
कुछ रिश्ते नाम के मोहताज नहीं होते।
वे बिना किसी परिभाषा के भी दिल की गहराइयों में बस जाते हैं—धीरे, चुपचाप, और हमेशा के लिए।
यह कविता उसी एहसास की कहानी है… जहाँ मोहब्बत है, मगर मुकम्मल नहीं; दूरी है, मगर बेगानापन नहीं।
शायद हर किसी की ज़िंदगी में ऐसा एक रिश्ता ज़रूर होता है—जो अधूरा होकर भी सबसे सच्चा लगता है
# अधूरी रौशनी का रिश्ता #
कुछ रिश्ते धूप नहीं होते,
बस धुंधली-सी रोशनी बनकर
दिल के कोनों में ठहर जाते हैं।
तुम भी वैसे ही हो—
न पूरी तरह मेरे,
न बिल्कुल पराए।
तुम्हारी खामोशी में
एक अजीब-सा शोर है,
जो हर रात मेरी नींदों को
धीरे-धीरे चुरा लेता है।
मैंने चाहा तुम्हें
एक खुले आसमान की तरह,
पर तुम तो बादल निकले—
छूने पर भी हाथ खाली रह जाए।
कभी लगता है
तुम मेरी सबसे गहरी सच्चाई हो,
और कभी—
सबसे खूबसूरत झूठ।
दिल कहता है थाम लूँ तुम्हें,
दिमाग़ समझाता है छोड़ दूँ,
और मैं…
इन दोनों के बीच
हर रोज़ थोड़ा-थोड़ा बिखरता हूँ।
तुम्हारी यादें भी अजीब हैं—
न पूरी तरह सुकून देती हैं,
न पूरी तरह दर्द,
बस एक अधूरा-सा एहसास बनकर
रूह में उतर जाती हैं।
शायद कुछ कहानियाँ
मंज़िल तक पहुँचने के लिए नहीं होतीं,
बस हमें ये सिखाने के लिए होती हैं
कि मोहब्बत…
कभी-कभी अधूरी होकर ही
सबसे ज़्यादा मुकम्मल लगती है।
(विजय वर्मा)
www.retiredkalam.com
Categories: kavita
very nice .
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Thank you so much.
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मन को छूते शब्द सारे
भावार्थ जिनके न्यारे न्यारे,,, अतिसुंदर सर 🙏🏻 सुप्रभात
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सुप्रभात
आपके ये शब्द भी उतने ही सुंदर और सच्चे हैं—जैसे किसी शांत सुबह में हल्की धूप दिल को छू जाए।
“मन को छूते शब्द सारे, भावार्थ जिनके न्यारे न्यारे” — सच में, जब भाव दिल से निकलते हैं तो वे सिर्फ पढ़े नहीं जाते, महसूस किए जाते हैं।
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Bahut Sundar Kavita. 💐💐💐
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बहुत-बहुत धन्यवाद! 💐🤍
आपके शब्द सच में दिल को खुशी दे गए। जब कोई कविता को सिर्फ पढ़ता नहीं, बल्कि महसूस करता है—तो वही उसकी असली पहचान बन जाती है।
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बहुत ही खूबसूरती से लिखा है… 🤍 ये अधूरापन ही शायद इसे इतना सच्चा और महसूस करने लायक बना देता है।
हर लाइन दिल को छू गई… जैसे किसी अपने एहसास को पढ़ लिया हो। ✨
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बहुत धन्यवाद… सच में आपका यह कहना बहुत सुकून देता है। 🤍
कभी-कभी लेखन में “मुकम्मलपन” से ज़्यादा असर वही अधूरापन छोड़ जाता है, क्योंकि वही पढ़ने वाले की अपनी कहानी से जुड़ जाता है।
आपने जिस तरह महसूस किया, वही इस तरह की कविताओं की असली सफलता है—अगर कोई उसे सिर्फ पढ़े नहीं, बल्कि अपने भीतर कहीं पहचान ले। ✨
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हर पंक्ति में एक सच्चाई हैं जो दिल को छू जाती हैं।
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आपके शब्द सच में दिल को छू लेने वाले हैं। 🤍
जब किसी रचना में “सच्चाई” झलकती है, तो वह सिर्फ पढ़ी नहीं जाती—सीधे मन तक पहुँच जाती है। हर पंक्ति अपने भीतर एक अनुभव, एक एहसास और कभी-कभी एक चुप-सी सीख लिए होती है, जो धीरे-धीरे हमारे भीतर उतर जाती है।
आपकी यह सराहना बहुत कीमती है |
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The most profound connections are those that require no labels, existing purely in the sacred space of silent understanding and unwavering presence. 🌿🕊️🙏
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That’s beautifully put—and quietly powerful.
There’s something rare about a connection that doesn’t ask to be defined. No roles, no expectations to perform—just a shared space where presence itself is enough. In that kind of stillness, words almost feel unnecessary, because understanding flows without them.
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