#चौरी-चौरा की घटना#

इंसान कितना ही अमीर क्यों न बन जाये ,
तकलीफ बेच नहीं सकता और सुकून खरीद नहीं सकता |
सदा खुश रहें… सदा प्रसन्न रहें |

vermavkv's avatarRetiredकलम

आज 4 फ़रवरी है और आज के दिन को चौरा -चौरी कांड के लिए याद किया जाता है | हम भारतवासी इस चौरा चौरी काण्ड की घटना का शताब्दी समारोह वर्ष भी मना रहे है |

दोस्तों, चौरा चौरा कांड आज़ादी के इतिहास को एक नया मोड़ देने में सफल रहा, हालाँकि इसे आज़ादी के इतिहास में प्रमुखता से जगह नहीं दी गयी |

लोग कहते है कि अगर यह घटना नहीं होती तो 1922 में ही हमारा देश आज़ाद हो गया होता |

असहयोग आन्दोलन

दरअसल गांधी जी ने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ 1 अगस्त, 1920 को असहयोग आंदोलन शुरू किया था। इस आंदोलन के तहत गांधीजी ने उन सभी वस्तुओं (विशेष रूप से मशीन से बने कपड़े), संस्थाओं और व्यवस्थाओं का बहिष्कार करने का फैसला लिया था, जिस व्यवसाय के तहत अंग्रेज़ भारतीयों पर शासन कर रहे थे ।

मतलब कि विदेशी सामान खरीदना बंद करना और अंग्रेजो…

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2 replies

  1. Great information!!
    Such blogs are needed, it’s important to educate the youth.

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