मैं आश्चर्य चकित हो बस अंजिला को ही देखे जा रहा था | वो किसी भी तरह से विदेशी नहीं लग रही थी | उसके हाव – भाव, सोच -विचार और एक दुसरे के साथ मिलकर रहने और आपस में… Read More ›
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# रिक्शावाला की अजीब कहानी #….6
आज अंजिला बहुत खुश थी, और खुश क्यों ना हो भला | आज उसके शोध के कुछ पेपर पब्लिश हुए थे और उसे काफी सराहना मिल रही थी | सचमुच उसने अपनी शोध पर बहुत मेहनत की थी और उसकी… Read More ›
#रिक्शावाला की अजीब कहानी #…5
आज जब सुबह उठा तो मेरे दिल और दिमाग में एक द्वंद चल रहा था ..क्योकि रघु काका की बात याद आ रही थी … हमें अपने औकात में रहना चाहिए | जब उनसे आशीर्वाद लेने गया था तो उनका मुझसे गुस्सा… Read More ›
#रिक्शावाला की अजीब कहानी# …..4
मेरा दिल भी तुझपे क़ुर्बान है क्या तुझमें बसती मेरी जान है क्या आँसू से ख़ून होने तक रुलाती है दिल्लगी इतनी भी आसान है क्या.. अंजिला नयी रिक्शा पर बैठते ही पूछा … राजू, तुम “ई- रिक्शा” चला तो… Read More ›
#रिक्शावाला की अजीब कहानी #….3
हूँ गरीब, गरीबी से, अब तक लड़ता आया हूँ। कुदरत के हर मार को, अब तक सहता आया हूँ।। जो भी बन सका मुझसे, सवाभिमानि बन सब किया, ईमानदारी और मेहनत से, पेट पालता आया हूँ।। जो किस्मत करता है,… Read More ›
# रिक्शावाला की अजब कहानी # ….2
अंजिला ने पता नहीं क्या जादू कर रखा था कि हमेशा मैं सिर्फ उसके बारे में ही सोचता रहता था | वह मुझे राजेंदर नहीं बल्कि “राजू” कह कर बुलाती थी, जिसे सुनकर मुझे अपनापन का एहसास होता था |… Read More ›
# रिक्शावाला की अजब कहानी #-1
दोपहर का समय था और मैं ( राजेंदर) खाना खा कर अपने रिक्शा पर बैठा आराम कर रहा था | थोड़ी ही देर में ही मुझे गुज़रे समय की बातें याद आ रही थी | मैं अपने अतीत में खो… Read More ›
# किस्मत की लकीरें #–9
मुझे इतनी फुर्सत कहाँ कि अपनी तकदीर का लिखा देख सकूँ.. बस माँ की मुस्कराहट देख कर समझ जाता हूँ कि मेरी तकदीर बुलंद है … आज सुबह कालिंदी देर तक सो रही थी, क्यों कि कल की भागा दौड़ी में… Read More ›
#किस्मत की लकीरें #– 13
तुम्हारे प्यार की दास्तान हमने अपने दिल में लिखी है न थोड़ी न बहुत , बे-हिसाब लिखी है किया करो हमें भी अपनी दुआओं में शामिल हमने अपनी हर एक सांस तुम्हारे नाम लिखी है | .. वह पत्रकार अचानक… Read More ›
# किस्मत की लकीरें #– 12
कौन कहता है कि इंसान किस्मत खुद लिखता है अगर यह सच है तो किस्मत में दर्द कौन लिखता है .. कालिंदी ऑफिस में पहुँच कर बड़े साहब का अभिवादन किया | कालिंदी को देखते ही बड़े साहब अपने कुर्सी… Read More ›