#जीवन

#आईना झूठ नहीं बोलता# 

मैं अकसर आईने की तरफ देख कर मुसकुराता हूँ तो मुझे लगता है कि आईना मुझसे कह रहा है कि  मैं मुसकुराता हुआ अच्छा लगता हूँ | मैं उससे  जानना चाहता हूँ कि कितना ?  लेकिन आईना  कुछ बता नहीं… Read More ›

# कभी ख़ुशी-कभी गम # 

 हेलो फ्रेंड्स   यह सही है कि नौकरी करने के दौरान बहुत सारी सुखद और दुखद घटनाये घटित होती है, जो अपने दिलो दिमाग में घूमता रहता है | लोग कहते है कि सुखी जीवन जीना है तो दिमाग में… Read More ›

# कौन हो तुम ?

इस कविता में कवि एक विशेष व्यक्ति (प्रियतम )को अपने ख्यालो में ढूंढ रहा है, लेकिन उनका पता नहीं होता कि वे कौन हैं या कहाँ हैं। यह कविता प्यार और आशा की भावनाओं को दर्शाती है जो एक व्यक्ति… Read More ›

Forgiving Hearts

This is a heartfelt poem that explores the theme of forgiveness and healing. The verses delve into the idea that holding onto past hurts and resentments only weighs us down, and that true liberation comes from forgiving those who have… Read More ›

# टीचर्स डे मनाते है #

शिक्षकों के सम्मान में, डॉ. एस. राधाकृष्णन ने ठीक ही कहा था,– ‘मेरा जन्मदिन मनाने के बजाय, यह मेरे लिए गर्व की बात होगी कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए। आज टीचर्स day है और इस अवसर… Read More ›

#प्रकृति, मेरी आत्मा #

यह कविता प्रकृति की सुंदरता और शांति के  भाव प्रकट करता है । उसके  हरियाली, झरने, वादियों, हवा, पहाड़ियों, ढलानों, रेत के किनारों, पक्षियों की चहचहाहट, और इसकी  सुंदरता और आकर्षण को उजागर करता है। कवि, प्रकृति को अपने प्यार… Read More ›

# ऐ मेरी ज़िंदगी # 

वैसे तो ज़िन्दगी से हर किसी  को कुछ न कुछ शिकायत रहती है, फिर भी ज़िन्दगी के मोह स बंधा रहता है |   यह जो ज़िन्दगी है उसमे  मुसीबतें तो आती रहती है,  लेकिन हमें हार नहीं मानना  चाहिए,… Read More ›

# हम भी गुलाम है # 

गुलाम हुआ है इंसान कुछ इस कदर मोबाइल का रिश्ते मिलने को तरसते है, चाय के टेबल पर | यह सच है दोस्तों कि आज कल एक छोटी सी निर्जीव वस्तु ने हम सब को अपना गुलाम बना रखा है… Read More ›