यह कविता एक ऐसे लेखक की आत्मस्वीकृति है, जो दिखावे से नहीं, अनुभव और संवेदना से लिखता है। यह रचना खामोशी, दर्द और भावुकता को कमजोरी नहीं, बल्कि रचनात्मक शक्ति के रूप में प्रस्तुत करती है। शब्दों के माध्यम से… Read More ›
#जीवन
# सड़क की आत्मकथा #
यह कविता “सड़क” के प्रतीक के माध्यम से आज की तेज़, बेचैन और लक्ष्य-केंद्रित ज़िंदगी पर एक शांत लेकिन गहरी टिप्पणी है। सड़क सबको सहारा देती है, सबको देखती है, पर खुद कभी कहीं नहीं जाती। वह ठहराव, सहनशीलता और… Read More ›
# कुछ अधूरा सा…
कुछ अधूरा सा… एक भावनात्मक हिंदी कविता है जो ज़िम्मेदारियों, समझौतों और दबे हुए सपनों के बीच फँसे इंसान की भीतर की आवाज़ को शब्द देती है। यह कविता हमें याद दिलाती है कि जीना केवल निभाना नहीं, बल्कि अपने… Read More ›
# रास्ता अभी बाकी है #
यह कविता जीवन की यात्रा में आने वाली थकान, असमंजस और अकेलेपन को स्वीकार करते हुए भी उम्मीद का दीप जलाए रखने की प्रेरणा देती है। यह बताती है कि गिरना, ठहरना और सवालों से घिर जाना भी जीवन का… Read More ›
# यादों के उस पार #
यह कविता जीवन की उन भावनात्मक पगडंडियों का चित्रण है जहाँ अतीत की यादें, खोए हुए पल, रूठे हुए अपने और अधूरे सपने दिल में गहरी छाप छोड़ जाते हैं। इसमें बचपन की मासूमियत, रिश्तों की गर्माहट, और समय के… Read More ›
# भावनाओं की चुप्पी #
भावनाएँ शब्दों से परे होती हैं—ये ना चाहकर भी दिल पर दस्तक देती हैं, यादों को जगाती हैं और हमें हमारी ही गहराइयों से मिलाती हैं। कभी प्रकाश बनकर, कभी धुंध बनकर, तो कभी एक ख़ामोश स्पर्श की तरह। यह… Read More ›
“She Who Walks Beside Me”
🌹 A tribute to the true meaning of love and companionship In an age where love is often mistaken for words, gifts, or social media gestures, it is easy to lose sight of what truly defines a woman’s heart. Many… Read More ›
# ए मेरे शहर…
यह कविता एक ऐसे शहर को संबोधित है जो सिर्फ़ ईंट-पत्थर का नहीं, बल्कि यादों, रिश्तों और बीते हुए समय का घर है। यह बचपन की मासूमियत, दोस्ती की गर्माहट और उम्र के साथ आए सन्नाटे के बीच का एक… Read More ›
# हाँ, मैं सड़क हूँ #
हाँ, मैं सड़क हूँ, हाँ, मैं सड़क हूँ,अनगिनत मौसमों की गवाह।धूप की तपिश सहती,बारिश की ठंडक ओढ़े,मैं यहीं की यहीं पड़ी हूँ..स्थिर, मगर सब कुछ देखती हुई। रोज़ नए मुसाफ़िर मुझ पर से गुज़रते हैं,कुछ अपने से, कुछ बिल्कुल अजनबी।सब… Read More ›
“अधूरे लम्हों की गर्माहट ”
यह कविता खोए हुए स्पर्श, अधूरे लम्हों और आजीवन चलने वाली मोहब्बत की वह खामोश तड़प बयां करती है, जो दिल को तोड़ती भी है और भरती भी है। # अधूरे लम्हों की गर्माहट # हवाओं में खोए हुए वो… Read More ›