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ज़िन्दगी तेरी अज़ब कहानी-…11

दो दिनों की यात्रा कर अंजना  वापस अपने शहर लौट चुकी थी | आज सुबह – सुबह जब अपने ऑफिस पहुँची तो उसे आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा,  जब उसने  देखा कि  निर्मला पहले से ही यहाँ मौजूद है और… Read More ›

ज़िन्दगी तेरी अज़ब कहानी-…10

निर्मला, आज तीन सालों के बाद अंजना को देख रही थी | वह कोर्ट परिसर में भी अपने लोगों से घिरी थी और सभी को कुछ ना कुछ काम समझा रही थी | यहाँ तक कि अपने वकील को भी… Read More ›

ज़िन्दगी तेरी अज़ब कहानी-…9

अंजना को कोर्ट परिसर से जाते हुए उसके चाचा-चाची देख रहे थे | उनलोगों को गुस्सा आ रहा था कि अंजना के  कारण उनलोगों को कोर्ट का चक्कर लगाना पड़  रहा है और साथ ही साथ आश्चर्य भी हो रहा… Read More ›

ज़िन्दगी तेरी अज़ब कहानी-…8

अंजना हैरान – परेशान उस नन्हे से बच्चे को लेकर पास के शहर में स्थित एक  अनाथालय में पहुँची | उसे अस्त व्यस्त हालत में देख कर वहाँ की  संचालिका ने समझा कि वह कुवांरी  माँ बनने के डर से… Read More ›

ज़िन्दगी तेरी अज़ब कहानी …7

समय व्यतीत होते देर नहीं लगती है और देखते देखते वह समय भी आ गया , जब बारात घर पर आ गई | अंजना अपने सारे दुःख को भूल कर अपनी छोटी बहन निर्मला की शादी में बढ़ चढ़ कर… Read More ›

ज़िन्दगी तेरी अज़ब कहानी …6

अंजना कॉफ़ी – हाउस से वापस अपने घर आ गई और अपने चाची को दिए हुए वचन के अनुसार विजय को अपनी छोटी बहन निर्मला से शादी करने के लिए राज़ी भी कर लिया | लेकिन ऐसा करने में जाने… Read More ›

ज़िन्दगी तेरी अजब कहानी —5

अंजना सामने दीवार पर टंगे भगवान् की फोटो को सुनी निगाहों से देख रही थी.. मानो वह भगवान् से कह रही .हो ……मैं जानती हूँ प्रभु ..मेरा जीवन कष्टों से भरा है | मैं बहुत ही अभागिन हूँ |  … Read More ›

ज़िन्दगी तेरी अजब कहानी —4

अंजना इन दिनों बहुत खुश रहने लगी थी , क्योकि उसकी  मन की मुराद पूरी होने जा रही थी | सचमुच जैसा वह चाह  रही थी सब कुछ वैसा ही हो रहा था | आज एक सप्ताह के बाद, पहले… Read More ›

ज़िन्दगी तेरी अज़ब कहानी -—3

विजय वैसे अच्छा लड़का था और दोनों घरो के बीच  काफी नजदीकियां थी | अंजना से उसकी  शादी करने पर घर में किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए थी | लेकिन चाची को तो एक बहाना चाहिए था अंजना को… Read More ›

ज़िन्दगी तेरी अज़ब कहानी …2

पापा और मम्मी को होश तो थी लेकिन वे लोग दर्द से छटपटा रहे थे | कांच  के टुकड़े उनके  चेहरे में धंस गए थे क्योंकि हमारी कार बहुत जोर से चट्टान से टकरा  गई थी | वो तो गनीमत… Read More ›