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दौड़ कागज़ी था , पर देर तक खतों में ज़ज्बात महफूज़ रहते थे , अब दौड़ मशीनी है, उम्र भर की अटूट यादें ऊँगली से delete कर देते हैं … आज मनुष्य खुशियों की चाह में…
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# बुढापा की सेहत #
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My mission in life is not merely to survive, but to thrive and to do so with some passion, compassion, humor & some style. लोग कहते है कि बचपन में गुजरे पल .. सुनहरे पल होते…
रिक्शावाला की अजीब कहानी …17
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DCF 1.0 आज बूढ़े बाबा की बात सुन कर मुझे अलग तरह की अनुभूति हो रही थी | उनको मैं चलते हुए रास्ते में मिला था और उनकी मज़बूरी देख कर अपने रिक्शे पर बैठा लिया…
# सागर किनारे एक शाम #
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कभी कभी हमारे जीवन में ऐसे पल भी आते है जब हम टुकडो में जी रहे होते है, दिशाहीन और बिना लक्ष्य की ?ज़िन्दगी | ऐसा लगता है कि खुद के ऊपर कोई नियंत्रण ही नहीं…
# In the Realm of Memories #
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Today, after a long time, I was flipping through the pages of my old dairy, the memories of Vizag visit were refreshed after reading the details of visit in my diary..Yes, I was just refreshing old…
# रिक्शावाला की अजीब कहानी #…16
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शाम का वक़्त हो रहा था और हम सभी बहुत जल्द ही बड़े भाई के गाँव पहुँचने वाले थे | तभी मैंने ?देखा की ट्रक की लम्बी लाइन से सड़क जाम पड़ा है | मेरे रिक्शा…
# मेरी पहली विदेश यात्रा #…2
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source:Google.com दिल्ली एअरपोर्ट पर हमारी फ्लाइट सही समय पर लैंड कर गयी / वहाँ एअरपोर्ट पर ही ?हमारे ग्रुप के सभी साथी ?और केयर-टेकर मिल गए | लेकिन वे सभी उदास दिख रहे थे क्योकि आज?…
# रिक्शावाला की अजीब कहानी #…15
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DCF 1.0 वक़्त से लड़ कर जो अपना नसीब बदल दे , इंसान वही जो अपनी तकदीर बदल दे , क्या होगा कल कभी मत सोचो क्या पता कल वक़्त खुद अपनी लकीर बदल दे… बड़े…
# मेरी पहली विदेश यात्रा #…1
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हेल्लो दोस्तों, मैं इस ब्लॉग के माध्यम से अपनी बहुत सारी रचनाये पोस्ट करते रहता हूँ, जिनमे से ?कुछ रचनाये काफी बड़ी होती है | अतः आप सबों की सुविधा के लिए उसे धारावाहिक के रूप…
रिक्शावाला की अजीब कहानी …14
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एक गठरी शीश पर है, देह दुर्बल पाँव भारी, काँख मुन्ना को दबाए, एक उँगली थाम मुन्नी, साथ चलती जा रही है दो दिनों का रास्ता कैसे कट गया पता ही नहीं चला | एक तो…