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I am Vijay Kumar Verma, residing in Kolkata, the city of joy. I was a Banker since December 1985 and retired in April 2017 from State Bank of India. After serving the Bank for 32 years as an officer holding different assignments from time to time, now I am currently enjoying the retired life. I would like to fulfil the duty of social service through this platform spreading aware about the health related problems and their remedies. I will also try to entertain my followers through knowledgeable information and motivate them to enjoy better and quality lifestyle. It is my endeavour to keep the post friendly and as informative as I can.

I am willing to connect with my friends and followers, through my stories and drawings out of my passion to write and make sketches.

I would like to create a trusted and joyful friend circle, and share tales from the past

  • # दिल की बातें # …24

    हमलोग  “महावीर टाकीज़” से मूवी देख कर निकलते हुए काफी खुश थे | ना जाने कितने दिनों बाद आज मूवी देखने का मौका मिला था, वो भी दोस्तों के साथ | शिवगंज में रहने से एक फायदा यह भी है… Read More ›

  • # हँसते ज़ख्म #…23

    चुप चुप सी मोहब्बत में नकाब हजारों हैं …. बात नहीं होती तो क्या हुआ , खामोशियों में ज़बाब हजारों हैं दुनिया की नज़र में अजनबी हो तुम , मगर दरमियाँ अपने हिसाब हजारों है | … मेरी जीप गाँव… Read More ›

  • # मेरे अधूरे सवाल # ..22

    एक अधुरा सवाल है उनसे जो परेशान करता है एक चेहरा है उनका जो सोने नहीं देता कभी कभी ज़िन्दगी भी ऐसे ही चलती है… इस बैंक की नौकरी  का पहला ट्रान्सफर था ..या कह सकते है …..ज़बरन स्थानांतरण (.forced… Read More ›

  • # एक सजा और सही #…21

    इलायची की महक ओढ़े अदरक का श्रृंगार करके सजी थी, केतली की दहलीज़ से निकल कर प्याली की डोली में वो बैठी थी इस भागते हुए वक़्त पर…. कैसे लगाम लगाया जाए ऐ वक़्त …तू  बैठ इधर , तुझे एक… Read More ›

  • # मुझको यारों माफ़ करना #…20

    आधी रात को अचानक मेरी आँखे खुल गई | लेकिन अभी भी नशा पूरी तरह उतर नहीं सका था | घड़ी देखा तो रात के दो बजे थे और मैं बिस्तर में उठ बैठा |   मेरी नींद गायब हो… Read More ›

  • # आप की खातिर #…19

    चलो आज मुश्किलों को हराते है . .चलो आज दिन भर मुस्कुराते है… पिछला कहानी की अगली कड़ी …. रोज़ की तरह आज भी सुबह उठने में देरी  हो गई और घड़ी  में देखा तो दिन के आठ बज रहे… Read More ›

  • # एक बदनाम शहर #…18

    मैं सभी दोस्तों का शुक्रगुजार हूँ कि  हमारे इस ब्लॉग की “प्रेम कहानी” आप लोगों को पसंद आ रही  है ..जैसा कि आप सब लोगों की प्रतिक्रिया से पता चलता है | कुछ मित्रों ने तो कमेंट में कहा है… Read More ›

  • Talking to Yourself Is a Good Thing

    What is positive self-talk ? Self-talk is your internal dialogue. It’s influenced by your subconscious mind, and it reveals your thoughts, beliefs, questions, and ideas. Self-talk can be both negative and positive. It can be encouraging, and it can be… Read More ›

  • # आप जैसा कोई नहीं #…17

    पिंकी  आज बहुत उदास थी, क्योकि आज उसकी माँ की बरखी थी | वह आज सुबह – सुबह माँ के फोटो के सामने एक दीप  जलाया  और कुछ फूल  रख  फूट फूटकर रोई | आज फिर  उसे अपनी   पिछली बातें याद… Read More ›

  • # मुझे भी प्यार है #…16

      किसी ने सच कहा है,  दोस्ती और  मुहब्बत उससे करो जो निभाना जानते हो | नफरत उनसे करो जो भुलाना जानते हो ओर गुस्सा उससे करो जो मनाना जानते हो | अच्छे दोस्त खुबसूरत फूलों कि तरह होते है… Read More ›