# मोहब्बत की दास्तान #

यह ग़ज़ल एक टूटे हुए दिल की दास्तान है, जहाँ प्रेम की गहराई, विरह की पीड़ा और यादों की छाप हर शेर में झलकती है।

इसमें मोहब्बत की नमी भी है और जुदाई की तपिश भी। हर मिसरा दिल को छूता है, जैसे कोई अधूरी कहानी शब्दों में बिखर गई हो।

“मोहब्बत की दास्तान”

ये इश्क़, जिसके कहर से डरता है ज़माना,
कमबख्त मेरे सब्र के टुकड़ों पे पला है।

अब, बारिश में भीगने के ज़माने गुजर गए,
वो शख्स मेरा यह शौक चुरा कर गया है।

कुछ इस अदा से तोड़े हैं ताल्लुक उसने,
मुद्दत से ढूंढ़ रहा हूँ,क्या कसूर अपना है ।

कब्रों में नहीं हमको किताबों में ढूंढो यारों ,
हम तो मोहब्बत की कहानी में मरे हैं।

हर एक पन्ने पे बिखरे हैं जज़्बात मेरे,
सच, हर हर्फ़ में तेरा ही नाम लिखा है।

भूल जा अब तू मुझे, आसान है तेरे लिए,
भूलना तुझको नहीं आसान मगर मेरे लिए।

तेरे बिना चाँद भी लगता है कुछ अधूरा- अधूरा ,
रातें हैं खामोश, फिर भी दिल कुछ कहता है।



Categories: kavita

Tags: , , , ,

4 replies

  1. very nice

    Liked by 2 people

  2. Thank you for your kind comment. Thank you so much. Blessings 🌈🙏

    Liked by 1 person

Leave a comment