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# मैं सपने बेचता हूँ #

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सपने वो नहीं होते? हैं ?जो?नींद में देखे जाते हैं,?, सपने वो होते ?हैं ?जो? आपको सोने? नहीं? देते हैं. यह प्रसिद्द कथन भारत में ‘मिसाइल मैन’ डॉक्टर अब्दुल कलाम का है |. सपने सच भी…

# मैं ज़वान हो रहा हूँ #

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आज सुबह – सुबह पार्क में टहलते हुए मुखिया जी मिल गए | ?वे किसी गाँव के मुखिया नहीं है बल्कि उनका नाम ही ?मुखिया जी है और वे मेरे अच्छे मित्र है | वे मुझे…

# सुकून की तलाश #

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दोस्तों, हर इंसान इस भाग – दौड़ भरी ज़िन्दगी में सुकून के पल चाहता है | पल दो पल के सुकून के लिए? कहाँ – कहाँ भटकता रहता है, तभी एक दिन उसे एहसास होता है…

# जीवन का ज़श्न #

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अब वक्त आ गया है ?कि हम दूसरों को अपनी नाकामी के लिए दोषी ठहराना बंद कर दें | ?आखिर हम वैसा जीवन क्यों नहीं जी पा रहे जैसा हम ?चाहते हैं। ऐ मेरे दिल, आज…

# एक कहानी सुनो #…9

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.जैसे को तैसा जैसे को तैसा एक मुहावरा है, इसका मतलब होता है .. जैसा वह है वैसा ही उसको दूसरा भी मिला गया | ?मुहावरों से सामान्य अर्थ नहीं बल्कि विशेष अर्थ निकलता है। इनके…

# इंसान की पहचान #

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आज कल सामान्यतः लोग दिखावा की ज़िन्दगी जी रहे है | हर आदमी अपनी झूठी शान और ?चेहरे पर नकली? मुस्कान लिए एक दुसरे से बेहतर दिखने की होड़ में जी रहे है | और यह…

# रामायण की बातें #..2

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शांता : श्री राम की बहन हमारे यहाँ ?प्राचीन समय से ही रामायण एवं ?इसकी कथा को धार्मिक मान्यता प्राप्त रही है और ?लोग बड़े भक्ति भाव से इस कथा को? सुनते और देखते आ रहे…

# मेरा बचपन…मेरा गाँव #

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आज इस तस्वीर को देख कर अपने गाँव की याद आ गई | गाँव में बिताये गए बचपन के दिन कोई नहीं भूलता | आज के भाग दौड़ बड़ी ज़िन्दगी में सुकून के पल ढूंढता …मेरा…