# ज़िन्दगी की किताब #

मेरे दिल ने फिर से धड़कना शुरू किया है ,
मेरे आँगन के फूलों ने भी महकना शुरू किया है ..

vermavkv's avatarRetiredकलम

source::google.com

काश, मैं ज़िन्दगी की किताब पढ़ सकता कि आगे क्या होने वाला है | मैं कब और क्या पाने वाला हूँ और मेरा दिल क्या खोने वाला है ??…

मुझे कब ख़ुशी मिलने वाली है और कब दिल रोने वाला है ? काश ऐसा होता तो…मैं फाड़ देता उन लम्हों को जिन्होंने मुझे रुलाया है और जोड़ देता उन पन्नो को जिन्होंने मुझे हंसाया है |

वक़्त से आँखे चुराकर मैं पीछे चला जाता और उन टूटे सपनो को फिर से सजा पाता … कुछ पल के लिए ही सही … मैं .फिर से मुस्कुरा पाता…..फिर से जी पाता …. मै...

आज मैं अपने ज़िन्दगी की किताब खोले बैठा हूँ

पलट कर गौर से देखता हूँ उन भरे हुए पन्ने को..

जो बीते दिनों की खट्टे- मीठे अनुभव कराती है

जैसे वक़्त के पटल पर. ज़िन्दगी कहानी सुनाती है

कुछ पन्नो में ढेर सारी खुशिओं का जिक्र,

तो…

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2 replies

  1. वक़्त से आँखे चुराकर मैं पीछे चला 
    These lines are too good 💐💐

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