Rainbow of Happiness

आज मनुष्य खुशियों की चाह में सारी उम्र कठोर परिश्रम कर रहा है / उसका एक ही मकसद है खुशियों को हासिल करना / लेकिन सच तो यह है कि खुशियों का सही मतलब क्या है उसे मालूम नहीं है / कोई महंगे शौपिंग कर, तो कोई महंगी कार तो , कोई  बड़ा घर पाकर खुश हो रहा है, लेकिन वो अगले पल फिर दुःख का अनुभव करने लगता है /

किसी ने बड़ी सही बात कही है कि लोग खुशियाँ बटोरते बटोरते उम्र गुज़ार  दी, लेकिन बाद में पता चला कि खुश तो वो लोग थे जो खुशियाँ बाँट रहे थे /

यह सही है कि यह भौतिक बिलास की बस्तुएं खुशियाँ तो देती है लेकिन थोड़े समय के लिए / अगर सचमुच अपने को खुश रखना है तो अपने अंदर ही वो खुशियाँ ढूँढना होगा / हमारे अनुभव के आधार पर कहूँ तो हमारे खुशियों का  सात (seven) मुख्य पैमाना है, जिसे Rainbow of Happiness भी कह सकते है /जिसको  ठीक (balance) करके ख़ुशी जीवन जी सकते है / आइये इसपर विशेष चर्चा की  जाए …

  • Emotional happiness:

इमोशनली हम जीतना स्ट्रोंग होंगे हम अपने को उतना ज्यादा खुश रख सकेंगे / one should control over emotions, अगर छोटी छोटी बातो पर गुस्सा आ जाता है या छोटी छोटी घटनाओं पर हम विचलित हो जाते हो  तो यह  हमारे खुशियों में बहुत बड़ी रुकावट है / इसे दुरुस्त करना ज़रूरी है और इसे ठीक करने के लिए daily सुबह या शाम meditation कम से कम 15 minutes  करके correct किया जा सकता है / इससे हमारे अंदर optimistic और  positive thinking का विकाश होगा और  हम जो छोटी छोटी बातों में उलझ कर बड़ी चीजों का नुक्सान कर लेते है, उससे बच सकते है /

  •  Physical happiness :

इसका मतलब है कि हमारी  health कैसी है / हम  ख़ुशी का  अनुभव तभी कर सकेंगे जब  शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेंगे / अगर हम रोगों से और मानसिक परेशानियों से घिरे रहेंगे तो हमारे बीच उप्लाब्थ भौतिक सुख का आनंद नहीं ले सकेंगे / और किसी ने ठीक ही कहा है कि  सेहत ठीक रखने के लिए हमें चार नियमों का पालन ज़रूर करना चाहिए /

पहला नियम .. स्वस्थ भोजन और  समय पर भोजन लेना /

दूसरा नियम …रोजाना सुबह की सैर और थोड़ी सी कसरत करनी चाहिए, ताकि शरीर तंदरुस्त रह सके

तीसरा नियम … पूरी नींद होनी ज़रूरी है ताकि शरीर पूरी तरह से रिलैक्स हो सके / और अगर समय से सोना और  जागना ठीक से हो रहा है तो इअका मतलब है कि हमारी सेहत बिलकुल ठीक है /

और चौथा नियम है LEISURE TIME ..जी हाँ , ज़िन्दगी का सबसे महत्वपूर्ण पहलु है ,जिसे ज्यादातर लोगों के द्वारा  ध्यान नहीं दिया जा रहा है / रोजमर्रा के भाग दौड़ की ज़िन्दगी से कुछ पल leisure time के लिए निकालना बहुत ज़रूरी है / इस पर detail चर्चा मैं पहले blog में कर चूका हूँ जिसका link नीचे दे देता हूँ … https://infotainmentbyvijay.data.blog/2020/02/29/%e0%a4%96%e0%a4%bc%e0%a5%81%e0%a4%b6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b6/

  •  Social happiness:

