#भावना

“यादों के ज़ख़्म”

यह कविता टूटे रिश्तों और खोए सुकून की तड़प को बयां करती है। कभी दिल के करीब रहने वाले, अब अजनबी हो गए हैं। उनकी यादें मरहम की जगह ज़ख़्म बनकर उभरती हैं और ज़िंदगी ग़म का बोझ ढोती नज़र… Read More ›

# समय का आईना #

यह कविता समय के साथ हमारे रिश्ते का आईना है। हम अक्सर उसकी कमी की शिकायत करते हैं, पर सच्चाई यह है कि समय सबको बराबर मिलता है—धूप की तरह, जो हर आँगन में एक-सी उतरती है। फर्क बस इतना… Read More ›