#जीवन

#खोया हुआ प्यार #

यह कविता खोए हुए प्यार और क्षमा की भावनाओं को व्यक्त करती है। रचनाकार जो अपने प्रियजन के उदास चेहरे को देखकर भावुक हो जाता है, और गलतियों के लिए माफी मांगता है, हालांकि वह जानता है कि शब्द घावों… Read More ›

# बेरुखी का दर्द #

यह कविता अपनों की बेरुखी और रिश्तों में बदलाव के दर्द को व्यक्त करती है। कविता में, कवि अपनों से मिलने वाले दर्द और अपने अकेलापन का वर्णन करता है। इस सच से दुखी है कि बड़े बुजुर्ग जो कभी… Read More ›

# मैं मजबूर हूँ # 

मैं पटना के अशोक राजपथ ब्रांच में अभी अभी कार्यभार  संभाला था और बैंक डिपाजिट का टारगेट पूरा करने के लिए काफी दबाब था | तब मेरे एक स्टाफ ने सुझाया कि बिजली विभाग में काफी फण्ड रहता है और… Read More ›

# बुड्ढा मिल गया # 

नवीन  आज कल बहुत खुश था | उसका तरकीब काम कर गया, जिसके कारण हमारा बैडमिंटन ( badminton) खेलने का कार्यक्रम लगभग बंद ही  हो गया था |  इसके दो कारण थे …. पहला यह कि अब मुझे खाना बनाने… Read More ›

# हम धमाल  करते थे #  

बचपन  के दिनों को आज भी जब याद करते हैं तो उस मासूम से प्रेम का एहसास होता है जो उस समय हम दोस्तों के बीच हुआ करता था । उन दिनों की याद आज भी मन को उल्लासित करती… Read More ›

# खोया हुआ सुख #

यह कविता एक परिवार की कहानी है, जो कभी खुशियों से भरा हुआ था, लेकिन अब सन्नाटे में डूबा हुआ है। बच्चों की किलकारी और बुजुर्गों की बातें गायब हो गई हैं| सब मोबाइल की दुनिया में खो गए हैं।… Read More ›

# गुज़रा हुआ ज़माना # 

बचपन के दिन किसी भी व्यक्ति के जीवन के बड़े महत्वपूर्ण दिन होते हैं । हम सभी अपने बचपन में चिंतामुक्त जीवन जीते थे  । खेलने उछलने-कूदने, खाने-पीने में बड़ा आनंद आता था । माता-पिता, दादा-दादी तथा अन्य बड़े लोगों… Read More ›

# बेरुखी का दर्द #

यह कविता एक व्यक्ति के दर्द को दर्शाती है, जो अपने परिवार की बेरुखी से आहत है। वह अपनों से दूर होता जा रहा है, और उसे लगता है कि उसने अपना सब कुछ खो दिया है। कविता में दादाजी… Read More ›

# मेरे आशावादी एहसास # 

हर इंसान के अन्दर दो तरह के विचार पलते रहते है | .. जब सकारात्मकता हावी हो जाता है तो वह  आशावादी हो जाता है और जब कभी नकारात्मकता हावी हो जाता है और वह इंसान निराशावादी बन जाता है… Read More ›

# रोटी की कहानी #

चार दोस्त रोज सुबह-शाम एक साथ पार्क में घूमते  और गपशप करते | कभी – कभी वे सब पास के मंदिर में  जाते और भगवान को शुक्रिया अदा करते कि उनकी बुढ़ापे की ज़िंदगी ठीक से कट रही है |… Read More ›