#wellness

# आदत बन चुके तुम #

(Pic courtesy: Google.com) यह कविता बिछड़ने के बाद भी दिल में बसी उस उपस्थिति को दर्शाती है, जो दूरी से मिटती नहीं, बल्कि और गहरी हो जाती है। यह कहानी है गिरकर संभलने की, अकेले चलने की, और उस एहसास… Read More ›

# अधूरी रौशनी का रिश्ता #

कुछ रिश्ते नाम के मोहताज नहीं होते।वे बिना किसी परिभाषा के भी दिल की गहराइयों में बस जाते हैं—धीरे, चुपचाप, और हमेशा के लिए।यह कविता उसी एहसास की कहानी है… जहाँ मोहब्बत है, मगर मुकम्मल नहीं; दूरी है, मगर बेगानापन… Read More ›

# रूह की आवाज़ #

कभी-कभी जीवन की भीड़ और शोर में हम यह भूल जाते हैं कि हम वास्तव में कौन हैं। हम नाम, पहचान, सफलता और असफलता के जाल में उलझते रहते हैं—और धीरे-धीरे अपनी ही रूह की आवाज़ से दूर हो जाते… Read More ›

# अधूरी गर्माहट #

यह कविता अधूरे स्पर्श, छूटे हुए लम्हों और उन दूरियों की कहानी है जो समय के साथ मिटती नहीं, बल्कि यादों में अपना स्थायी घर बना लेती हैं। एक क्षण की झिझक कैसे पूरी ज़िन्दगी का नसीब तय कर देती… Read More ›