों के लिए। मुझे अत्यंत प्रसन्नता है कि आपको वर्षा पर लिखी कविता पसंद आई।
बारिश केवल धरती को ही नहीं, मन को भी ताज़गी, शांति और नई आशाओं से भर देती है। आपकी सराहना मेरे लिए भी प्रेरणा की फुहार बनकर आई।
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very nice .
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Thank you so much.
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