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# प्यार में कभी कभी #

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आज मैंने एक ऐसी कहानी पढ़ी जिसे पढ़ कर मन में तरह तरह के सवाल पैदा होने लगे इसलिए मैं इस कहानी को आप सबों के साथ शेयर करना चाहता हूँ | एक जवान और बेहद…

# आधी अधूरी ज़िन्दगी #

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कभी-2 इंसान अपनी इच्छाओं को मार कर जीने को ?मजबूर हो जाता है | अपने अभावों को संतुलित करते-करते वह इतना थक जाता है कि उसे अपनी आधी अधूरी ज़िन्दगी से घबराहट महसूस होने लगती है…

# सफ़र लोकल ट्रेन का #

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?हेलो फ्रेंड्स, मुझे कोलकाता में रहते हुए करीब 15 साल हो चुके है ?और यहाँ की बहुत सारी यादें मुझसे जुडी हुई है | कुछ ऐसी घटनाये भी यादों में बसी है कि उसे याद करते…

मैं रोज़ लिखता क्यों हूँ ?

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एक दिन मैंने खुद से ही प्रश्न कर डाला कि मैं लिखता क्यों हूँ?? सचमुच मेरे लिए इसका उत्तर आसान नहीं था | तभी मेरे मन के किसी कोने से आवाज़ आई – जब मैं अपने…

#सोच अपनी अपनी#

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ठाकुर साहेब अपने घर के बरामदे में बैठ कर धुप सेंक रहे थे | जाड़े में सुबह की धुप बड़ी प्यारी होती है | ठकुराईन पास में ही बैठे मटर छिल रही थी | तभी एक…

# एक बार फिर #

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वो भी एक जमाना था जब वो दिल के बेहद करीब थी और आज वो आँखों से दूर ही सही लेकिन अब भी उसे अपने ?दिल के करीब महसूस करता हूँ | वह दिल बेचारा उसकी…

#आशा के दीप जलाना है#

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किसी ने कहा है कि ज़िन्दगी एक किताब है | जिसके हर पन्नो पर एक पहेली लिखी है, जिसे सुलझाते हुए हमारी ज़िन्दगी निकलती जा रही है | कभी कभी कठिन प्रश्न के सही समाधान नहीं…

# मेरा सुसाइड नोट #

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कभी कभी मन में ख्याल आता है कि जब मनुष्य का अंतिम समय आता है तो वह क्या सोचता होगा ?  वैसे मैंने सुना है कि मृत्यु सैया पर पड़ा इंसान जब अपने मौत का इंतज़ार…

#कोलकाता की एक शाम#

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?????? दोस्तों, मैं कोलकाता शहर में पिछले 15 साल से रह रहा हूँ | कोलकाता को सिटी ऑफ़ जॉय भी कहते है।? मैं नए साल को कोलकाता में बहुत धूम – धाम से मनाता था |…