#खुशी

“मन की बातें”

इस चित्र-प्रेरित कविता में एक नारी की मौन संवेदनाओं को उजागर किया गया है। वह अपने भीतर समाए भावों को शब्दों के बिना एक नन्हे पंछी के माध्यम से साझा करती है। यह रचना जीवन की नीरव पीड़ा, आशा की… Read More ›

“दिल के तहखानों में…”

यह कविता आत्मा की उस यात्रा की कहानी है जहाँ जीवन की ठोकरें, अकेलापन और टूटे सपनों ने एक व्यक्ति को तोड़ा नहीं, बल्कि उसे भीतर से और भी मजबूत किया। यह कविता हमें सिखाती है कि हर दर्द, हर… Read More ›

# क्या यही प्यार है?

प्रेम का अर्थ केवल साथ होना नहीं, बल्कि उसकी यादों में खो जाना भी है। कभी मुस्कुराहट में, कभी अश्रु में, तो कभी खामोश दुआओं में —इस कविता मे उन नन्ही-नन्ही भावनाओं का चित्रण करने की कोशिश है, जब दिल… Read More ›

# यादों की उलझन #

यह कविता “यादों की उलझन “ उन भावनाओं की सजीव प्रस्तुति है जो हमारे मन में बसी रहती हैं—पुराने रिश्तों की कसक, अधूरी बातों की टीस और उन लम्हों की छाप जो कभी लौटकर नहीं आते। यह रचना हर उस… Read More ›

# यादों की उड़ान #

“यादों की उड़ान” एक भावनात्मक कविता है, जो बीते रिश्तों, अधूरी बातों और दिल में छुपी खामोशियों की कहानी बयां करती है। यह कविता पुराने दिनों की गलियों में चुपचाप घूमते हुए उन यादों को महसूस करता है, जिन्हें समय… Read More ›

हँसी के इंजीनियर – श्री वर्मा जी! 😜

हँसी के इंजीनियर – श्री वर्मा जी!” एक हल्की-फुल्की हास्य कविता है जो हमारे जीवन के उन पलों को दर्शाती है, जब हम गंभीरता को अलमारी में बंद करके, ठहाकों की चाबी घुमा देते हैं।यह कविता एक रिटायर्ड लेकिन ज़िंदादिल… Read More ›

#क्यों लिखता हूँ रोज़ ?

लिखना मेरे लिए सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि आत्मा की अभिव्यक्ति है। यह मेरा तरीका है अपने एहसासों को जीने और उन अनकही भावनाओं को शब्द देने का, जो अक्सर दिल में रह जाती हैं। हाँ, लिखना मुझे खुद से… Read More ›