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ज़िन्दगी तेरी अज़ब कहानी -—3

विजय वैसे अच्छा लड़का था और दोनों घरो के बीच  काफी नजदीकियां थी | अंजना से उसकी  शादी करने पर घर में किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए थी | लेकिन चाची को तो एक बहाना चाहिए था अंजना को… Read More ›

ज़िन्दगी तेरी अज़ब कहानी …2

पापा और मम्मी को होश तो थी लेकिन वे लोग दर्द से छटपटा रहे थे | कांच  के टुकड़े उनके  चेहरे में धंस गए थे क्योंकि हमारी कार बहुत जोर से चट्टान से टकरा  गई थी | वो तो गनीमत… Read More ›

# ज़िन्दगी तेरी अज़ब कहानी # .. 1

  अंजना नाम है उसका, लोग प्यार से उसे स्वीटी भी कहते है  …चंचल, कोमल और बहुत ही भावुक  लड़की,  स्टेज पर आते ही उसका  स्वागत तालियों की गडगडाहट से  हो रहा है | .. चमकता हुआ उसका चेहरा और… Read More ›

# याद आता है मुझे # …..

बचपन के वो दिन भी क्या दिन थे …जब याद करता हूँ तो होठों पर मुस्कराहट बिखर जाती है | जब हम बच्चे होते है तो हमारी  इच्छा होती है कि हम जल्दी बड़े हो जाएँ | एक तो पढाई… Read More ›

हर ब्लॉग कुछ कहता है -7

  शुक्रिया आप का आज मोर्निंग वाक से फ्री होकर जब मैं ब्लॉग लिखने बैठा तो मेरे एक हाथ में चाय थी और दुसरे हाथ में कलम | दिमाग में कुछ ख्याल आने लगे, तभी मेरी इच्छा हुई कि क्यों… Read More ›

# हर ब्लॉग कुछ कहता है #…6

वो लड़की गुस्से वाली आज सुबह की सैर से लौटा तो मन काफी प्रसन्न लग रहा था | हल्की बारिस होने से मौसम सुहाना हो गया था और घर पहुँचते ही चाय पीने की तलब हो गई | मैंने श्रीमती… Read More ›

# भावपूर्ण श्रद्धांजली #

मैं अपने को भाग्यशाली समझता हूँ कि इतने थोड़े दिनों में ही आप लोग मेरे ब्लॉग को इतना स्नेह और प्यार दे रहे है ….मेरे  ब्लॉग को आपलोग पढ़ते है और सराहना करते भी है  | कई बार आप सबों… Read More ›

# तुम्हारा इंतज़ार है #…10

डॉक्टर साहब ने राजीव की पत्नी आराधना को साफ़ साफ़ शब्दों में बताया कि राजीव अब कुछ दिनों का मेहमान है और इसे दवा से ज्यादा दुआ की ज़रुरत है | इनकी बीमारी कैंसर के लास्ट स्टेज में पहुँच चूका… Read More ›

तुम्हारा इंतज़ार है …9

दिल की किताब में गुलाब उनका था रात की नींद में ख्वाब उनका था कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा .. मर जायेंगे तुम्हारे बिना ये ज़बाब उनका था .. अनामिका ने अपने आँसुओं को किसी तरह से काबू… Read More ›

# तुम्हारा इंतज़ार है # ….8

मुझे मालूम था कि  लौट के अकेले ही आना है फिर भी तेरे साथ चार कदम चलना अच्छा लगा अनामिका को राजीव कल करीब दो सालों के बाद अचानक जमशेदपुर के उस मॉल में मिला था | उसे देख कर… Read More ›