#खुशी

# सांझ की बेला में…

यह तस्वीर हमें सिखाती है कि जीवन की आपाधापी के बाद, किसी शांत दोपहर में किसी अपने के साथ बैठकर सिर्फ “होना” भी कितना खूबसूरत होता है। यह क्षण शायद शब्दों से परे है — पर कविता ने उसे थोड़ा… Read More ›

# धन्यवाद ज़िंदगी #

जीवन की सच्चाई का आईना जीवन हमें हर रोज़ कुछ न कुछ सिखाता है — कभी दुलार, कभी तकरार, कभी दुआ, तो कभी ठोकर। यह कविता उन सभी अनुभवों को समर्पित है जिन्होंने हमें मजबूत बनाया, संवेदनशील बनाया, और इंसान… Read More ›

# जीवन यूँ  ही चलता है। #

बहुत लोग आज कल इसी में खुश है कि 2 वक़्त कि रोटी के लिए उनके पास काम (नौकरी) है, सुबह जल्दी उठकर ऑफिस चले जाना, रात को देर तक वापस घर आना और फिर थोड़ा TV देखकर सो जाना।… Read More ›

“मन की बातें”

इस चित्र-प्रेरित कविता में एक नारी की मौन संवेदनाओं को उजागर किया गया है। वह अपने भीतर समाए भावों को शब्दों के बिना एक नन्हे पंछी के माध्यम से साझा करती है। यह रचना जीवन की नीरव पीड़ा, आशा की… Read More ›

“दिल के तहखानों में…”

यह कविता आत्मा की उस यात्रा की कहानी है जहाँ जीवन की ठोकरें, अकेलापन और टूटे सपनों ने एक व्यक्ति को तोड़ा नहीं, बल्कि उसे भीतर से और भी मजबूत किया। यह कविता हमें सिखाती है कि हर दर्द, हर… Read More ›