दोस्तों , मुझे ख़ुशी है कि आपलोग इस कहानी को पसंद कर रहे है | मैं इस कहानी के पाँच भाग पहले ही प्रकाशित कर चूका हूँ , जिसका link मैं नीचे दे दिया हूँ | दोस्तों की इच्छा का… Read More ›
story
किस्मत की लकीरें #- 5
सारा इलज़ाम अपने सर लेकर हमने “किस्मत” को माफ़ कर दिया .. आज का दिन कालिंदी के लिए बहुत बड़ा दिन था क्योकि अंततः आज उसका वर्षों का सपना पूरा होने जा रहा था | उसे UPSC में सफलता ही नहीं… Read More ›
#किस्मत की लकीरें #– 4
मुड़ जाती है हाथों की लकीरें गर हिम्मत है तूफानों से लड़ने की होते होते पीछे ही हो जाते है बात जो हमेशा करते किस्मत की … कालिंदी को पता चला कि दिल्ली में UPSC का इंटरव्यू शुरू हो गया… Read More ›
# किस्मत की लकीरें # – 3
जो दे ख़ुशी के दो पल, वो लम्हा ढूंढ रहा हूँ जहां मिले साथ वो मंज़र ढूंढ रहा हूँ लोग ढूंढते हैं अपनी किस्मत की लकीर , मैं लकीर लिख दे, वो कलम ढूंढ रहा हूँ || हालाँकि कोई भी… Read More ›
#किस्मत की लकीरें #.. 2
रास्ते है तो ख्वाब है , ख्वाब है तो मंजिले है मंजिलें है तो फासले है फासले है तो हौसले है हौसले है तो विश्वास है . आज कालिंदी का दिल जोर जोर से धड़क रहा था | वह अपने रूम… Read More ›
#किस्मत की लकीरें-1#
कालिंदी, बड़ा प्यारा नाम है तुम्हारा, तुम बेहद खुबसूरत हो, तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो | सचमुच,.. मैं तुमसे प्यार करने लगा हूँ | झूठ मत बोलो विनय | तुम मेरा मजाक उड़ा रहे हो… Read More ›
#कोलकाता की यादें#
बात उन दिनों की है जब मुझे पहली बार कोलकाता में पोस्टिंग मिली थी | साल २००४ में मैं कोलकाता के एक शाखा में ज्वाइन किया था | मुझे मेट्रो शहर में रहने का कोई अनुभव नहीं था, इसलिए मैं घबरा रहा था | लेकिन संयोग से… Read More ›
#सात अजूबे मेरे बिहार मे #-3
दोस्तों, हम बिहार के महान हस्तियों , धरोहर और एतिहासिक स्थानो के बारे में चर्चा कर रहे है | इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए , आज यहाँ बिहार में स्थित कुछ और विशेष स्थानो के बारे में चर्चा कर… Read More ›
# तीन बार की फांसी #– 2
उस जमाने में सज़ा हो जाने के बाद अपने केस को डिफ़ेंड करने का नियम नहीं था, इसलिए कोर्ट के फैसले के 18 दिनों के बाद जॉन ली को 23 फ़रवरी 1885 को फांसी की तारीख तय की गई |… Read More ›
#तीन बार की फांसी #-1
दोस्तों, आज की प्रस्तुत कहानी दुनिया की सबसे हैरतअंगेज कहानी माना जा सकता है | वैसे तो दुनिया में जब किसी कैदी को सजा- ए- मौत दी जाती है तो उसका मरना निश्चित माना जाता है | ऐसे में क्रिमिनल… Read More ›