सबसे कठिन काम है …सबको खुश रखना ,
सबसे आसान काम है …सबसे खुश रहना ||

तड़प ये इश्क की दिल से कभी नहीं जाती
कि जान दे के भी दीवानगी नहीं जाती ,
ना जाने कौन सी दुनिया है वो मेरे रब्बा
जहाँ से लौट के कोई सलामत नहीं आती…
राधिका के आँखों से आँसू बह रहे थे और उसकी जीने की इच्छा अब समाप्त हो चुकी थी |
हो भी क्यों नही, जब जन्म देने वाला पिता ही उसका दुश्मन बन जाए तो फिर उससे लड़ा भी नहीं जा सकता है |
इसीलिए उसने सोचा कि जब सारे रास्ते बंद हो गए है तो ज़िन्दगी की हार स्वीकार कर लेना ही उचित होगा |
राधिका इन्ही बातों को मन ही मन सोचते हुए पागलों की भांति तेज़ कदमो से नदी की ओर भागती जा रही थी | उसने दृढ संकल्प ले लिया था कि अभी उस नदी में डूब कर अपनी जान दे देगी |
तभी रास्ते में संदीप का घर दिख गया |…
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