यह ग़ज़ल टूटे हुए ख़्वाबों, अधूरी उम्मीदों और मोहब्बत में मिले दर्द की कहानी कहती है। इसमें शायर की वो तन्हाई झलकती है जहाँ हर खुशी एक परीक्षा बनकर आई, और हर रिश्ता अपने ही बोझ में खो गया। ज़िंदगी… Read More ›
#भावना
# टूटते हुए एहसास #
यह कविता जीवन की उस खामोश पीड़ा को व्यक्त करती है, जो बाहर से दिखाई नहीं देती। इसमें अधूरी इच्छाएँ, टूटी उम्मीदें और भीतर चलती निराशा को बहुत सरल लेकिन गहरे तरीके से दिखाया गया है। # टूटते हुए एहसास… Read More ›
# अधूरी सी तुम #
यह कविता एक ऐसे अधूरे एहसास को दर्शाती है, जहाँ भावनाएँ तो गहरी हैं लेकिन स्पष्टता नहीं। यह उस रिश्ते की कहानी है जो ना पूरी तरह अपना बन पाता है, ना ही भुलाया जा सकता है—जहाँ कोई इंसान धीरे-धीरे एक अनकहा एहसास बन जाता है।
# मन की अलमारी #
यह कविता भीतर लौटने की उस धीमी, ईमानदार यात्रा का चित्र है जहाँ व्यक्ति अपने ही सन्नाटे से संवाद करता है। आईने की शिकायत, फीकी मुस्कान और थकी आँखों के पार एक ऐसी लौ है जो बुझती नहीं — बस… Read More ›
# रास्ता अभी बाकी है #
यह कविता जीवन की यात्रा में आने वाली थकान, असमंजस और अकेलेपन को स्वीकार करते हुए भी उम्मीद का दीप जलाए रखने की प्रेरणा देती है। यह बताती है कि गिरना, ठहरना और सवालों से घिर जाना भी जीवन का… Read More ›
# खोई हुई मुस्कान #
यह कविता बचपन की बेफिक्र हँसी और वर्तमान की समझदारी के बीच के अंतर को भावनात्मक रूप से उजागर करती है। यह सवाल उठाती है कि क्या हमने बड़े होकर कुछ पाया है या अनजाने में कुछ खो दिया है।… Read More ›
# इश्क़ की सच्चाई #
यह कविता उस गहरे प्रेम की कहानी कहती है, जहाँ दूरी होने के बावजूद एहसास कभी कम नहीं होता। यह गिरकर संभलने, यादों में जीने और उस अदृश्य साथ को महसूस करने की अभिव्यक्ति है—जहाँ कोई पास न होकर भी… Read More ›
# आदत बन चुके तुम #
(Pic courtesy: Google.com) यह कविता बिछड़ने के बाद भी दिल में बसी उस उपस्थिति को दर्शाती है, जो दूरी से मिटती नहीं, बल्कि और गहरी हो जाती है। यह कहानी है गिरकर संभलने की, अकेले चलने की, और उस एहसास… Read More ›
# यादों के उस पार #
यह कविता जीवन की उन भावनात्मक पगडंडियों का चित्रण है जहाँ अतीत की यादें, खोए हुए पल, रूठे हुए अपने और अधूरे सपने दिल में गहरी छाप छोड़ जाते हैं। इसमें बचपन की मासूमियत, रिश्तों की गर्माहट, और समय के… Read More ›
# अधूरी रौशनी का रिश्ता #
कुछ रिश्ते नाम के मोहताज नहीं होते।वे बिना किसी परिभाषा के भी दिल की गहराइयों में बस जाते हैं—धीरे, चुपचाप, और हमेशा के लिए।यह कविता उसी एहसास की कहानी है… जहाँ मोहब्बत है, मगर मुकम्मल नहीं; दूरी है, मगर बेगानापन… Read More ›