हर ब्लॉग कुछ कहता है…11

हार के आगे जीत है …

हर कोई अपने ज़िदगी में कामयाब होना चाहता है लेकिन कुछ ही लोग कामयाब हो पाते है | सवाल है कि ऐसा क्यों ? वह कौन सा फार्मूला है जो हमें हमारी मंजिल के करीब ले जा सकती है  

आज लोगों के पास बहुत सी अच्छी अच्छी आइडियाज है, उनके पास जानकारी की कोई कमी नहीं है  | बाबजूद इसके वे अपनी ज़िन्दगी में सफल नहीं हो पा रहे है  |

जिंदगी में सफल होने के लिए  केवल  जानकारी भर होना ही काफी नहीं है | उन विचारों को  सही समय पर और सही ढंग  से लागु ( implement) करना बहुत ज़रूरी है …तभी हम सफल हो सकते है

कुछ ऐसे लोगों के बारे में सुना है .. .जिनके पास ज्ञान का भण्डार है या यूँ कहें कि वे चलते फिरते इनसाइक्लोपीडिया ( encyclopedia)  है | फिर भी वो कामयाबी से  दूर है |

कामयाबी कौन नहीं चाहता है |  ऐसा मानना है कि उनके पास ज्ञान तो ढेर सारा है लेकिन उसे सही समय पर और सही ढंग से  लागु नहीं कर पाए, बस सिर्फ सोचते रह गए |

किसी चीज़ की जानकारी  होना अच्छी बात है और यह पहला कदम ज़रूर है सफलता हासिल करने के लिए ..लेकिन उससे भी ज्यादा ज़रूरी है कि  उसे सही समय पर और सही ढंग से उन  विचारो को. उन आइडियाज (ideas)   को लागू (implement) किया जाए |

यह देखा गया है कि कुछ ऐसे व्यक्ति  जिन्हें थोडा ही ज्ञान था  (२०%) और  कुछ ऐसे लोग भी थे जिनमे असीमित ज्ञान थे (१००%) |

पहले वाले ने  उन सिमित ज्ञान को ही  सही वक़्त पर और सही ढंग से लागू ( implement) किया | और देखते देखते सफलता की उचाईयों पर पहुँच गए और दूसरी तरफ जिन्हें असीमित ज्ञान था , या यूँ कहें कि  ज्ञान का भण्डार था , उसे अपनी ज़िन्दगी में लागू करने के लिए सही समय का इंतज़ार करते रहे  और उसे लागू (  implement) नहीं कर पाए |

इस तरह  देखा गया कि पहला व्यक्ति सिमित ज्ञान के बावजूद  अपनी लक्ष्य को प्राप्त किया और  वही दूसरी तरफ असीमित ज्ञान वाले  व्यक्ति के पास ज्ञान का भण्डार होने के बाबजूद सफल नहीं हो पाए |

अंतर सिर्फ इतना था कि उन्होंने अपने आइडियाज को अपने पास ही रखा,  उसे लागू नहीं किया | इसलिए ज़िन्दगी में सफल होने के लिए ज़रूरी है कि अपने आइडियाज को लागू किया जाए  |

कुछ लोग तो  ज़िन्दगी में सफल ना होने पर  परिस्थितियों का बहाना बनाते है ..जैसे मुझे तो अंग्रेजी  बोलनी  नहीं आती … .लेकिन कपिल शर्मा शो के प्रस्तुतकर्ता खुद अपने बारे में कहा करते थे कि उन्हें अच्छी अग्रेजी नहीं आती है ..फिर भी अपनी इस कमी को अपने सफलता में बाधक नहीं बनने दिया ./

.यही बात मशहूर फिल्म अभिनेता  नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी  के बारे में भी कहा जाता है कि वे गाँव के परिवेश से शहर में आये और अंग्रेजी नहीं जानने के बाबजूद भी अपने अभिनय के बल पर एक अलग मुकाम हासिल किया  |

कुछ लोग रोना रोते है कि अब तो काम करने की मेरी उम्र ही  निकल गई  || लेकिन यहाँ बोमन ईरानी का जिक्र करना चाहता हूँ जिन्होंने ५५ साल की उम्र में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा और सफल हुए |

सच तो यह है कि हम अपने पूर्वाग्रहों वाले विचारो से बंधे होते है और प्रयास ना करने का कोई ना कोई बहाना ढूंढते है ..|

 जो इंसान अपनी ज़िन्दगी में किसी चीज़ को समय पर लागू  नहीं करते है वो  कभी भी सफल नहीं हो पाते है |

कुछ  लोग कहते है कि  बिज़नस शुरू करने के लिए बहुत सारे पैसों की ज़रुरत होती है |

लेकिन  बहुत से ऐसे  स्टार्ट अप  बिज़नस देखने को मिलते है जो  बहुत कम पैसो से शुरू हुए और  आज  एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिए है |

कहने का मतलब है कि बिज़नस सिर्फ पैसे से बड़ा नहीं होता .. बड़े विचार, और मेहनत  से बड़ा होता है  |

