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आज का समय उनके नाम

  जो कल तक हमेशा शिकायत करते थे कि हमारे पास  family के लिए समय   ही नहीं मिलता है और ना ही अपने माता पिता  की देख भाल ठीक से कर पाता हूँ | आज वही फिर रो रहे… Read More ›

# घर का सुख #

आज हमारे एक मित्र ने फ़ोन करके बताया कि कोरोना में लॉक डाउन के कारण मैं डिप्रेस्ड (Depression ) महसूस कर रहा हूँ , कोई उपाय बताओ ताकि तुम्हारी तरह मैं भी मस्त हो जाऊँ | मुझे उसकी बात सुनकर… Read More ›

# उम्मीद पर टिकी ज़िन्दगी #

उम्मीद भी बड़ी कमाल की चीज़ है…लोग कहते है ना कि उम्मीद पे ही दुनिया कायम है..वर्ना हम कोरोना काल के ” लॉक डाउन ” को सिर्फ इस उम्मीद से झेल रहे है कि आगे सब  ठीक हो जायेगा |… Read More ›

२१ दिन का २१ सच

पूरा भारत ही नहीं पूरी दुनिया ही pause mode में चला गया है, हमारे यहाँ सड़के सुनी है, आकाश वीरान नज़र आता है,  दुकाने और मॉल बंद पड़े है यहाँ तक कि रेलवे भी भारत के इतिहास में पहली बार… Read More ›

# एक पागल का सपना #

हम सब लोग सपने देखते है और सपने में अजीब अजीब चीज़ देख लेते है | इसका कारण कुछ ठीक ठीक पता नहीं चलता है | कुछ लोग कहते है  कि सपनो में हम अपूर्ण इच्छाओं को पूर्ण होते देखते… Read More ›

# किसान की पगड़ी#

    राजस्थान में “रेवदर” सिरोही जिला का एक छोटा सा क़स्बा,और हमारी बैंक की पहली पोस्टिंग थी | मैं शहरो में पला बढ़ा , पहली बार ग्रामीण ब्रांच होने के कारण गाँव में रहने का मौका मिला | मैं ड्यूटी… Read More ›

# घर में नज़रबंद #

दोस्तों, वैसे तो यह ब्लॉग तब लिखी गई थी जब कोरोना की शुरुआत हुई थी , लेकिन इस में एक घटना का जिक्र है जिसे पढ़ कर हमारे आपसी रिश्ते और सामाजिक अवधारणा के ऊपर हम सोचने को मजबूर हो… Read More ›

# मंदिर के भगवान #

आज अचानक मेरे मोबाइल की घंटी बजी | मुझे फ़ोन करने वाले की आवाज अजनबी लगी और number भी अनजाना  / मैंने तुरंत ही कहा — रौंग नम्बर और फ़ोन काट दिया | थोड़ी देर के बाद फिर उसी नंबर… Read More ›

# सच्चा मित्र #

आज पुरानी यादों का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा ….धीरे धीरे मानस पटल पर एक तस्वीर उभरती है …वर्ष १९८५ और  मेरी पोस्टिंग शिवगंज के एक छोटे से कसबे में | मेरा स्टाफ  मदन …जिसकी   धुंधली तस्वीर… Read More ›

# डर के आगे जीत है #

बात उन दिनों की  है,  जब हमारी  ज़िन्दगी की  सबसे हसीन वो लम्हे .–.बैंक नौकरी की Joining Letter हाथ में थी | बैंक था  “बैंक ऑफ़ इंडिया” और जगह थी  “झुमरीतिलैया” | उन दिनों इस जगह की बड़ी चर्चा होती… Read More ›