kavita

# खुशियोँ से अनबन #

अमूमन देखा जाता है कि हम जिससे बहुत ज्यादा प्रेम करते है उससे हमेशा नोक झोंक होती रहती है | लेकिन कई बार ये अनबन इतनी बढ़ जाती है कि रिश्ते बिगड़ने लगते हैं। मतलब छोटी सी बात से शुरू… Read More ›

चलो दोस्त आज मुसकुराते है

लोग कहते है कि हमारा व्यक्तित्व वैसा ही होता है जैसी हमारी  भावना होती है | ये  भावना ही है जो हमारा बात – व्यवहार निश्चित करती है | सच तो यह है कि भावनाओं के बिना ज़िंदगी ही अधूरी है |… Read More ›

# एक वादा #

लोग कहते है कि जीवन जीना कठिन है , परन्तु मैं कहता हूँ कि जीवन अपने मुताबिक जी पाना कठिन है | हर बात आपके इच्छा के अनुसार नहीं हो सकती | आप हर कुछ और हर किसी को पा… Read More ›

# मेरा ही अक्स है #

कभी – कभी ऐसा महसूस होता है कि  बाहर चारों तरफ खुशियाँ है पर मेरे अंदर नहीं | मेरा मन हमेशा किसी न किसी बात से आहत  होता रहता है | ऐसा क्यों होता है, पता नहीं | मैं तो… Read More ›

# मासूम – दिल #

Originally posted on Retiredकलम:
लोग कहते है कि मन में कभी  बुरे विचार चल रहे हों तो उससे लड़ने के लिए हमे सकारात्मक पुष्टि (Positive affirmation) करने का अभ्यास करना चाहिए | लेकिन कसी कभी कुछ ऐसे भी ख्याल आ…

ख़ामोशी का सच

हर किसी का अपना -आत्म सम्मान होता है,, लेकिन जाने -अनजाने औरों के द्वारा उसे ठेस पहुँचाया जाता है | ऐसे में वह खामोश रहना ही उचित समझता है | वह अपने अन्दर उठती भावनाओं को लिख कर शांत करना… Read More ›

#पुरानी सोच का क्या करूँ ?

यादों की दुनिया मे मन हमेशा  उलझा रहता है | कई बार तो पुरानी यादें मन में  शूल बन कर  इस कदर चुभ जाते हैं कि जिंदगी खत्म सी लगने लगती है।  समय मानो थम सा गया हो , और… Read More ›

# मासूम – दिल #

लोग कहते है कि मन में कभी  बुरे विचार चल रहे हों तो उससे लड़ने के लिए हमे सकारात्मक पुष्टि (Positive affirmation) करने का अभ्यास करना चाहिए | लेकिन कसी कभी कुछ ऐसे भी ख्याल आ जाते है की मन… Read More ›

# दोहरी ज़िन्दगी #

बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो सामने कुछ और पीठ पीछे कुछ और होते हैं। ये लोग आपके सामने अपना असली स्वभाव पेश नहीं करते, जिसकी वजह से हम उनका असली चेहरा नहीं देख पाते है | वो दोहरी… Read More ›

#मेरी अच्छी दोस्त – कलम #

अब मैं ने तय किया है कि आत्मा को स्वच्छ रखना है | हमारे अन्दर जो वर्षों से गन्दगी  जमी हुई है उसे हटाना है, क्योंकि आत्मा में परमात्मा का अंश रहता है । कभी – कभी  हम अपनी भावनाओं… Read More ›