# बिना वजह मुस्कुराइए… ज़िंदगी आपसे मुस्कुरा उठेगी! 😊

“हँसी वह दवा है, जिसकी कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती।”

क्या आपने कभी गौर किया है कि एक छोटा बच्चा दिन में न जाने कितनी बार मुस्कुराता है?

कोई खिलौना मिला—हँसी।

पापा ने हवा में उछाल दिया—हँसी।

मम्मी ने गुदगुदी कर दी—हँसी।

और कई बार तो बिना किसी कारण के भी वह खिलखिलाकर हँस पड़ता है।

लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है, हमारी हँसी की कीमत भी बढ़ती जाती है।

अब हम कहते हैं—

“प्रमोशन मिलेगा तो खुश होऊँगा।”

“नई कार आएगी तो मुस्कुराऊँगा।”

“बैंक बैलेंस बढ़ेगा, तब जिंदगी का मज़ा लूँगा।”

यानी खुशी को हमने भविष्य की किसी तारीख़ पर पोस्टपोन कर दिया है।


😂 पहला चुटकुला

पत्नी बोली—

“आप बिना बात के क्यों हँस रहे हैं?”

पति मुस्कुराकर बोला—

“डॉक्टर ने कहा है, खुश रहा करो… इसलिए तुम्हें देखकर भी हँस लेता हूँ!”

पत्नी ने घूरकर देखा…

अब डॉक्टर की दूसरी सलाह याद आ गई—

“तनाव से दूर रहिए।” 😄


❤️खुशी का गणित

बचपन में…

एक टॉफ़ी = पूरी दुनिया की खुशी।

आज…

महँगा मोबाइल, नई कार, बड़ी नौकरी…

फिर भी मन कहता है—

“कुछ कमी है।”

सच तो यह है कि खुशी चीज़ों में नहीं, नज़रिए में रहती है।

जिस दिन हमने साधारण पलों का आनंद लेना सीख लिया, उसी दिन जीवन असाधारण लगने लगेगा।


😂 दूसरा चुटकुला

बेटी मां से बोली… हमारे कॉलेज के सर बड़े ही हेंडसम और इंटेलिजेंट हैं !
मुझे वे बहुत ही अच्छे लगते हैं  
मां बोली…. शिक्षक या गुरु बाप के समान होते हैं बेटी !
बेटी बोली…. मां तुम हमेशा अपने ही बारे में सोचती हो ?
कभी मेरे बारे में भी तो सोचो !!  

एक मित्र बोला—

“मैंने खुश रहने का राज़ ढूँढ लिया है।”

दूसरे ने पूछा—

“क्या?”

पहला बोला—

“मैंने न्यूज़ चैनल कम और बच्चों के साथ खेलना ज़्यादा शुरू कर दिया!”


❤️मुस्कान संक्रामक होती है

किसी अजनबी को मुस्कुराकर देखिए।

संभव है वह भी मुस्कुरा दे।

एक मुस्कान कई बार वह काम कर देती है जो लंबी-लंबी बातें भी नहीं कर पातीं।

यही कारण है कि कहा गया है—

“खुशी बाँटने से घटती नहीं, कई गुना बढ़ जाती है।”


😂 तीसरा चुटकुला

एक बुज़ुर्ग पार्क में रोज़ हँसते रहते थे।

किसी ने पूछा—

“बाबूजी, इतनी खुशी का राज़ क्या है?”

वे बोले—

“बेटा, अब मुझे किसी को इम्प्रेस नहीं करना, किसी से कम्पीट नहीं करना… बस जीना है!”


❤️बिना वजह खुश रहने की कला

सुबह सूर्योदय देख लीजिए।

बारिश की पहली बूंद महसूस कीजिए।

पुराना पसंदीदा गीत सुन लीजिए।

दोस्त को फोन कर दीजिए।

पोते-पोतियों के साथ खेल लीजिए।

या फिर…

आईने के सामने खड़े होकर खुद पर ही हँस लीजिए।

विश्वास मानिए, दिल हल्का हो जाएगा।


❤️जीवन का सबसे बड़ा रहस्य

हम सोचते हैं—

“जब सब ठीक हो जाएगा, तब खुश रहेंगे।”

जबकि जीवन कहता है—

“पहले खुश रहना सीखो, फिर बहुत कुछ अपने आप ठीक लगने लगेगा।”

खुशी किसी मंज़िल का नाम नहीं है।

यह तो हर दिन, हर पल, हर साँस में छिपा हुआ एक छोटा-सा उत्सव है।


❤️अंत में…

आइए, आज एक छोटा-सा संकल्प लें—

बिना वजह मुस्कुराएँगे।

बिना वजह धन्यवाद कहेंगे।

बिना वजह किसी की तारीफ़ करेंगे।

और सबसे ज़रूरी…

बिना वजह खुश रहना सीखेंगे।

क्योंकि…

“बच्चे इसलिए खुश नहीं होते कि उनके पास सब कुछ होता है; वे इसलिए खुश होते हैं क्योंकि वे हर छोटी बात में खुशी ढूँढ लेते हैं।”

तो आइए.. उम्र चाहे जितनी भी हो जाए, अपने भीतर के बच्चे को कभी बूढ़ा मत होने दीजिये 😊😊

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2 replies

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