
इस कविता में जीवन की यात्रा के संघर्षों और अकेलेपन की भावना को गहराई से व्यक्त किया गया है। यह कविता हमें सिखाती है कि चाहे कितनी भी मुश्किलें क्यों न आएं, हमें हिम्मत और उम्मीद के साथ अपने सफर को जारी रखना चाहिए।
इन्हीं भावनाओं और सच्चाइयों को सजीव करता मेरी यह कविता , आइये इसका आनंद लें |
मंज़िल की ओर
ज़रूरी है दोस्त, चलना तो पड़ेगा
सफ़र कठिन, पर यही तो ज़िंदगी है
ख्वाबों की चादर, उम्मीदों का संग
मुश्किलें होंगी, पर राहें भी रंग-बिरंगी हैं |
आसमान में तारे भी, चमकते हैं कभी
जैसे खुशियों की बारिश, बरसेगी अभी
अपने हों या ना हों, मंज़िल तो पास है
हौसलों की उड़ान, यही तो विश्वास है |
राहों में मोड़ आएंगे, कदम ठिठकेंगे
पर हिम्मत का दामन, कभी न छोड़ेंगे
सुनसान राहें भी, एक दिन चमकेंगी
ज़िंदगी की ये राहें, हमें ले जाएंगी |
आँसुओं की धार, बन जाएगी मुस्कान
हर एक चोट, देगी एक नया एहसास
चलते रहेंगे, अब ये सफर नहीं थमेगा
ज़िंदगी की राहों पर, हर दिन नया होगा |
इस सफर में, खुद को खो न देना है
सपनों का कारवां, सजाए रखना है
क्योंकि चलते-चलते, कहीं ना कहीं
हमारी मंज़िल, मिल ही जाएगी |
(विजय वर्मा )
पहले की ब्लॉग हेतु नीचे link पर click करे..
BE HAPPY….BE ACTIVE….BE FOCUSED….BE ALIVE…
If you enjoyed this post, please like, follow, share and comments
Please follow the blog on social media …link are on contact us page..
Categories: kavita
💚💖💓 NICE
Blessed and Happy afternoon 🌞
Greetings 🇪🇸
LikeLiked by 1 person
Good evening friend.
Stay happy and Blessed.
LikeLike
very nice.
LikeLiked by 1 person
Thank you.
LikeLike
Inspiring Poem.Nice one.
LikeLiked by 1 person
Thank you so much dear.
LikeLike