धुंध की दीवार – 5

Relations shine by shaking hands in Best moments,
But they Blossom by holding hands in critical moments..

Retiredकलम

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मंजिल उन्ही को मिलती है …जिनके सपनों में जान होती है

पंखो से कुछ नहीं होता…. हौसलों  से उड़ान होती है  

आनंद में अचानक आये इस बदलाव से निशा को थोडा आश्चर्य हो रहा था, हालाँकि उसका दिल पहले से ही कहता था कि आनंद उसके साथ बेरुखी नहीं कर सकता है |

बहुत दिनों के बाद आनंद का साथ पाकर वह बहुत सुकून महसूस कर रही थी और आज उसे शराब की भी तलब नहीं लगी |

चूँकि आनंद भी अपने सारे शूटिंग डेट्स को कैंसिल कर चूका था इसलिए उसके पास निशा के लिए समय ही समय था |

उससे अपने फिल्मों के बारे में ढेर सारी बातें शेयर करता और उसे हर तरह से खुश रखने की कोशिश करने लगा |

निशा को आनंद के साथ समय बिताना अच्छा लग रहा था और धीरे धीरे उसे विश्वास होने लगा कि आनंद उसे छोड़…

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