A chance meeting with a centenarian beneath a rain-soaked tree becomes a lesson in living. His simple words—“Do not chase life. Walk with it”—invite us to slow down, let go of unnecessary questions, and discover the quiet wisdom that comes… Read More ›
#भावना
# यूँ ही चलती जाती है #
यह कविता जीवन की निरंतर यात्रा का सुंदर एहसास कराती है। ज़िंदगी कभी हँसाती है, कभी रुलाती है, कभी धूप देती है तो कभी छाँव—लेकिन वह कभी रुकती नहीं। कविता हमें सिखाती है कि जो मिला, उसे मुस्कुराकर स्वीकार करें… Read More ›
# बिना वजह मुस्कुराइए… ज़िंदगी आपसे मुस्कुरा उठेगी! 😊
“हँसी वह दवा है, जिसकी कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती।” क्या आपने कभी गौर किया है कि एक छोटा बच्चा दिन में न जाने कितनी बार मुस्कुराता है? कोई खिलौना मिला—हँसी। पापा ने हवा में उछाल दिया—हँसी। मम्मी ने गुदगुदी… Read More ›
# मुस्कान की क़ीमत #
रिश्तों में सबसे कठिन क्षण वह नहीं होता जब शब्द कम पड़ जाएँ, बल्कि वह होता है जब किसी अपने की मुस्कान खो जाए। यह कविता उसी मौन, पश्चाताप, समर्पण और अटूट प्रेम की अभिव्यक्ति है—जहाँ मन किसी बहाने की… Read More ›
# धुंध में खड़ी रचना #
यह कविता आत्मनिरीक्षण और सच्चाई की निर्भीक यात्रा है। यह न केवल दर्द और नफ़रत को महसूस करती है, बल्कि उसे प्रमाण के रूप में सामने लाती है। स्त्री, बच्चा, मज़दूर और वैभव को प्रतीक न मानते हुए, यह रचना… Read More ›
# अंतर्मन की छाया #
यह कविता जीवन की अनुभवी आँखों और चेहरे की झुर्रियों से लेकर मौन की गहराइयों तक, मानव आत्मा की यात्रा को दर्शाती है। यह केवल एक चित्र का वर्णन नहीं, बल्कि अनुभवों, धैर्य और सत्य की खोज का प्रतिरूप है। चित्र यहाँ… Read More ›
# जब मन ने चुप्पी ओढ़ ली #
यह कविता उस भीतर की चुप्पी के बारे में है, जिसे हम अक्सर ज़िम्मेदारियों, डर और समझौतों के नाम पर ओढ़ लेते हैं। यह उन अनकहे भावों, टाले गए सपनों और दबाई गई आवाज़ों का आईना है, जो समय के… Read More ›