Recent Posts - page 429

  • किस्मत की लकीरें #- 5

    सारा इलज़ाम अपने सर लेकर हमने “किस्मत” को माफ़ कर दिया .. आज का दिन कालिंदी के लिए बहुत बड़ा दिन था क्योकि अंततः आज उसका वर्षों का सपना पूरा होने जा रहा था | उसे UPSC में सफलता ही नहीं… Read More ›

  • #शांत  मन से प्रार्थना करें#

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    हम सभी को प्रार्थना की ज़रूरत है , हमे सच्चे मन से प्रार्थना करनी चाहिए | इससे हमारा चित शांत होता है और इससे शारीरिक और मानसिक लाभ भी प्राप्त होता है | इसलिए रोज़ कुछ…

  • #किस्मत की लकीरें #– 4

    मुड़ जाती है हाथों की लकीरें गर हिम्मत है तूफानों से लड़ने की होते होते पीछे ही हो जाते है बात जो हमेशा करते किस्मत की …  कालिंदी को पता चला कि दिल्ली में UPSC का इंटरव्यू शुरू हो गया… Read More ›

  • #I am a Vegan#

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    Friends, Today is the 1st of November and Vegan Day is being celebrated as an annual event by vegans around the world. The commemoration of this event began in 1994 by a UK celebrity, Louise Wallis.…

  • # किस्मत की लकीरें # – 3

    जो दे ख़ुशी के दो पल, वो लम्हा ढूंढ रहा हूँ जहां मिले साथ वो मंज़र ढूंढ रहा हूँ लोग ढूंढते हैं अपनी किस्मत की लकीर , मैं लकीर लिख दे, वो कलम ढूंढ रहा हूँ || हालाँकि कोई भी… Read More ›

  • # एक बार फिर #

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    आज कल नफ़रतों का बाज़ार गरम है | हर तरफ लोग सिर्फ अपनी फिक्र करते है | आपसी प्रेम जैसे समाप्त ही हो चला है | अक्सर लोग भूल जाते है उन बातो को जिन्हे सोच…

  • #किस्मत की लकीरें #.. 2

    रास्ते है तो ख्वाब है , ख्वाब है तो मंजिले है मंजिलें है तो फासले है फासले है तो हौसले है हौसले है तो विश्वास है . आज कालिंदी का दिल जोर जोर से धड़क रहा था | वह अपने रूम… Read More ›

  • #अभी तो मैं जवान हूँ#

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    यह तो सार्वजनिक सत्य है कि आदमी ?जब पैदा होता है, तो वह कभी बचपन, कभी जवानी और उसी तरह बुढ़ापा में प्रवेश करता है | अब यह हमारे ऊपर निर्भर करता है कि ?हम इसे…

  • #किस्मत की लकीरें-1# 

    कालिंदी,   बड़ा प्यारा नाम है तुम्हारा,               तुम बेहद खुबसूरत हो,                   तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो |                             सचमुच,.. मैं तुमसे प्यार करने लगा  हूँ | झूठ मत बोलो विनय | तुम मेरा मजाक उड़ा रहे हो… Read More ›

  • #कोलकाता की यादें#

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    बात उन दिनों की है जब मुझे पहली बार कोलकाता में पोस्टिंग ?मिली थी?|?साल २००४ में मैं कोलकाता के एक शाखा में ज्वाइन किया था?|?मुझे मेट्रो शहर में रहने का कोई अनुभव नहीं था,?इसलिए मैं घबरा…