यह कविता टूटे हुए सपनों की पीड़ा और उनसे उबरने की एक मार्मिक अभिव्यक्ति है। यह रचना हमें सिखाती है कि चाहे जितना भी टूट जाए, फिर से ख्वाब बुनना और ज़िंदगी को दोबारा सजाना हमेशा संभव है। टूटे सपनों… Read More ›
#खुशी
# सांझ की बेला में…
यह तस्वीर हमें सिखाती है कि जीवन की आपाधापी के बाद, किसी शांत दोपहर में किसी अपने के साथ बैठकर सिर्फ “होना” भी कितना खूबसूरत होता है। यह क्षण शायद शब्दों से परे है — पर कविता ने उसे थोड़ा… Read More ›
# धन्यवाद ज़िंदगी #
जीवन की सच्चाई का आईना जीवन हमें हर रोज़ कुछ न कुछ सिखाता है — कभी दुलार, कभी तकरार, कभी दुआ, तो कभी ठोकर। यह कविता उन सभी अनुभवों को समर्पित है जिन्होंने हमें मजबूत बनाया, संवेदनशील बनाया, और इंसान… Read More ›
# जीवन यूँ ही चलता है। #
बहुत लोग आज कल इसी में खुश है कि 2 वक़्त कि रोटी के लिए उनके पास काम (नौकरी) है, सुबह जल्दी उठकर ऑफिस चले जाना, रात को देर तक वापस घर आना और फिर थोड़ा TV देखकर सो जाना।… Read More ›
“मन की बातें”
इस चित्र-प्रेरित कविता में एक नारी की मौन संवेदनाओं को उजागर किया गया है। वह अपने भीतर समाए भावों को शब्दों के बिना एक नन्हे पंछी के माध्यम से साझा करती है। यह रचना जीवन की नीरव पीड़ा, आशा की… Read More ›