#आईना झूठ नहीं बोलता# 

मैं अकसर आईने की तरफ देख कर मुसकुराता हूँ तो मुझे लगता है कि आईना मुझसे कह रहा है कि  मैं मुसकुराता हुआ अच्छा लगता हूँ |

मैं उससे  जानना चाहता हूँ कि कितना ?  लेकिन आईना  कुछ बता नहीं पाता |  फिर मैं यह सोच कर आश्वस्त  हो जाता हूँ कि आईना कभी झूठ नहीं बोलता |

इसलिए तो मैंने लिखा है …

आईना झूठ नहीं बोलता

आईना आज फिर मुझे देख रहा है,

मेरे मुसकुराने का राज पूछ रहा है ।

दुख में भी मुसकुराने का राज क्या है ? 

जो दर्द को बढ़ा गया वो साज क्या है ?

यह सच है कि आईना झूठ नहीं बोलता है ,

हर बात को सच के तराजू पर तौलता है | 

लेकिन क्या वो मेरे दर्द को जानता है ?

क्या मेरे  जीवन के संघर्षों को पहचानता है ?

 मैं, बस मुसकुराता हूँ कुछ नहीं कह पाता हूँ ,

पर आईने से अपने दर्द को छिपा नहीं पाता हूँ |

पूछता है ये मैं क्यों दुखी हूँ आज

क्यों नहीं थिरकता ज़िंदगी के साथ

यह सच है कि आईना झूठ नहीं बोलता है 

न ही कभी किसी का राज़ खोलता है |

आसान नहीं है जीवन यह तो संघर्ष है,

मेरे अंदर और बाहर का द्वंद है

इसलिए जब मैं आईने को देखता हूँ,

अपने दर्द को अपने अंदर समेटता हूँ |

(विजय वर्मा)

BE HAPPY….BE ACTIVE….BE FOCUSED….BE ALIVE…

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12 replies

  1. सत्य कथन,, आईना झूठ नही बोलता है 💐💐

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  2. अच्छी कविता।

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  3. 💙💙

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