Uncategorized

#सोच अपनी अपनी#

Originally posted on Retiredकलम:
ठाकुर साहेब अपने घर के बरामदे में बैठ कर धुप सेंक रहे थे | जाड़े में सुबह की धुप बड़ी प्यारी होती है | ठकुराईन पास में ही बैठे मटर छिल रही थी | तभी एक…

# एक बार फिर #

Originally posted on Retiredकलम:
वो भी एक जमाना था जब वो दिल के बेहद करीब थी और आज वो आँखों से दूर ही सही लेकिन अब भी उसे अपने ?दिल के करीब महसूस करता हूँ | वह दिल बेचारा उसकी…

#आशा के दीप जलाना है#

Originally posted on Retiredकलम:
किसी ने कहा है कि ज़िन्दगी एक किताब है | जिसके हर पन्नो पर एक पहेली लिखी है, जिसे सुलझाते हुए हमारी ज़िन्दगी निकलती जा रही है | कभी कभी कठिन प्रश्न के सही समाधान नहीं…

# मेरा सुसाइड नोट #

Originally posted on Retiredकलम:
कभी कभी मन में ख्याल आता है कि जब मनुष्य का अंतिम समय आता है तो वह क्या सोचता होगा ?  वैसे मैंने सुना है कि मृत्यु सैया पर पड़ा इंसान जब अपने मौत का इंतज़ार…

#कोलकाता की एक शाम#

Originally posted on Retiredकलम:
?????? दोस्तों, मैं कोलकाता शहर में पिछले 15 साल से रह रहा हूँ | कोलकाता को सिटी ऑफ़ जॉय भी कहते है।? मैं नए साल को कोलकाता में बहुत धूम – धाम से मनाता था |…

#Remember to smile#

Originally posted on Retiredकलम:
There are numerous studies that shows, how the problems of stress and depression is becoming omnipresent and affecting a vast majority of us. A recent study by Assocham revealed that 42.5% of employee in Indian private…

# मास्टर जी के डंडे #

Originally posted on Retiredकलम:
दोस्तों, आज सुबह कुछ देर से उठा था, कल पार्टी के जश्न में देर से सो पाया था | मैं सुबह के कार्यक्रम से निवृत होकर ?लैपटॉप पर अपने मेल चेक कर रहा था तभी मेरी…

  #गुस्सा करने से पहले#  

Originally posted on Retiredकलम:
किसी ने क्या खूब कहा है … जब आपको गुस्सा आये तो गुस्से में बोलने से पहले सौ तक गिन लेना और जब आपको बहुत ज्यादा गुस्सा आये तो गुस्से में कुछ बोलने से पहले हज़ार…