यह बिलकुल सत्य है कि happiness is only real when shared. ख़ुशी बाँटने से बढती है / इसका सबसे अच्चा उदहारण है कि हमलोग विभिन्न प्रकार के त्यौहार मनाते है और  कोई भी social celebration, छोटी या बड़ी हो, हम अपने दुःख तकलीफ को भूल कर ख़ुशी का अनुभव करते है / इसलिए परिवार के बीच, या दोस्तों के बीच खुल कर खुशियों को share करना चाहिए / बच्चो का बर्थडे हो या खुद का, उस दिन मुझे अपार ख़ुशी का एहसास होता है /

  • Occupational happiness :

सामान्यतः यह देखा गया है कि ज़िन्दगी के करीब २५% कीमती समय काम या नौकरी को देते है और  अगर यह काम करके हमें ख़ुशी का अनुभव नहीं होता है तो job को switch over करने की सोचना चाहिए / आज तो कार्य के प्रति ऐसी मानसिकता हो गई है कि SUNDAY का दिन  बहुत प्यारा दिन लगता है और  Monday को simply hate करते है, लेकिन इसे ठीक करना होगा , क्योंकि हमारे रोज के quality time हम इसको देते है और  हमारा रोज़ी रोटी भी है / कार्य कोई भी हो उसे खूब मन लगा कर करना चाहिए और  एन्जॉय करना चाहिए /

  • Intellectual happiness :

कुछ लोग तो  intellectual happiness और occupational happiness को बराबर ही अनुभव करते है हालाँकि किसी की Intellectual happiness दुसरे कामो में करने से मिलती  है जैसे कोई story writing , singing, painting या दुसरे hobbies को करने  में I.H. को महसूस करते है / इसलिए काम के साथ साथ दुसरे ऐसे कामो को करना चाहिए और  खुशियों को महसूस करना चाहिए / अगर मैं अपनी कहूँ तो मुझे blog लिखने में बहुत मजा आता है इसीलिए मेरे लिए यह I.H. है और  यह ख़ुशी और  संतुष्टि प्रदान करता है /

  • Environmental happiness:

 हम जिस environment मे रह्रते है, या जहाँ काम करते है, उस माहौल से हमारी खुशियाँ बहुत प्रभावित होती है / इसलिए चाहे परिवार का, समाज का या work place हो उस माहौल को  positive रखने की कोशिश करनी चाहिए ताकि खुशियाँ हमारे नजदीक रहे / घर में भी सभी चीज़े व्यस्थित रखना और  आस पास के माहौल को खुशनुमा बनाए रखना चाहिए / मैं कभी कभी uneasy महसूस करता हूँ जब घर का कुछ सामान इधर उधर बिखरे पड़े होते है इसलिए खासकर Sunday को घर की सफाई और  सभी घर के सामान या कचरा को  manage करता हूँ / और इसके अलावा आस पास के साफ़ सफाई पर विशेष ध्यान देता है / अच्छे environment से हमारी खुशियाँ दोगुनी ही जाती है /

  • Spiritual happiness:

इसका सम्बन्ध सिर्फ धर्मं से नहीं है बल्कि हमारे अंदर की महसूस की जा रही ख़ुशी से है / कोई भी काम सिर्फ पैसों के लिए ना करे, बल्कि लोगों का, समाज का भला हो और समाज का कल्याण हो / इससे हम अंदर से शांति और  आनंद का अनुभव करते है / चाहे कार्य सामाजिक हो या धार्मिक ,यह हमारे Spiritual happiness को बढ़ता है / यह भी उतना ही ज़रूरी है जितना I.H .,और  E.H . और  P.H. है/ आइये ,हम वादा करें कि इन सातों  dimensions को अपने life में balance करें और ज़िन्दगी को खुशनुमा बनाएं /

BE HAPPY… BE ACTIVE … BE FOCUSED ….. BE ALIVE,,

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Published by vermavkv

I am Vijay Kumar Verma, residing in Kolkata, the city of joy. I was a Banker since December 1985 and retired in April 2017 from State Bank of India. After serving the Bank for 32 years as an officer holding different assignments from time to time, now I am currently enjoying the retired life. I would like to fulfil the duty of social service through this platform spreading aware about the health related problems and their remedies. I will also try to entertain my followers through knowledgeable information and motivate them to enjoy better and quality lifestyle. It is my endeavour to keep the post friendly and as informative as I can. I am willing to connect with my friends and followers, through my stories and drawings out of my passion to write and make sketches. I would like to create a trusted and joyful friend circle, and share tales from the past

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