
यह एक गहरी भावनात्मक कविता है, जो प्रेम, विरह और यादों की दुनिया को महसूस कराती है। “तेरी यादें” उस खामोश सफ़र को दर्शाती है जहाँ दिल हर पल किसी अपने की मौजूदगी को महसूस करता है, भले ही वह दूर हो। यह रचना यादों, तन्हाई और अनकहे जज़्बातों का एक सुकून भरा लेकिन दर्दभरा मेल है।
🌙 # तेरी यादें #
तेरी यादों का सफ़र अब भी वहीं ठहरा है,
हर धड़कन में तेरा ही नाम का पहरा है…
रातें पूछती हैं मुझसे, तू कहाँ खो गया है,
मैं मुस्कुरा देता हूँ—बस तू ही तो मेरा चेहरा है…
चाँद भी आज कुछ अधूरा-सा लगता है,
जैसे बिना तेरे ये आसमान भी बिखरा सा लगता है…
मैं चल रहा हूँ फिर भी कहीं रुक-सा जाता हूँ,
तेरी यादों के शहर में हर रोज़ लौट आता हूँ…
न तू पास है, न कोई पैग़ाम है तेरा,
फिर भी हर साँस में बस तेरा ही सेहरा है…
(विजय वर्मा)
www.retiredkalam.com

Categories: kavita
very nice .
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अति सुन्दर सर जी 🙏🏻
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