उस जमाने में सज़ा हो जाने के बाद अपने केस को डिफ़ेंड करने का नियम नहीं था, इसलिए कोर्ट के फैसले के 18 दिनों के बाद जॉन ली को 23 फ़रवरी 1885 को फांसी की तारीख तय की गई |… Read More ›
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#तीन बार की फांसी #-1
दोस्तों, आज की प्रस्तुत कहानी दुनिया की सबसे हैरतअंगेज कहानी माना जा सकता है | वैसे तो दुनिया में जब किसी कैदी को सजा- ए- मौत दी जाती है तो उसका मरना निश्चित माना जाता है | ऐसे में क्रिमिनल… Read More ›
इस हत्या का दोषी कौन ? – 2
एक बार तो पुलिस को विश्वास ही नहीं हुआ कि 16 साल का मासूम लड़का अपनी माँ की हत्या कर सकता है | माँ का कसूर बस इतना था कि वह अपने बच्चे को मोबाइल पर गेम खेलने से मना… Read More ›
जीवन एक संघर्ष है –4
रामू काका शिवानी को प्यार से देखा और उसके सिर पर हाथ रख कर कहा – बेटी, पूरे गाँव को तुम पर गर्व है | तुमने अपने बहादुरी से हमारे गाँव का नाम रोशन किया है | इतना कहते हुए… Read More ›
जीवन एक संघर्ष है –3
भारतीय दूतावास का आदमी बहुत भला था | उसने अपने वादे और उपलब्ध जानकारी के अनुसार कार्यवाही शुरू की और भारतीय दूतावास हरकत में आ गई | उसने भारत सरकार और साथ ही दुबई सरकार को भी इस अंतर्राष्ट्रीय धंधे… Read More ›
जीवन एक संघर्ष है -2
किसी तरह मुसीबत में रात बीती | नाचते – नाचते शिवानी थक कर चूर हो गई थी | तभी शिवेंद्र ने ड्राइवर को इशारा किया और फिर एक शानदार गाड़ी में शिवानी को वापस अकेले अपने फ्लैट में आना पड़ा… Read More ›
जीवन एक संघर्ष है -1
एक लेडी इंस्पेक्टर अचानक हाथ में डंडा घुमाते हुए कुंबला (kumbla) रेलवे पर एक चाट की स्टॉल पर धावा बोलती है | वहाँ उस स्टॉल पर एक औरत चाट- पापड़ी बना रही थी | अचानक उसके पास जाकर वो लेडी… Read More ›
Walking on the Bank of Ganga
Friends, I love walking on the banks of the Ganges. Whenever I find myself depressed for any reason, I just visit the bank of the river Ganga, which is flowing some distance from my native house. I sit there on… Read More ›
# ओ मेरी मसकली #
Friends, मैं जब भी सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए निकलता हूँ, अपने साथ रात की बची हुई रोटियाँ लेकर आता हूँ | पार्क में बहुत सारे कबूतर हमारा इंतज़ार करते रहते है और मैं उन रोटियों को छोटे -छोटे टुकड़ों… Read More ›
जिंदगी इम्तिहान लेती है -2
दूसरे दिन एक अनजान आदमी मुझे लेने आया | वह मेरे बाप का दोस्त था शायद | मैंने पहले कभी उसे नहीं देखा था | मैं पिता से मिलने की सोच कर बहुत खुश थी और घर में किसी को… Read More ›