प्रेम का इज़हार

चुपके से भेजा था मेरे मेहबूब ने मुझे एक गुलाब

कमबख्त उसकी खुशबू ने सारे शहर में हंगामा कर दिया .

वेलेंटाइन डे के अवसर पर कल हमने एक ब्लॉग पोस्ट लिया था | और आप सबों ने ढेर सारा स्नेह और प्यार दिया |

लेकिन असली वेलेंटाइन का मतलब वह एक छोटी सी कहानी  समझा गया, जिसे पढ़ कर मैं बहुत भावुक हो गया था , और उसे इस ब्लॉग में जगह देने से अपने को नहीं रोक सका …

कहानी कुछ इस तरह की है कि एक “सीनियर सिटीजन दम्पति” अंपने बड़े से फ्लैट में बड़े प्यार से अकेले रहते थे | उनके दोनों बेटे नौकरी के कारण विदेश में रहते थे |

फिर भी यह दोनों दम्पति एक दुसरे से अथाह प्रेम करते हुए , ख़ुशी – ख़ुशी सुखमय जीवन बिता रहे थे |

तभी एक अजीब घटना घटी. |  अचानक उनकी पत्नी बीमार पड़ गयी | उन्होंने बहुत इलाज़ कराया लेकिन बाद में पता चला कि उनकी उनकी पत्नी को कैंसर हो गया है और वे मात्र छः महीने की मेहमान है |

उन दोनों का ४० साल का साथ था और इन चालीस सालों में कितने अच्छे और बुरे दिनों को साथ साथ झेला था |

डॉक्टर से कैंसर की बात सुन कर दोनों दुखी हो गए कि अब आपस का साथ सिर्फ छः महीने का ही  है | पति अपनी पत्नी की सेवा में कोई कसर नहीं रखता | वह हमेशा उसे हिम्मत बंधाता और  खुश रखने  की कोशिश करता |

लेकिन पत्नी बहुत समझदार और बहुत हिम्मतवाली थी | उसने  कभी अपने पति के सामने अपना दुःख प्रकट होने नहीं दिया |

हाँ, , बातों बातों में चाय पीते हुए एक दिन पत्नी ने अपने पति से एक प्रॉमिस ले लिया / उसकी  पत्नी  ने कहा……. मैं अब तक आप की देख भाल करती आयी हूँ लेकिन हमारे जाने के बाद, मैं नहीं चाहती कि आपको आगे  कोई तकलीफ हो |

…क्योकि मैं जहाँ भी रहूंगी, आपको दुखी देख कर मेरी आत्मा को भी दुःख होगा,, ,इसलिए वादा कीजिये कि मेरे मरने के बाद आप दूसरी शादी  कीजियेगा और हमेशा खुश रहिएगा |

आप का यह वादा मुझे चैन से इस दुनिया से विदा होने देगा |

पत्नी की बात सुन कर पति अवाक् रह गया और पत्नी की तरफ सुनी आँखों से देखते हुए कहा … मैं तुम्हारी याद में बाकी के ज़िन्दगी काट लूँगा, लेकिन मैं दूसरी शादी नहीं करूँगा |

पत्नी ने कहा … आज वेलेंटाइन डे है और आज ही आपने मुझे प्रॉमिस किया है कि मेरी हर बात आप मानेंगे | तो इस “वेलेंटाइन डे “ को यादगार क्यों ना बनाया जाये और तभी पति ने पत्नी को वचन दे दिया |

देखते देखते छः महीने गुज़र गए और वह बुज़ुर्ग व्यक्ति अपने पत्नी के जाने के बाद बहुत अकेले पड़ गए |

वे बहुत खामोश रहते और हमेशा अकेलापन महसूस करते थे |

पत्नी के देहांत के बाद वे अपने बड़े बेटे के पास चले गए थे | उनके  बेटे को भी पिता के तकलीफ का अंदाजा था |

