This is a beautiful poem that explores the ups and downs of life. It talks about the emotions of sadness and joy, and how they are both important parts of our journey. The poem with emotional words shows the depth… Read More ›
#जीवन
# वो अनजानी लड़की #
आज के इस ब्लॉग की बात ही कुछ अलग है, क्योकि इसमें मैं अपने एक सहपाठी के जीवन में घटी सच्ची घटना का वृत्तांत आप सबों के समक्ष प्रस्तुत करने जा रहा हूँ … आज की परिवेश में अगर इस… Read More ›
#हर ब्लॉग कुछ कहता है –5
मन और मस्तिष्क… हमारा मन मस्तिष्क की उस क्षमता को कहते है , जो हमें चिंतन-शक्ति, स्मरण –शक्ति , निर्णय शक्ति , बुद्धि भाव, एकाग्रता, व्यवहार कुशल, होने में मदद करती है | लोग कहते है मन बड़ा चंचल होता… Read More ›
# एक कहानी सुनो #
किसी ने खूब कहा है कि अगर आवाज़ ऊँची हो तो कुछ लोग सुनते है और अगर बात ऊँची हो तो बहुत लोग सुनते है | मैं यहाँ एक छोटी परन्तु बड़े मजेदार कहानी सुनाना चाहता हूँ | एक लड़का… Read More ›
# जीवन संघर्ष से सिख #
मेरी यह कविता जीवन की लहरों में हार और जीत की मिलकर बनी कहानी सुनाती है | यह संघर्ष की महत्वपूर्ण सिख को साझा करती है। हमें याद दिलाती है कि जीवन की मुश्किलों से गुजरने से ही हमारी व्यक्तिगत… Read More ›
# मैं तेरी राधा #
मुझे लग रहा था कि वो पिंकी ही है | उसका चेहरा, उसकी आँखे, बात करने की अदा, उसी तरह बोलना, कुछ भी तो नहीं बदला है | हाँ, एक चीज मैंने नोटिस किया कि उसके चेहरे पर पहले जैसी… Read More ›
# मानव सेवा – सच्ची सेवा #
हम सब अपनी ज़िन्दगी में सेवा भाव रखते है और किसी न किसी रूप में अपनी सेवा देते है | चाहे वो पैसा कमाने के बदले अपनी नौकरी के तहत हो या किसी अन्य क्षेत्र में | हकीकत में सेवा… Read More ›
# बोध गया दर्शन #
दोस्तों, हम बिहार दर्शन के तहत बिहार के कुछ दर्शनीय स्थान के बारे में जानकारी शेयर करते रहते है | इस कड़ी में आज हम बोध गया के बारे में चर्चा करना चाहते है | बिहार का गौरवशाली इतिहास रहा… Read More ›
# चाय के साथ #
दोस्तों, आज कल अकेलापन बुजुर्गों की सबसे बड़ी समस्या बन गयी है | वैसे तो बुढापा अपने आप में खुद एक बहुत बड़ी समस्या है | शरीर साथ छोड़ने लगता है, याददाश्त और सहनशक्ति बहुत कम हो जाती है | तरह तरह की… Read More ›
# कर्म बड़ा या भाग्य ?
दोस्तों, आज मुझे अपने बचपन के दिनों का वाकया याद आ रहा है | तब मैं स्कूल में पढ़ता था | दोपहर में स्कूल से आने के बाद खाना खा कर सो जाया करता था | शाम के समय मुझे … Read More ›