सकारात्मक विचार …13

हम को मन की शक्ति देना , मन विजय करें

दूसरों की जय से पहले, खुद को जय करें

व्यक्तित्व निर्माण का प्रश्न प्रत्येक आदमी के वास्ते व्यक्तिगत सवाल है। इसका किसी दूसरे आदमी से कोई संबंध नहीं है।

दूसरा कोई भी आदमी आपके मन तथा व्यक्तित्व को बलवान एवं दृढ़ नहीं बना सकता।

कोई भी व्यक्ति आपको दुर्बल से शक्ति -संपन्न,…. असफल से सफल और ‘कुछ नहीं’ से ‘सब कुछ’” नहीं बना सकता।

आप स्वयं ही सब कुछ’ बन सकते हैं और आप में वह सब करने की शक्ति, सामर्थ्य मौजूद है। ”

  • लोग वही देखते हैं जो वे देखना चाहते हैं और जो लोग देखना चाहते हैं वह हमेशा सच नहीं है।” “
  • अगर ख्वाईश कुछ अलग करने की है तो दिल और दिमाग के बीच बगावत लाजमी है | “
  • लोग कहते है ज़िंदगी मिली है अपने हिसाब से जीने के लिए, लेकिन वही लोग सुबह होते ही किसी और के हिसाब से जीने चले जाते है ”
source: Google.com
  • अक्सर चीजे हमें वैसी नहीं दिखती जैसी वे हैं, बल्कि वैसी दिखती हैं जैसे हम हैं ।

यह एक ऐसे बुद्धिमान वयक्ति की कहानी है जो अपने गाँव के बाहर बैठा हुआ था । एक यात्री उधर से गुजरा और उसने उस व्यक्ति से पूछा,…. इस गाँव में किस तरह के लोग रहते हैं क्योंकि मैं अपना गाँव छोड़ कर किसी और गाँव में बसने की सोच रहा हूँ ।

तब उस बुद्धिमान व्यक्ति ने उससे पूछा,….. तुम जिस गाँव को छोड़ना चाहते हो, उस गाँव में कैसे लोग रहते हैं ? उस आदमी ने ज़बाब दिया …. वे स्वार्थी, निर्दयी और रूखे हैं ।

बुद्धिमान व्यक्ति ने उस व्यक्ति से कहा … .इस गाँव में भी ऐसे ही लोग रहते हैं ।

कुछ समय बाद एक दूसरा यात्री वहाँ से गुज़र रहा था | उसने भी उस बुद्धिमान व्यक्ति से वही सवाल पूछा । बुद्धिमान व्यक्ति ने उससे भी यही प्रश्न किया …. तुम जिस गाँव को छोड़ना चाहते हो, उस गाँव में कैसे लोग रहते हैं ?

उस यात्री ने जवाब दिया…..,वहाँ के लोग विनम्र, दयालु और एक-दूसरे की मदद करने वाले हैं ।

तब बुद्धिमान व्यक्ति ने उससे कहा,…. इस गाँव में भी तुम्हें ऐसे ही लोग मिलेंगे ।

आम तौर पर हम दुनिया को उस तरह नहीं देखते जैसी वह है बल्कि जैसे हम खुद है वैसी ही हमें दिखती है ..

… इस कहानी से यही शिक्षा मिलती है कि – ज्यादातर मामलों में दूसरे लोगों का व्यवहार हमारे ही व्यवहार का आईना होता है । अगर हमारी नीयत अच्छी होती है तो हम दूसरों की नीयत भी अच्छी मान लेते हैं । हमारा इरादा बुरा होता है तो हम दूसरों के इरादों को भी बुरा मान लेते हैं।

ये मेरे भी निजी अनुभव है दोस्तो .. आपके मन में भी कुछ इस तरह के विचार उठ रहे होंगे …. आप भी अपने अनुभव शेयर करें….मुझे ख़ुशी होगी…

आप इस विडियो को ज़रूर देखें…

घर घर की कहानी “ पढने हेतु नीचे link पर click करे..

https://wp.me/pbyD2R-2fl

BE HAPPY….BE ACTIVE….BE FOCUSED….BE ALIVE…

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Categories: motivational

2 replies

  1. Positive thoughts. Nice.

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