# मंज़िल की ओर…

“मंज़िल की ओर” एक ऐसे इंसान की भावनात्मक यात्रा है जो कठिनाइयों, असफलताओं और टूटते हौसलों के बावजूद अपने सपनों का पीछा करना नहीं छोड़ता। कविता हमें याद दिलाती है कि मंज़िल तक पहुँचने के लिए रास्ते का आसान होना ज़रूरी नहीं—बस कदम रुकने नहीं चाहिए और दिल में विश्वास ज़िंदा रहना चाहिए।

मंज़िल की ओर

रोज़ लड़ता हूँ मैं
अपने ख़्वाबों से,
उन्हें हक़ीक़त में बदलने के लिए,
हर हाल में जीतने के लिए।

कभी राहों में काँटे मिलते हैं,
कभी कदमों को थामती रात,
कभी लगता है दूर बहुत है मंज़िल,
फिर भी दिल नहीं मानता हार।

इसलिए मुट्ठी भींचकर,
अपनी साँसों को खींचकर,
हर मुश्किल से लड़ता हूँ,
हर दर्द को सहता हूँ,
बस एक कदम और बढ़ाने के लिए,
मंज़िल के थोड़ा और करीब जाने के लिए।

कभी आँसू भी आते हैं आँखों में,
कभी मन भी टूट जाता है,
कभी अपना ही साया
मुझसे सवाल करता है—
“कब तक यूँ ही चलते रहोगे?”
मैं मुस्कुराकर कहता हूँ—
“जब तक सपना ज़िंदा है,
मैं चलता रहूँगा।”

दृढ़ निश्चय मेरे इरादों को
हर दिन और पक्का करता है,
गिरकर फिर उठने का
नया हौसला भरता है।

थक जाऊँ अगर राह में,
तो थोड़ी देर ठहर जाऊँगा,
लेकिन अपने सपनों से
कभी मुँह नहीं मोड़ूँगा।

मुझे पता है—
मंज़िल यूँ ही नहीं मिलती,
हर ऊँचाई के पीछे
कई गिरने की कहानियाँ होती हैं।
हर जीत के पीछे
अनगिनत कोशिशें होती हैं।

इसलिए आज भी
मैं उम्मीद का दीप जलाए,
अँधेरी राहों में
अपना रास्ता बनाता हूँ।

मंज़िल की ओर
मुझे बढ़ते जाना है,
चाहे जितनी मुश्किल हो राह,
मुझे चलते जाना है।

क्योंकि मेरे ख़्वाब
सिर्फ़ ख़्वाब नहीं हैं—
वे मेरी ज़िंदगी की पुकार हैं।

और जब तक साँसों में साँस है,
दिल में विश्वास है,
तब तक एक ही वादा है—

गिरूँगा तो फिर उठूँगा,
रुकूँगा नहीं, झुकूँगा नहीं,
अपने ख़्वाबों को
एक दिन हक़ीक़त बनाऊँगा।

(विजय वर्मा)
 www.retiredkalam.com



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16 replies

    • बहुत-बहुत धन्यवाद! 🙏❤️
      आपकी सुंदर प्रतिक्रिया ने कविता को और भी खूबसूरत बना दिया। आपकी सराहना मेरे लिए बहुत मायने रखती है। 😊

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  1. The shortest route between you and your dream is not always a straight line, nor is it short. It requires perseverance and determination. If it is too easy, he has little value. Have a wonderful day and keep dreaming. Allan

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  2. मनभावन कृति सर जी 🙏🏻 शुभ रात्रि 🙏🏻

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    • बहुत-बहुत धन्यवाद! 🙏🏻 आपके स्नेहपूर्ण शब्द मन को छू गए। 🌹

      आपका आशीर्वाद और अपनापन यूँ ही बना रहे। ईश्वर आपको स्वस्थ, प्रसन्न और शांत रखें।

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  3. बहुत सशक्त संदेश संघर्ष के बीच भी विश्वास बनाए रखने और गिरकर फिर उठने का अडिग संकल्प ही असली मंज़िल की ओर ले जाता है। “रुकूँगा नहीं, झुकूँगा नहीं” पूरी रचना का सार बन जाता है। 🙏🌹

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    • आपके स्नेहपूर्ण और सार्थक शब्दों के लिए हृदय से धन्यवाद। 🙏🌹

      सच कहा आपने—संघर्ष जीवन का हिस्सा है, लेकिन विश्वास और हौसला हमें टूटने नहीं देते। गिरना असफलता नहीं, बल्कि फिर उठकर आगे बढ़ने का अवसर है।

      मेरे लिए “रुकूँगा नहीं, झुकूँगा नहीं” केवल पंक्ति नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक छोटी-सी कोशिश है। परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, उम्मीद का दीपक जलाए रखना ही हमारी असली ताकत है।

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  4. बहुत खूबसूरत और हौसला देने वाली रचना, वर्मा जी। ✨ 🤍मुश्किलों के बीच भी सपनों को थामे रखने और गिरकर फिर उठने का जज़्बा हर पंक्ति में महसूस होता है। “जब तक सपना ज़िंदा है, मैं चलता रहूँगा” सच में दिल में रह जाने वाली पंक्ति है। 🦋✨

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    • आपके इतने सुंदर और हौसला बढ़ाने वाले शब्दों के लिए हृदय से धन्यवाद। 🙏🌹

      आपने रचना की उस भावना को बहुत खूबसूरती से महसूस किया, जिसे मैं शब्दों में पिरोना चाहता था। सच तो यही है कि जीवन में मुश्किलें आती रहेंगी, रास्ते कभी आसान होंगे तो कभी बेहद कठिन—लेकिन जब तक भीतर कोई सपना जीवित है, तब तक आगे बढ़ने की वजह भी जीवित रहती है।

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  5. Thanks
    For liking my post ‘Virajpet’ 🌹 🙏

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  6. बहुत सुंदर और प्रेरणादायक रचना। 🌸 कठिनाइयों के बीच भी आगे बढ़ते रहने का दृढ़ विश्वास और सपनों को हक़ीक़त में बदलने का जज़्बा कविता को बेहद प्रभावशाली बनाता है। “गिरूँगा तो फिर उठूँगा, रुकूँगा नहीं, झुकूँगा नहीं” जीवन के संघर्षों के लिए एक मजबूत संदेश देता है। दिल को छू लेने वाली रचना। 🙏✨

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    • आपकी सुंदर और दिल से निकली प्रतिक्रिया के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। 🌸🙏
      मेरे लिए कविता केवल शब्दों का मेल नहीं, बल्कि जीवन के अनुभवों और संघर्षों की आवाज़ है। “गिरूँगा तो फिर उठूँगा, रुकूँगा नहीं, झुकूँगा नहीं” मेरे जीवन के उस विश्वास को व्यक्त करता है कि कठिनाइयाँ चाहे कितनी भी हों, हमें उम्मीद और हौसले का दामन नहीं छोड़ना चाहिए।

      आपने मेरी रचना के भाव को जिस खूबसूरती से महसूस किया, उससे मेरी कलम को आगे लिखने की नई ऊर्जा मिली। ✨
      सादर आभार और शुभकामनाएँ। 🌷

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