#भावना
# What the Mirror Teaches Me #
When I was a little boy, the mirror wasn’t just glass—it was magic. मैं शीशे में खुद को अलग-अलग angles से निहारता था।कभी अपने बाल संवारता, कभी शक्लें बनाता,कभी रसोई में पड़े थाली की चमक मेंअपना चेहरा देखकर हँस देता।… Read More ›
“सोचो कितना बवाल होगा…”
“क्या हो अगर समंदर शराब बन जाए…? अगर दिल के सारे राज़ बेनक़ाब हो जाएं…?इस ग़ज़ल में भावनाओं की गहराई, इंसानी मुखौटों की सच्चाई और इश्क़ की बेक़रारी को खूबसूरती से पिरोया गया है।‘Imagine the Chaos’ एक ऐसी कल्पना है… Read More ›
# एक किताब की तरह हूँ मैं #
यह कविता जीवन की गहराइयों, रिश्तों की पेचिदगियों और आत्मा की निश्छल सच्चाई को दर्शाती है। हर इंसान की ज़िंदगी एक किताब की तरह होती है — कुछ पन्ने उजले, कुछ धुँधले; कुछ लोग बस ऊपर-ऊपर देखते हैं, जबकि कुछ… Read More ›
# तेरी याद की परछाइयाँ #
कभी-कभी ज़िंदगी की राहों में कोई ऐसा हमसफ़र मिल जाता है, जिसकी मौजूदगी सुकून बन जाती है। पर अगर वो हमसफ़र बिना कहे चला जाए, तो उसकी यादें उम्र भर साथ चलती हैं।यह ग़ज़ल उसी अधूरी मोहब्बत, वादों की बेवफाई… Read More ›