#भावना

# बारिश भी कुछ-कुछ मेरी जैसी है #

बारिश और मन—दोनों का स्वभाव एक जैसा है। कभी वे खुलकर बरसते हैं, कभी चुपचाप सिसकते हैं। यह कविता संवेदनाओं, स्मृतियों और आत्ममंथन के माध्यम से बताती है कि हर वर्षा केवल धरती को नहीं, आत्मा को भी सींचती है।… Read More ›

# जो मैं नहीं था #

यह कविता उस आंतरिक यात्रा की कहानी है जहाँ आँसू केवल दुःख का नहीं, बल्कि आत्ममुक्ति का माध्यम बन जाते हैं। जब वर्षों से संचित स्मृतियाँ, पीड़ाएँ और टूटे हुए विश्वास आँखों के रास्ते बह जाते हैं, तब मन एक… Read More ›

# आत्मा की बारिश #

प्रेम केवल स्पर्श नहीं, एक अहसास है — जो बिना बोले भी जीवन भर साथ रहता है। यह कविता उसी मौन प्रेम की कहानी है — जहाँ एक बूँद की तरह गिरना और पत्ते की तरह थाम लेना, आत्माओं का… Read More ›

……..अपने भीतर के बच्चे को ज़िंदा रखिए #

चलो, आज फिर बच्चा बन जाएँ | “हर इंसान के भीतर एक बच्चा छिपा होता है, जो अवसर मिलने पर खुलकर हँसना, खेलना और जीवन को महसूस करना चाहता है।” जब हम बच्चे थे, तब हमें जल्दी थी बड़े हो… Read More ›

# शायद, यही मेरी पहचान है #

यह कविता जीवन की उन अनकही यात्राओं की कहानी है, जहाँ टूटन, बिछड़न और दर्द के बीच भी इंसान उम्मीद का दामन नहीं छोड़ता। यह आत्मस्वीकृति, धैर्य और गिरकर फिर उठ खड़े होने के साहस का गीत है। बिखर जाने… Read More ›

# खुशियों की तलाश #

यह कविता जीवन के सरल लेकिन गहरे सत्य को दर्शाती है कि खुशियाँ दूर नहीं होतीं। हम उन्हें दुनिया की भीड़ और सफलताओं में खोजते हैं, लेकिन वे हमारे रिश्तों, छोटी मुस्कानों और वर्तमान क्षणों में छिपी होती हैं। जैसे… Read More ›

# तेरी यादों की बारिश #

कविता उस गहरी भावनात्मक स्थिति को दर्शाती है जहाँ बिछड़ने के बाद भी किसी की यादें हमेशा साथ रहती हैं। यह यादों को बारिश के रूप में दिखाती है, जहाँ व्यक्ति हर शाम, हवा और सपने में अपने प्रिय को… Read More ›