दोस्तों जीवन चुनौती पूर्ण हो सकता है, और यह भी संभव है कि कभी – कभी हम दुख तकलीफ को देख कर घबरा जाते है | ऐसा भी नहीं है कि हमारे चाहने मात्र से खुशी मिल जाए। दैनिक जीवन… Read More ›
#जीवन
#मैं हँसता क्यों हूँ ?
दोस्तों, हँसना – हँसाना हमारी फितरत है | हमें भगवान ने एक विशेष गुण दिये है, कि जब हम खुश होते हैं तो हँसते है | हम अपनी भावनाओं को हंसी के द्वारा प्रकट करते है | यही तो अंतर… Read More ›
#मुस्कुराने की कीमत #
तू रूठा – रूठा सा लगता है,कोई तरकीब बता मनाने की,मैं ज़िन्दगी गिरवी रख दूंगा,तू क़ीमत बता मुस्कुराने की. प्रकृत्ति के ऐसे तीन अटूट नियम जो सार्वजनिक सत्य है | इसे झुठलाया नहीं जा सकता है। प्रकृत्ति का पहला नियम :… Read More ›
#अभी तो मैं जवान हूँ#
यह तो सार्वजनिक सत्य है कि आदमी जब पैदा होता है, तो वह कभी बचपन, कभी जवानी और उसी तरह बुढ़ापा में प्रवेश करता है | अब यह हमारे ऊपर निर्भर करता है कि हम इसे कैसे अनुभव करें |… Read More ›
#हर सपना साकार हो #
हर इंसान जिंदगी में एक सपना देखता है | ज़िन्दगी में रंग भरने के लिए सपना का होना बहुत जरूरी हैं | हमारा भी एक सपना है जो हमेशा मेरे दिल के करीब रहता है । सपने पुरे हो जाए यह… Read More ›
सकारात्मक विचार –18
अभी हारा नहीं हूं मैं, एक और मौका मिला है मुझे। लड़ रहा हूँ चुनौतियों से, सफल होकर दिखाऊंगा तुझे। तू क्या समझता है मुझे ? खो दूंगा मैं अपना हौंसला। रोते रहूंगा बैठ कर हर पल, मायूस होकर मन… Read More ›
#चलो हँसाते है #
ज़िन्दगी के छोटी छोटी खुशियों का जश्न मनाते है , चलो आज हम मुसकुराते है लोगों के द्वारा दिये गए ज़ख़्मों को भुलाते है , चलो यार आज ठहाका लगाते है आज मेरी खुशियों से हो गई है अनबन, चलो आज हम उसे प्यार मनाते… Read More ›
खुश रहें और स्वस्थ रहे #
दोस्तों ज़िंदगी मिली है तो हमे हमेशा खुश रहना चाहिए, ताकि हम सही मायने में जीवन के अर्थ को समझ सकें । कोई भी व्यक्ति यह नहीं जनता है कि वह पैदा क्यों हुआ है, लेकिन अगर वह खुश रहता… Read More ›
# प्रेम की परिभाषा #
दोस्तों , एक सप्ताह पहले मुझे कोलकाता के मिलेनियम पार्क (Millenium Park) में जाने का मौका मिला | दरअसल, हमारे एक पुराने मित्र मुंबई से कोलकाता आए हुए थे और पास के ही एक होटल में ठहरे हुए थे |… Read More ›
#मुर्ख कौन ?
दोस्तों, आज कल हम बिहार दिवस पखवारा मना रहे है | हमारे मन में विचार आया कि आज एक लोक कथा की चर्चा की जाए | मुझे अपनी बचपन की याद आ रही है जब ऐसी लोक कथाएं मेरी माँ… Read More ›