# Retirement ke side effect#

बिना स्वार्थ के किसी का भला करके देखिये ,
आपकी तमाम उलझाने ऊपर वाला सुलझा देगा |

Retiredकलम

लोग कहते है कि जिन्दादिली से जीवन जीने को ही “ज़िन्दगी” कहते है | .यह सही भी है , परन्तु जीवन में कुछ  पल ऐसे भी आते है कि निर्णय लेने के लिए बस टॉस करना  पड़ता है | तब हमें Decision लेने के बाद ही पता चलता है कि हमने सही लिया या गलत |

बैंक के ३२ वर्षो की सेवा देने के बाद ,VRS (voluntary Retirement Scheme) का  decision लेना मेरे लिए बहुत कठिन लम्हा था | रिटायरमेंट के साइड इफ़ेक्ट का थोडा थोडा अनुमान तो था, या यूँ कहे कि जिसका डर था वही हुआ | मैं अचानक बिजी इंसान से बेकार इंसान बन गया | ऐसा लगा कि हमारा जीवन अब बिना लक्ष्य का हो गया है |

मैंने सुना  था कि ज़िन्दगी में कुछ लक्ष्य या goal ना हो तो ज़िन्दगी नीरस हो जाती है | अतः जीवन को सार्थक बनाना  तो ज़रूरी था | मैंने…

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