#भावना

# बिना वजह मुस्कुराइए… ज़िंदगी आपसे मुस्कुरा उठेगी! 😊

“हँसी वह दवा है, जिसकी कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती।” क्या आपने कभी गौर किया है कि एक छोटा बच्चा दिन में न जाने कितनी बार मुस्कुराता है? कोई खिलौना मिला—हँसी। पापा ने हवा में उछाल दिया—हँसी। मम्मी ने गुदगुदी… Read More ›

# मुस्कान की क़ीमत #

रिश्तों में सबसे कठिन क्षण वह नहीं होता जब शब्द कम पड़ जाएँ, बल्कि वह होता है जब किसी अपने की मुस्कान खो जाए। यह कविता उसी मौन, पश्चाताप, समर्पण और अटूट प्रेम की अभिव्यक्ति है—जहाँ मन किसी बहाने की… Read More ›

# धुंध में खड़ी रचना #

यह कविता आत्मनिरीक्षण और सच्चाई की निर्भीक यात्रा है। यह न केवल दर्द और नफ़रत को महसूस करती है, बल्कि उसे प्रमाण के रूप में सामने लाती है। स्त्री, बच्चा, मज़दूर और वैभव को प्रतीक न मानते हुए, यह रचना… Read More ›

# अंतर्मन की छाया #

यह कविता जीवन की अनुभवी आँखों और चेहरे की झुर्रियों से लेकर मौन की गहराइयों तक, मानव आत्मा की यात्रा को दर्शाती है। यह केवल एक चित्र का वर्णन नहीं, बल्कि अनुभवों, धैर्य और सत्य की खोज का प्रतिरूप है। चित्र यहाँ… Read More ›

# जब मन ने चुप्पी ओढ़ ली #

यह कविता उस भीतर की चुप्पी के बारे में है, जिसे हम अक्सर ज़िम्मेदारियों, डर और समझौतों के नाम पर ओढ़ लेते हैं। यह उन अनकहे भावों, टाले गए सपनों और दबाई गई आवाज़ों का आईना है, जो समय के… Read More ›

# बारिश भी कुछ-कुछ मेरी जैसी है #

बारिश और मन—दोनों का स्वभाव एक जैसा है। कभी वे खुलकर बरसते हैं, कभी चुपचाप सिसकते हैं। यह कविता संवेदनाओं, स्मृतियों और आत्ममंथन के माध्यम से बताती है कि हर वर्षा केवल धरती को नहीं, आत्मा को भी सींचती है।… Read More ›

# जो मैं नहीं था #

यह कविता उस आंतरिक यात्रा की कहानी है जहाँ आँसू केवल दुःख का नहीं, बल्कि आत्ममुक्ति का माध्यम बन जाते हैं। जब वर्षों से संचित स्मृतियाँ, पीड़ाएँ और टूटे हुए विश्वास आँखों के रास्ते बह जाते हैं, तब मन एक… Read More ›

# आत्मा की बारिश #

प्रेम केवल स्पर्श नहीं, एक अहसास है — जो बिना बोले भी जीवन भर साथ रहता है। यह कविता उसी मौन प्रेम की कहानी है — जहाँ एक बूँद की तरह गिरना और पत्ते की तरह थाम लेना, आत्माओं का… Read More ›

……..अपने भीतर के बच्चे को ज़िंदा रखिए #

चलो, आज फिर बच्चा बन जाएँ | “हर इंसान के भीतर एक बच्चा छिपा होता है, जो अवसर मिलने पर खुलकर हँसना, खेलना और जीवन को महसूस करना चाहता है।” जब हम बच्चे थे, तब हमें जल्दी थी बड़े हो… Read More ›