मैं तो कहता हूँ कि जब जागो तभी सवेरा …आप  अभी भी अपनी कमियों  पर काबू कर  अपने आईडिया को लागू  करने की  शुरुआत  कर सकते है |

और इस तरह से आप अपने मंजिल के काफी करीब होंगे और कामयाबी आपके कदम चूमेंगी  |

दो दोस्तों की एक मशहूर कहानी है .. दोनों ने अपने स्वास्थ को improve करने के लिए दुसरे दिन से मोर्निंग वाक और एक्सरसाइज करने का निश्चय किया  |

दुसरे दिन सुबह एक दोस्त सबेरे सबेरे उठ गए और मोर्निंग वाक और जॉगिंग (exercise) के लिए निकल गए वही दुसरे ने सोचा कि वह कल से जायेंगे | उसकी आलसीपने ने उसे अपने आईडिया को लागू करने से रोकता रहा | उसका कल  कभी नहीं आया |

नतीजा कुछ दिनों में बाद ही  सामने आ गया |  पहला दोस्त तो १० किलो वज़न कम करने में सफल रहा  वही दुसरे ने  अपना १० किलो वज़न और बढ़ा लिया | अब उसके पास अफ़सोस करने के अलावा कोई चारा नहीं था | 

 यह ठीक ही कहा गया है कि असफलता ही सफलता की पहली सीढी  होती है |

इसका मतलब है कि हम असफलताओं को पार करके ही सफलता को प्राप्त कर सकते है | आज जितने भी सफल व्यक्ति हुए है उन्होंने भी शुरू  में असफलता का स्वाद चखा था लेकिन उन्होंने  अपनी कोशिश को जारी  रखा  और एक दिन सफल हुए |

हमें असफलता में धैर्य नहीं खोना चाहिए | असफलता  हमें हमारी  कमियों से परिचित कराती है | उन कमियों को दूर करने का अवसर देती है |

बुद्धिमान  व्यक्ति वही है जो अपने  गलतियों से सिख ले और उन गलतियों को न दोहराए |

असफलता व्यक्ति के अन्दर सहनशीलता और गंभीरता पैदा करता है | सफलता और असफलता एक ही सिक्के के दो पहलू  है.., यह तो बारी बारी से जीवन में आते ही रहते  है |

असफलता से व्यक्ति भले ही  खेल हार जाए, परन्तु मन से नहीं हारना चाहिए | जो मन से हार जाते  है वे कोशिश करना छोड़ देते है …और अपने जीवन की दौड़ में सदा के लिए पिछड़ जाते है

..हारने के बाद जीत का अलग ही आनंद होता है | इसलिए असफलता को दुश्मन नहीं बल्कि उसे दोस्त समझना चाहिए |

आज ही आप सब अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर हो जाएँ ..अभी  भी देर नहीं हुई है …

क्या आप हमसे सहमत है …???

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Published by vermavkv

I am Vijay Kumar Verma, residing in Kolkata, the city of joy. I was a Banker since December 1985 and retired in April 2017 from State Bank of India. After serving the Bank for 32 years as an officer holding different assignments from time to time, now I am currently enjoying the retired life. I would like to fulfil the duty of social service through this platform spreading aware about the health related problems and their remedies. I will also try to entertain my followers through knowledgeable information and motivate them to enjoy better and quality lifestyle. It is my endeavour to keep the post friendly and as informative as I can. I am willing to connect with my friends and followers, through my stories and drawings out of my passion to write and make sketches. I would like to create a trusted and joyful friend circle, and share tales from the past

18 thoughts on “हर ब्लॉग कुछ कहता है…11

    1. धन्यवाद डिअर , मैंने जो कुछ भी लिखा वह सार्वजानिक सत्य है |
      हौसलाअफजाई के लिए आपका आभार …

      Liked by 1 person

      1. जी ये सार्वजनिक सत्य है 🙂 आपके लेख पढ़ने में बहुत अच्छा लगता है एक पॉजिटिव एनर्जी मिलती है।💖आपने सही कहा पर मैंने देखा है कि कोई कोई बहुत ज़्यादा मेहनत करने के बावजूद आगे नहीं निकल पाते ऐसा क्यों होता है? मुझे कही न कही थोड़ा किस्मत का भी रोल इसमें लगता है। मेहनत और किस्मत दोनों का साथ हो तभी ये मुमकिन है🙏

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        1. मुझे यह जानकार ख़ुशी हुई कि मेरे लेख से आप पॉजिटिव एनर्जी महसूस करती है /
          मेरा यही मकसद है कि आज के तनाव भरी ज़िन्दगी में कुछ पॉजिटिव चीजों को याद कर
          अपने को खुश रखा जाए /आप का आभार…

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          1. जी सही कहा आपने।आप बस ऐसे ही लेख लिखते रहे ताकि हमें आपकी लेखनी से प्रेरणा मिलती रहे🙂🙏 धन्यवाद।

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