Recent Posts - page 630

  • # मैं आवारा हूँ #

    मेरी नई नई बैंक की नौकरी थी | मेरी पहली पोस्टिंग “रेवदर” शाखा में और अभी छह माह भी नहीं हुए थे कि मेरा पुनः ट्रान्सफर “शिवगंज” शाखा  में कर दिया गया | कुछ दिनों पूर्व ही जब शाखा निरिक्षण… Read More ›

  • # हादसे का शिकार #

    ज़िन्दगी में कभी कभी ऐसे भी हादसे हो जाते है कि उसे भुलाये नहीं भूलता | उस दिन सचमुच मैं बहुत दुखी अपनी शाखा में बैठा हुआ था और दुखी क्यों नहीं होऊं | एक नहीं अनेक कारण थे |… Read More ›

  • २१ दिनों की सोच

    २१ दिन का  Lockdown, और १८ वे दिन में प्रवेश कर चुके है आज / और रोज की तरह पूरा भारत बिलकुल  pause mode में है, और हम सभी अपने अपने घरों में कैद होने को मजबूर / हमारे यहाँ… Read More ›

  • # प्रभु की माया #

    आज थोड़ी सी चुक की वजह से सारा देश परेशान है | , यह मरकज़ जमात की सोच, कि खुदा हमारी रक्षा करेगा | और जमीनी हकीकत से कोसों दूर, बस हम अपनी बात को सही सिद्ध करने में लग… Read More ›

  • # मेरी पहचान #

    मैं अपनी पहचान ढूंढ रहा हूँ | मेरी पह्चान क्या है — जब हम माँ की कोख में थे तो पूरी दुनिया हमें हमारी माँ के मध्यम से जान पाती थी | जब हम धरती पर पहला कदम रखते है… Read More ›

  • # भीष्म – प्रतिज्ञा #

    यह बात बिलकुल सत्य है कि अगर उलझे  रिश्तों की  गांठे खुल सकती हो,  तो उन रिश्तो के धागों पर कैची नहीं चलाते , वर्ना पछताने के सिवा और कुछ नहीं हासिल होगा | महाभारत का वो युद्ध, जिसमे कौरवो… Read More ›

  • # खुद की तलाश #

    सुबह से शाम तक आज कल बस एक ही चर्चा . .covid -19, हर पल बस एक ही काम ..covid-19  के latest आंकड़े देखना | चारो तरफ सन्नाटा जैसे पूरा भारत ही नहीं पूरी दुनिया ही pause mode में चला… Read More ›

  • # अच्छे कर्मो का फल #

    किसी ने बड़े कमाल की बात कही है कि कैलंडर हमेशा तारीखे बदलता रहता है लेकिन एक दिन, एक तारीख ऐसी भी आती है जो हमेशा के लिए उस कैलेंडर को  ही बदल देती है | इसीलिए हमलोगों को सब्र… Read More ›

  • # ममता की छाँव में #….

    नयना आज बहुत उदास थी, क्योकि आज उसकी माँ की  बरसी  थी | आज सुबह – सुबह  उसने  माँ के फोटो  के सामने एक कैंडल जलाया और एक बुके रख कर फुट फुट रोई | आज उसे  फिर वो सारी … Read More ›

  • # जोश में होश खोना नहीं #

     ऐसा नही होनी चाहिए कि आप अपनी अहमियत इसलिए कम कर दें कि आप लोगों की अपेक्षाओं में खड़े उतर सकें है | आप जैसे है वैसे ही ठीक है , दुसरे हमारे बारे में क्या सोचते है, इसकी परवाह… Read More ›