मेरे संस्मरण

#लेखन की चोरी# 

हिन्दी दिवस पर विशेष आज जब मैं ब्लॉग लिख रहा था  तो एक अजीब वाकया हुआ | मैं अपनी लेखन  के बीच बीच में फेस बुक भी ट्रैक कर रहा था | उसी में से एक मित्र की पोस्ट  की… Read More ›

#कोलकाता की यादें#

बात उन दिनों की है जब मुझे पहली बार कोलकाता में पोस्टिंग  मिली थी | साल २००४ में मैं कोलकाता के एक शाखा में ज्वाइन किया था | मुझे मेट्रो शहर में रहने का कोई अनुभव नहीं था, इसलिए मैं घबरा रहा था | लेकिन  संयोग से… Read More ›

# ओ मेरी मसकली #

Friends, मैं जब भी सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए निकलता हूँ, अपने साथ रात की बची हुई रोटियाँ लेकर आता हूँ | पार्क में  बहुत सारे कबूतर हमारा इंतज़ार करते रहते है और मैं उन रोटियों को छोटे -छोटे टुकड़ों… Read More ›

# वो काली रात #

आज मेरे शादी की ३९ वाँ सालगिरह है | मैंने  रात में ही आज के दिन भर का कार्यक्रम बना लिया था | सुबह – सुबह  हम दोनों को मंदिर जाना था ताकि भगवान् को एक बार फिर से धन्यवाद… Read More ›

# सुबह-सुबह की सैर में #

दोस्तों, आज की सुबह मेरे लिए खास था | सुबह हो चुकी थी लेकिन मैं देर तक सो रहा था क्योंकि रात मे देर से बिस्तर पर गया था | अचानक हमारे कमरे की खिड़की पर बहुत सारे कबूतर आ… Read More ›

मैंने देखा एक सपना

हम सब लोग सपने देखते है और सपने में अजीब अजीब चीज़ देख लेते है | इसका कारण कुछ ठीक – ठीक पता नहीं चलता है | कुछ लोग कहते है  कि सपनो में हम अपूर्ण इच्छाओं को पूर्ण होते… Read More ›