
एक कविता जो प्रेम, दूरी और स्वीकार्यता की कहानी को दर्शाती है। 💔
यह उस दिल की यात्रा है जिसने दूरी बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन अनजाने में प्रेम में खो गया — और फिर किस्मत, जुदाई और यादों की सच्चाई को धीरे-धीरे समझा।
यह कविता यह एहसास कराती है कि लोग भले ही दूर चले जाएँ, लेकिन सच्चा प्रेम हमेशा दिल में ज़िंदा रहता है। ❤️
# दिल की यात्रा #
रखनी थी दूरी तुझसे हमने,
ये बात ज़ुबां तक आकर रह गई,
पर दिल ने अपनी ही ज़िद पकड़ ली,
और खामोशियों में तेरी जगह ले ली।
तुझे पाना कभी मुक़द्दर में था ही नहीं,
ये सच भी धीरे-धीरे समझ आया,
पर अजीब है ये दिल का सफ़र भी,
जिसे खोना था, उसी को खुदा बनाया।
हम मुस्कुराकर हाल-ए-दिल छुपाते रहे,
और हर धड़कन में तेरा नाम बसाते रहे,
तू मिला नहीं, ये ग़म तो है ही मुझे,
पर हम खुद को भी कहीं दूर छोड़ आते रहे।
अब फासले भी अपनी जगह सच लगते हैं,
और यादें भी अब सज़ा-सी लगती हैं,
पर मोहब्बत का क्या करें ऐ दिल,
ये तो हारकर भी जीना सिखा देती है।
(विजय वर्मा )
www.retiredkalam.com

Categories: kavita
Verma ji, this poem is a quiet masterpiece. It doesn’t scream of heartbreak — it breathes it, slowly and honestly. The way it moves from resistance to acceptance, from loss to a strange kind of peace, is truly moving. You’ve captured the bittersweet truth that love never really leaves; it just learns to live differently — in memories, in silence, in the spaces we protect within us. Thank you for this beautiful, heartfelt journey. ❤️
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Thank you so much for such deeply thoughtful and beautiful words. ❤️
Your reflection touched me because you understood the poem exactly as it was felt while being written—not as loud heartbreak, but as something quieter, heavier, and more human. Sometimes pain does not arrive like a storm; sometimes it lingers softly in memories, silences, and the spaces love once filled.
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very nice .
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Thank you so much.
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Very nice
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Thanks for your appreciation.
Your words mean a lot.
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ये तो हार कर भी जीना सीखा देती है,,,एक एक शब्दों में व्याख्या,,अनमोल है 🙏🏻 सुप्रभात सर जी
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सुप्रभात 🙏🏻
आपके इतने सुंदर और हृदयस्पर्शी शब्दों के लिए दिल से धन्यवाद।
यदि शब्द हार के बाद भी जीने की उम्मीद जगा दें, तो शायद लिखना सार्थक हो जाता है।
जीवन हमें हर मोड़ पर कुछ न कुछ सिखाता है—कभी मुस्कुराकर, कभी टूटकर।
बस कोशिश यही रहती है कि शब्द किसी थके हुए मन को थोड़ा साहस और थोड़ा उजाला दे सकें।
आपका स्नेह और आशीर्वाद यूँ ही बना रहे। 🙏✨
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खामोशियों में जगह लेने वाला और हारकर भी जीना सिखाने वाला, यह दिल का सफ़र वाकई शानदार है। बहुत ही खूबसूरत कविता।
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भावपूर्ण शब्दों के लिए हृदय से धन्यवाद। 🙏✨
सच कहूँ तो दिल का सफ़र कभी आसान नहीं होता, पर शायद वही खामोशियाँ हमें भीतर से मजबूत बनाना भी सिखाती हैं।
यदि कविता ने हार के बीच भी जीने का साहस और मन की गहराइयों को छूने का एहसास दिया, तो मेरे शब्द सचमुच सफल हुए।
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बहुत ही भावपूर्ण और दिल को छू लेने वाली रचना, वर्मा जी। 💔
हर पंक्ति में अधूरी मोहब्बत की कसक, आत्मस्वीकार की पीड़ा और सच्चे प्रेम की गहराई बेहद खूबसूरती से उभरकर आई है।
“जिसे खोना था, उसी को खुदा बनाया” यह पंक्ति तो सीधे हृदय में उतर गई। 🌹
सच्चा प्रेम केवल पाने का नाम नहीं, बल्कि यादों के साथ जीना सीख जाने का भी नाम है।
शब्दों में बहुत सादगी है, लेकिन भावनाओं में अथाह गहराई। 🙏❤️
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आपके इतने सुंदर और आत्मीय शब्दों के लिए हृदय से धन्यवाद। 🙏🌹
यह जानकर बहुत सुकून मिला कि रचना की भावनाएँ आपके हृदय तक पहुँचीं।
सच ही कहा आपने—सच्चा प्रेम केवल साथ पाने में नहीं, बल्कि बिछड़ने के बाद भी उस एहसास को सम्मान से संजोकर जीने में है।
“जिसे खोना था, उसी को खुदा बनाया” — इस पंक्ति को आपने जिस गहराई से महसूस किया, वही किसी भी लेखन का सबसे बड़ा पुरस्कार है।
आपका स्नेह और संवेदनशीलता यूँ ही बनी रहे। सादर प्रणाम। 🙏❤️
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