Happy senior adults showing thumbs up sign

एक दिन उनका बेटा पिता जी के पास आकर बोला…  हमलोग को तो अपने कामों से फुर्सत नहीं मिलता है और आपका अकेलापन मुझे देखा नहीं जाता |

मैं आप के लिए एक पार्टनर ढूंढ  लेता हूँ  ताकि आपका अकेलापन दूर हो सके |

तभी उन्हें अपनी पत्नी को दिया हुआ वचन याद आ गया और उन्होंने विरोध नहीं किया | लेकिन उन्होंने एक बात ज़रूर कहा ..   इस ८० साल के बूढ़े से कौन शादी करना चाहेगा |

फिर भी उनके बेटे ने पेपर में matrimony का इश्तेहार दे डाला |

इश्तेहार में लिखा था … 79 साल के  एक स्वस्थ आदमी को रंगीन और जिंदा दिल पत्नी चाहिए |

एक औरत का दुसरे ही दिन उस बुज़ुर्ग के पास फ़ोन आया |

उस औरत ने फ़ोन पर उस बुज़ुर्ग से कहा …..  आपको एक जिंदा दिल औरत की तलाश है और मैं अपने को जिंदा दिल औरत समझती हूँ | क्या हमारा रिश्ता आप को मंज़ूर है |

फिर क्या था बात आगे बढ़ी | उनके बच्चे लोग भी  इस बात से खुश थे कि पिता जी को एक साथी मिल जायेगा |

वो औरत बैंगलोर में रहती थी | इसलिए उनसे मिलने वो महाशय ८० साल की उम्र में मुंबई से बैंगलोर के लिए चल दिए |

वो औरत जिसकी उम्र करीब  करीब 60  साल की थी |

उन दोनों ने  एक दुसरे को देखा और पसंद किया |

फिर तुरंत ही उस औरत ने engagement ring का प्रस्ताव रखा लेकिन वह बुज़ुर्ग तो साथ में कोई अंगूठी लेकर तो गए ही नहीं थे |

इसलिए तय हुआ कि अभी जेवेलरी शॉप जाकर अंगूठी लेकर आते है ताकि ring ceremony की रस्म अदा की जा सके |

दोनों साथ साथ एक बड़ी सी जेवेलरी शॉप में गए  और उस औरत ने अपने लिए एक छोटी से खुबसूरत अंगूठी पसंद किया |

अचानक दुकानदार ने उनसे पूछा. .. यह engagement ring किसके लिए खरीद रहीं है आप |

उस महिला ने तपाक से कहा … यह रिंग मेरे लिए है | हम दोनों का आज  engagement होने वाला है |

इस बात को सुन कर वह दूकानदार काफी हैरान रह गया | इस अस्सी साल की उम्र में शादी ?

तभी उस शो रूम के मालिक को एक आईडिया सूझी | .. उसके अपने सारे स्टाफ और वहाँ उपस्थित ग्राहक से निवेदन कर , अपने शो रूम में ही एक engagement ceremony का आयोजन किया और वहीँ पर उन दोनों ने एक दुसरे को रिंग पहना के इस पल को यादगार बना डाला |

इस तरह उनका वह पहला वेलेंटाइन डे  बन गया और अब वे हर साल इस वेलेंटाइन डे को धूम धाम से मानते है …

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Published by vermavkv

I am Vijay Kumar Verma, residing in Kolkata, the city of joy. I was a Banker since December 1985 and retired in April 2017 from State Bank of India. After serving the Bank for 32 years as an officer holding different assignments from time to time, now I am currently enjoying the retired life. I would like to fulfil the duty of social service through this platform spreading aware about the health related problems and their remedies. I will also try to entertain my followers through knowledgeable information and motivate them to enjoy better and quality lifestyle. It is my endeavour to keep the post friendly and as informative as I can. I am willing to connect with my friends and followers, through my stories and drawings out of my passion to write and make sketches. I would like to create a trusted and joyful friend circle, and share tales from the past

7 thoughts on “प्रेम का इज़हार

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